रियल टाइम रिपोर्टिंग से जान पाएंगे ट्रेन के रूट की सटीक जानकारी
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ मिलकर रेलवे रियल टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली (आरटीआईएस) से इंजन को लैस करेगा। यानि अब ट्रेनों की रियल टाइम रिपोर्टिंग होगी। यह यात्रियों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
इससे यात्रियों को विभिन्न रूट पर चलने वाली ट्रेनों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। रेलवे को इससे ट्रेनों की मॉनिटरिंग करने में भी सुविधा मिलेगी। दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-गुवाहाटी राजधानी ट्रेन के इंजनों में सफल परीक्षण के बाद यह निर्णय लिया गया।
पहले फेज में रेलवे 2700 इलेक्ट्रिक इंजन में जीपीएस सिस्टम लगाएगी। जीपीएस डिवाइस को लगाने का लक्ष्य दिसंबर तक रखा गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार राजधानी ट्रेनों में परीक्षण के दौरान ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान में 99.3 प्रतीशत सटीक जानकारी मिली। इस डिवाइस से ट्रेनों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
कोहरे के दौरान नहीं होगी परेशानी
यदि कोई ट्रेन लेट हो रही है तो उस ट्रेन के डिवाइडर से सीधा संपर्क स्थापित कर कंट्रोल रूम जानकारी हासिल कर सकेगा। अकसर यह देखा जाता है कि कोहरे के दौरान यात्रियों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन इस डिवाइस के लग जाने से कोहरे के दौरान यात्रियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
जब ट्रेन घंटों देरी से चलती हैं तो ट्रेनों को परिवर्तित समय से चलाना एक मजबूरी बन जाती है। जिस कारण यात्रियों को अमूमन अनुमान लगाकर ही जानकारी दी जाती है कि उनकी ट्रेन कितनी देरी से रवाना होगी। इस डिवाइस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि समय-सारणी डिस्पले बोर्ड पर सटीक जानकारी मिल सकेगी।
साथ ही स्टेशनों पर उद्घोषक और पूछताछ केंद्रों पर भी यात्रियों को ट्रेनों की सही जानकारी मिलेगी। यह तकनीक जियो समवर्धित नेविगेशन प्रणाली पर काम करेगी। रियल टाइम रिपोर्टिंग के आने से ट्रेनों के लेट होने पर 139 से भेजे जाने वाले मैसेज में भी किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होगी।