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अलविदा स्वर कोकिला: जानिए कैसा रहा लता मंगेशकर का राजनीतिक सफर, कई हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

Mon, 07 Feb 2022 04:26 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 07 Feb 2022 04:26 AM IST
सार

आवाज और गायकी की दुनिया की किंवदंती लता मंगेशकर के जाने से उनके करोड़ों प्रशंसक शोकाकुल हैं। इस महान स्वर के खामोश होने पर राजनीति और कला जगत सहित उनके चाहने वालों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपनी पीड़ा को व्यक्त किया है।

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Know how Lata Mangeshkar political journey was and from politicians to actors paid tribute
लता मंगेशकर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बॉलीवुड समेत अन्य कई भाषाओं में अपने गानों से सभी को दीवाना बनाने वालीं लता मंगेशकर हमारे बीच नहीं रहीं। अपनी आवाज से हर किसी का दिल छू जाने वाली लता मंगेशकर की आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है। दुनिया को अलविदा कह चुकीं लता जी अब अपने गानों के जरिए हमारे बीच मौजूद रहेंगी।

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बतौर सांसद कभी सक्रिय नहीं रहीं पर पोटा के खिलाफ वोट दिया
लता मंगेशकर राज्यसभा सांसद भी रहीं, लेकिन वह कभी सक्रिय नहीं रहीं। हालांकि 2002 में उन्होंने आतंकवाद रोकथाम विधेयक (पोटा) के पक्ष में वोट दिया था जो बाद में संसद के संयुक्त सत्र में पास हुआ था। लता मंगेशकर को नवंबर 1999 में उच्च सदन में  मनोनीत किया गया था। 
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उन्होंने 21 नवंबर, 2005 में अपना कार्यकाल पूरा किया था। 
तत्कालीन संसदीय कार्यमंत्री प्रमोद महाजन पोटा अध्यादेश के स्थान पर कानून लाना चाहते थे और उसके लिए वह अधिकतर सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करना चाहते थे। लता ने बिरले ही संसद की कार्यवाही में भाग लिया। वह संसद के लिए खुद को अनुपयुक्त मानती थीं, लेकिन पोटा बिल पर उन्होंने मतदान में हिस्सा लिया था। महान गायिका का संसद से जुड़ाव राज्यसभा तक ही सीमित नहीं था। 
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उन्होंने आजादी की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर भी संसद के केंद्रीय कक्ष में कार्यक्रम का हिस्सा रहीं। 14-15 अगस्त, 1997 की दरमियानी रात के सत्र में लता जी की सारे जहां से अच्छा ओर पंडित भीमसेन जोशी की वंदे मातरम की प्रस्तुतियों ने सांसदों को रोमांचित कर दिया था। 

महान स्वर के खामोश होने से पूरा कला जगत शोकाकुल
आवाज और गायकी की दुनिया की किंवदंती लता मंगेशकर के जाने से उनके करोड़ों प्रशंसक शोकाकुल हैं। इस महान स्वर के खामोश होने पर राजनीति और कला जगत सहित उनके चाहने वालों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपनी पीड़ा को व्यक्त किया है। लोगों ने कहा कि वह अपने संगीत के जरिये हमेशा लोगों के दिलों में रहेंगी। कैलाश खेर ने कहा कि लता दीदी का भारत में पैदा होना हमारे लिए ईश्वरीय उपहार था।

भारत ने अपनी आवाज खो दी : नायडू
भारतीय सिनेमा की बुलबुल और ‘संगीत रत्न’ के जाने से भारत ने अपनी आवाज खो दी है। उन्होंने अपने मधुर और उदात्त आवाज से भारत ही नहीं, दुनियाभर के संगीत प्रेमियों को कई दशकों तक रोमांचित किया। - एम वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति

महान गायिका ने संगीत की दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी आवाज में गाया राम भजन 1990 में मेरी रथयात्रा की प्रमुख धुन थी। वह संगीत प्रेमियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी। मेरे पसंदीदा गायकों में वह सबसे प्रिय थीं। मेरे साथ उनके लंबे जुड़ाव से मैं खुद को  गौरवान्वित महसूस करता हूं। लालकृष्ण आडवाणी, भाजपा नेता

अंतिम सांस तक समर्पित : शाह
यह पूरे देश खासकर संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। इस शून्यता को भर पाना असंभव है। वह अपनी अंतिम सांस तक संगीत के लिए समर्पित रहीं। सात दशकों तक उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत और फिल्म संगीत को अलंकृत किया। मैं उनसे बेहद करीब से जुड़ा रहा और कठिन समय में उन्होंने मेरा साथ दिया। - अमित शाह, गृहमंत्री

किंवदंती के जाने की खबर से गहरा धक्का लगा। भारत की सुर साम्राज्ञी के जाने से हमारी सामूहिक चेतना में एक शून्य पैदा हो गया है। वह अपने गानों से अनंतकाल तक जीवित रहेंगी। शोक संतप्त परिवार के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। - नवीन पटनायक, मुख्यमंत्री ओडिशा

अमर आवाज
उनके जाने से सभी शोकाकुल हैं। उनकी सुरीली आवाज अमर है। उनकी आवाज ने भाषा, क्षेत्र, जाति, मत और धर्म का बंधन तोड़ दिया था। वह एक उत्सुक फोटोग्राफर भी थीं और उन्हें अच्छे कैमरे और लेंस की समझ थी। वह हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी।  - उद्धव ठाकरे, मुख्यमंत्री महाराष्ट्र

देश की शान
वह हमारे देश की शान थीं। उन्होंने अपनी गायकी से देश को दुनिया की नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उनका जाना हम सब के लिए बहुत बड़ा नुकसान और रिक्तता है। - नितिन गडकरी, केंद्रीय परिवहन मंत्री

वह देश की आवाज थीं : जयशंकर
इस दुखद सूचना से गहरा दुख पहुंचा है। जब से मुझे याद है वह देश की आवाज थीं। यह सच में एक युग का अंत है। - एस जयशंकर, विदेशमंत्री

शब्दों में बयान कठिन : भागवत
उनके जाने की पीड़ा और शून्यता न केवल मेरे बल्कि सभी भारतीयों के दिल में है। इसे शब्दों में बयान करना कठिन है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिका होने के बावजूद वे किसी भी गीत को गाने से पहले वैसी ही तैयारी और अभ्यास करतीं, जैसा 13 साल की उम्र में गाने से पहले करती रही होंगी। उनके निजी, पारिवारिक और सामाजिक व पेशेवर जीवन के प्रति उनकी तपस्या और व्यवहार में सुचिता व साधना सभी के लिए एक उदाहरण है। - मोहन भागवत, संघ प्रमुख

युग का अंत : सोनिया
स्वर कोकिला की मधुर आवाज के खामोश होने की खबर से स्तब्ध हूं। इसके साथ ही एक सदी का अंत हो गया। उनके देशभक्ति के गीत और संघर्षपूर्ण जीवन पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी। - सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

वह कई दशकों तक भारत की सबसे प्रिय आवाज रहीं और उनकी अमिट स्वर्णिम आवाज उनके चाहने वालों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी। - राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

हर शख्स मंत्रमुग्ध हुआ : आजाद
ऐसी शख्सियतें हजार साल में केवल एक पैदा होती हैं और लता जी उनमें से एक थीं। हमारे देश का कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है, जो उनकी गायकी से अछूता हो। उनकी आवाज से हर व्यक्ति मंत्रमुग्ध हुआ है। - गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस नेता

पूरी दुनिया के उनके करोड़ों प्रशंसकों की तरह मैं भी उनकी आवाज और प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध थी। बंगाल और पूर्वी भारत के कलाकारों को उन्होंने जो स्नेह दिया उसके लिए मैं कृतज्ञ हूं। - ममता बनर्जी, सीएम पश्चिम बंगाल

वह अपनी सुरीली और अमिट आवाज के साथ हमेशा जीवित रहेंगी। - शरद पवार, एनसीपी अध्यक्ष

200 फिल्मों में काम करने का सौभाग्य : हेमा
6 फरवरी हमारे लिए काला दिन है। हमें खुशियां और गानों के खजाने देने वाली दिव्य चरित्र, भारत की बुलबुल लता जी अब हमें छोड़कर स्वर्ग में अपना दैवीय स्वर-संगीत जारी रखेंगी। मेरे लिए यह व्यक्तिगत क्षति जैसा है। उनके साथ मैंने 200 फिल्मों में काम किया, भाग्यशाली हूं कि उनके गाये हिट गीतों पर परफॉर्म करने का अवसर मिला। वे एक बहुत बड़ी कलाकार और व्यक्तित्व थीं। - हेमा मालिनी

दैवीय संयोग
लता जी केवल मनुष्य नहीं, ईश्वर का साकार रूप थीं। उनका भारत में पैदा होना हमारे लिए ईश्वर का उपहार था। मुझे गर्व होगा कि मैंने उनके समय को देखा, उसमें जन्मा। मैं जब भी उनसे मिला, वे एक देवी जैसी मुस्कुराहट के साथ नजर आईं, उनकी आवाज में प्रेम था। यह दैवीय संयोग है कि कल सरस्वती पूजा थी और आज (रविवार) उन्होंने विदा ले ली। एक और संयोग है कि आज जब पूरा विश्व उनके जाने पर रो रहा है, कवि प्रदीप की जन्मतिथि भी है। जिन्होंने ए ‘मेरे वतन के लोगों’ जैसा गीत लिखा था, जिसे लता जी ने गाया। वे आने वाली सदियों में भारत को प्रेरित करती रहेंगी। जब देशभक्ति या ईश्वर की बात होगी उनके गीत प्रेरणा बनेंगे। हमारे सपनों, सचाई, वास्तविकता, सभी जगह लता जी हमेशा रहेंगी। - कैलाश खेर, गायक

औषधि की तरह
सबसे दुखी हृदय वाले ही अक्सर सबसे ज्यादा मुस्कुराते चेहरे रखते हैं। आशा भोसले जी को अपनी बहन के जाने से हुई क्षति को मैं उनके चेहरे की दुखी मुस्कुराहट में महसूस कर सकता हूं। मेरे लिए उनसे लता दीदी के बारे में बात करना किसी औषधि जैसा होता था। मेरे भी चेहरे पर उनके जैसी कुछ मुस्कुराहट, कुछ आंसू हैं। - अनुपम खेर, अभिनेता

एक मुलाकात ने बदल दी जिंदगी : रहमान
यह हम सब के लिए बेहद आहत करने वाला दिन है। वह न केवल एक गायिका और एक सितारा थीं, बल्कि वह भारतीयता की चेतना, हिंदुस्तानी संगीत, हिंदी, उर्दू, बांग्ला और अन्य भाषाओं के गीतों का हिस्सा थीं।  - ए आर रहमान, संगीत निर्देशक

पूरी दुनिया शोकाकुल है। विश्वास नहीं होता कि आप हम सब को छोड़कर चली गई हैं। आप हम सबको बहुत याद आएंगी। - धर्मेंद्र,

आवाज मंदिर की घंटी : साजन मिश्रा
यह दुखद समय है। मुझे उनसे कई मौकों पर व्यक्तिगत रूप से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। एक बार ग्रीन रूप में उन्होंने मुझसे नाश्ते के लिए पूछा था और मैंने महसूस किया कि उनकी आवाज मंदिर की घंटी की तरह थी। - साजन मिश्रा, शास्त्रीय संगीत गायक

मैं लता जी के जीवन का हिस्सा होने पर खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं। उन्होंने हमेशा मुझ पर अपना स्नेह और आशीर्वाद रखा। उनके जाने से मेरा एक हिस्सा चला गया है। वह हमेशा अपने संगीत के जरिये हमेशा हमारे दिलों में रहेंगी। - सचिन तेंदुलकर, पूर्व क्रिकेटर


हमारी पहचान उन्हीं से
मुझे समझ नहीं आ रहा कैसे बताऊं कि इस समय मेरा परिवार कैसा महसूस कर रहा है। हम सब स्तब्ध हैं। मेरे पिता के लिए संगीत का आरंभ उन्हीं से था और अंत भी। उन्हें सांत्वना नहीं दे सकता। लता दीदी देवी थीं, साक्षात सरस्वती, जिनकी वे पूजा करते थे। मुकेश परिवार की चार पीढ़ियों ने उन्हें प्रेम किया है, तीन ने उनके साथ काम किया है, हमारी पहचान उन्हीं से है। मेरा नाम भी उन्होंने ही  रखा था। - नील नितिन मुकेश, अभिनेता

लाखों सदियों की आवाज हमें छोड़ गई
वे हमें छोड़ गईं... लाखों सदियों की आवाज हमें छोड़ गई... उनकी आवाज अब स्वर्ग में गूंजेगी! उन्हें शांति और स्थिरता के लिए प्रार्थना।
- अमिताभ बच्चन, फिल्म कलाकार

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