फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kisan kranti yatra Prime Minister can handle himself for commemorating farmers

अन्नदाता ने फुलाए सरकार के हाथ-पांव, निबटने के लिए पीएम खुद संभाल सकते हैं कमान

Tue, 02 Oct 2018 11:17 AM IST
शशिधर पाठक/हरेन्द्र, नई दिल्ली
शशिधर पाठक/हरेन्द्र, नई दिल्ली Updated Tue, 02 Oct 2018 11:17 AM IST
विज्ञापन
kisan kranti yatra Prime Minister can handle himself for commemorating farmers
kisan rally
प्रधानमंत्री कार्यालय सूत्र के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली की तरफ आंदोलन के लिए कूच कर रहे किसानों की पल-पल जानकारी ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री सचिवालय भी किसानों के आंदोलन को लेकर सक्रिय है। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी कैबिनेट के आधा दर्जन मंत्री इस मामले में सक्रिय हैं।
विज्ञापन


केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वित्तमंत्री अरुण जेटली, स्टील मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह, गजेन्द्र सिंह शेखावत समेत सरकार के कई विभाग डैमेज कंट्रोल की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
विज्ञापन


सरकार की आशंका इस आंदोलन को लेकर मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र समेत देश के अन्य भागों के किसानों के शामिल होने तथा पूरे देश के किसान संगठनों के समर्थन को लेकर ज्यादा गंभीर है। समझा जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद जल्द से जल्द किसान आंदोलन से पैदा हुई समस्या की कमान संभाल सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंगलवार को 12 बजे दिन में किसान नेताओं की फिर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता होनी है। केन्द्र सरकार चाहती है कि किसी भी दशा में किसान गाजियाबाद, उ.प्र.  की सीमा से दिल्ली से दिल्ली में प्रवेश न करने पाएं। मामले को सीमा पर ही सुलझा लिया जाए। इसके लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से लगातार समस्या के समाधान के प्रयास जारी हैं। इस बीच केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अर्ध सैनिक बलों को तैयार रहने के लिए कह दिया है।

उधर किसानों की तरफ से किसान नेता युद्धवीर सिंह काफी सक्रिय हैं। सरकार से बातचीत में राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह की भूमिका प्रमुख है। भाकियू नेता राकेश टिकैत अस्वस्थता के कारण बातचीत में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। सरकार किसानों की मांग सुन रही है, उनसे ज्ञापन ले रही है, लेकिन किसान की मांगों को पूरा करने, विचार करके मांगो को मानने के लिए आश्वासन देने हेतु समय की मांग कर रही है।

kisan kranti yatra Prime Minister can handle himself for commemorating farmers
kisan kranti rally - फोटो : pti
क्या चाहते हैं सरकार से किसान

-सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर किसान की फसल खरीदने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो। स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को पूरी तरह से लागू किया जाए।
-राज्य सरकार की तरह केन्द्र सरकार भी किसानों की कर्ज माफी का कदम उठाए।
-मनरेगा को खेती-बाड़ी से जोड़ा जाए।
-किसानों को होने वाले भुगतान को डिजिटल पेमेंट से जोड़ा जाए।
-किसानों के लिए पेंशन, फसल बीमा योजना को प्रभावी बनाया जाए।
-खेती-बाड़ी जुड़े मंत्रालयों की नोडल एजेंसी बनाई जाए। अभी खेती किसानी से जुड़े काम-काज एक दर्जन से अधिक मंत्रालय से संचालित होते हैं। किसान यूनियन का मानना है कि इसके चलते किसानों से जुड़ी समस्या का निबटारा नहीं हो पाता।
-किसानों को दो सप्ताह के भीतर गन्ना का बकाया सीधे उनके बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
-किसानों के लिए राज्य में मुफ्त बिजली दी जाए।
-भूमि अधिग्रहण अधिनियम में किसी तरह का बदलाव न हो।
-खेती खलिहानी के कामकाज में लगे वाहनों की आयु के लिए कोई समय सीमा न निर्धारित की जाए।

kisan kranti yatra Prime Minister can handle himself for commemorating farmers
kisan rally - फोटो : vivek nigam
सरकार की तैयारी

-केन्द्र सरकार किसान की नाराजगी का संदेश देशभर में फैलने का खतरा नहीं मोल लेना चाहती। इसलिए किसान यात्रा को रोकने, किसानों की समस्या का समाधान करने तथा किसानों के प्रति सरकार के उदार बने रहने का संदेश देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

-उत्तर प्रदेश की दिल्ली से लगती सीमा पर धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस और प्रशासन ट्रैक्टर, बैलगाड़ी, बुग्गी गाड़ी आदि के दिल्ली में न घुसने देने का लगातार संदेश दे रहा है।

-बात न बनने, किसानों के किसान घाट तक जाने के लिए अड़ने और उत्तर प्रदेश की सीमा पर डेरा डाल देने से पैदा होने वाली स्थिति का आकलन करके सरकार आगे की रणनीति पर विचार कर रही है।
-केन्द्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार समेत अन्य के तालमेल समस्या का समाधान तलाशने की पहल हो रही है।

नहीं मानेगी सरकार तो कूच करेंगे दिल्ली - राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार यदि मांगे नहीं मानेगी तो किसान घाट तक कूच करने के लिए हम तैयार हैं। पूरी तैयारी से दिल्ली के किसान घाट तक के लिए निकले हैं। हमारी लड़ाई अहिंसक और पूरी तरह से लोकतांत्रिक है। लोकतंत्र में बातचीत से ही समस्या का समाधान निकलता है। लेकिन सरकार हमारी मांगे नहीं मानती, तो हम क्या कर सकते हैं? किसान दुखी है और अहिंसक तरीके से जो हो सकता है, वह तो करना पड़ेगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed