खुशखबर: मदरसा टीचरों की आधुनिकता के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा, साथ में आप के मतलब की और भी खबरें
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कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को उत्तराखंड सरकार ने खुशखबरी दी है। उत्तराखंड सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को दी जाने वाली सब्सिडी राशी दोगुनी कर दी है। यात्रा करने वाले उत्तराखंड के लोगों को अब सरकार की तरफ से 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। अभी तक हर यात्री को 25 हजार रुपये दिए जाते थे।
दरअसल संस्कृति विभाग के माध्यम से यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों को कुमाऊं मंडल पर्यटन विकास निगम के माध्यम से 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। अब इसे बढ़ा कर दोगुना कर दिया जाएगा। सरकार की ओर से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 25 हजार से बढ़ा कर 50 हजार रुपये किया जाएगा। ये राशि कैलाश मानसरोवर पर जाने वाले उत्तराखंड के स्थायी नागरिकों को ही मिलेगी।
बॉर्डर पर रेडियो देगा पाकिस्तान को चुनौती
बॉर्डर पर रेडियो देगा पाकिस्तान को चुनौती
भारत ने अटारी बॉर्डर पर प्रसार भारती की ओर से अपना एफएम चालू करने की योजना बनाई है। दरअस्ल सूत्र बता रहे हैं कि ये सबकुछ इसीलिए हो रहा है कि पाकिस्तान हमेशा भारत के खिलाफ साजिश रचता आया है और ये रेडियो स्टेशन पाकिस्तान के उस दुष्प्रचार की रणनीति का एक माकूल जवाब होगा एसी उम्मीद की जा रही है।
मदरसा टीचरों को 'आधुनिक' बनाएगी सरकार
मदरसा टीचरों को 'आधुनिक' बनाएगी सरकार
मदरसा में पढ़ने वाले छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए मोदी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने पूरे देश के मदरसों के अध्यापकों को कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत आईआईएम, जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है। सरकार के मुताबिक इस कदम से वहां पढ़ने वाले छात्र मुख्यधारा से जुड़ेंगे। अल्पसंख्यक मंत्रालय के तहत आने वाला मौलाना आजाद एजुकेशनल फांउडेशन इसका पाठ्यक्रम तैयार करने में जुटा है।
बच्चों के लिए आया 'साइबर ट्रिविया' एप
बच्चों के लिए आया 'साइबर ट्रिविया' एप
राष्ट्रीय बाल आयोग अब ब्लू व्हेल और मोमो चैलेंज जैसे खतरनाक ऑनलाइन गेम्स से बच्चों को बचाने के लिए मोबाइल एप लेकर आया है। आयोग ने बच्चों को साइबर अपराधों के लिए जागरूक करने के लिए 'साइबर ट्रिविया' नाम का एक मोबाइल एप लॉन्च किया है। इस एप को 10 साल से ऊपर के बच्चों के लिए बनाया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस एप के जरिए बच्चे खेल-खेल में इंटरनेट पर बच्चों के साथ होने वाले साइबर अपराधों के बारे में जागरूक हो सकेंगे।