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Khalistan: पन्नू, संधू और होथी ने रची भारत के खिलाफ साजिश, आईएसआई ने की कनाडा में बड़ी मदद

Mon, 30 Oct 2023 01:45 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Mon, 30 Oct 2023 01:45 PM IST
सार

Khalistan: केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रविवार को एक बार फिर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में खालिस्तान का जनमत संग्रह किया गया। इस दौरान सिख फॉर जस्टिस के आतंकी पन्नू और खालिस्तान परिषद के अध्यक्ष बक्शीश संधू ने पूरे जनमत संग्रह को लीड करते हुए लोगों को इसमें शामिल करने की अपील की थी...

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Khalistan: Pannu, Sandhu and Hothi hatched a conspiracy against India, ISI provided great help to Canada
Khalistan - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

भारत के खिलाफ लगातार साजिश रचने वाले गुरुपतवंत सिंह पन्नू ने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में खालिस्तान का एक बार फिर से जनमत संग्रह कराया। रविवार को हुआ जनमत संग्रह वैसे तो सिख फॉर जस्टिस, ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी और खालिस्तान परिषद की ओर से करवाया गया था। इस जनमत संग्रह में सिर्फ कनाडा ही नहीं बल्कि दुनिया के अलग-अलग देशों से खालिस्तान समर्थन की मांग करने वालों ने शिरकत की। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस जनमत संग्रह के दौरान पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े कुछ लोग भी गुरुद्वारे के आसपास देखे गए।

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केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रविवार को एक बार फिर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में खालिस्तान का जनमत संग्रह किया गया। इस दौरान सिख फॉर जस्टिस के आतंकी पन्नू और खालिस्तान परिषद के अध्यक्ष बक्शीश संधू ने पूरे जनमत संग्रह को लीड करते हुए लोगों को इसमें शामिल करने की अपील की थी। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खालिस्तान परिषद के अध्यक्ष बक्शीश संधू ने तो बाकायदा कनाडा ही नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग देश में खालिस्तान समर्थकों को भी रविवार को इस संग्रह में शामिल करने के लिए पूरा अभियान चलाया था। लेकिन जब रविवार को जनमत संग्रह शुरू हुआ तो सामान्य दिनों की तुलना में होने वाली भीड़ से भी कम लोग इसमें शामिल हुए।

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सूत्रों के मुताबिक खालिस्तान परिषद के अध्यक्ष बक्शीश संधू ने 10 सितंबर को आयोजित किए गए जनमत संग्रह के दौरान भी इसी तरीके का माहौल बनाकर लोगों को इकट्ठा करने की कोशिश की थी। लेकिन उस दिन भी यह जनमत संग्रह नहीं हो सका था। सूत्रों का कहना है कि उसके बाद से लगातार खालिस्तानी आतंकियों और समर्थकों ने अलग-अलग अलगाववादी संगठनों के साथ मिलकर 29 नवंबर के लिए फिर से ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित गुरुद्वारे में लोगों को इकट्ठा करने की अपील की। सूत्रों के मुताबिक 29 नवंबर को सरे के गुरु नानक सिख गुरुद्वारा के बाहर खालिस्तान समर्थकों के साथ-साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संबंध रखने वाले लोग भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है इनमें कुछ वह लोग भी शामिल थे, जो कनाडा के खालिस्तानी चरमपंथियों को पाकिस्तान ले जाकर अलग-अलग शहरों में लगातार ट्रेनिंग देते आए हैं।

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विदेशी मामलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लोगों का इस जनमत संग्रह के दौरान वहां मौजूद रहना बताता है कि कनाडा में खालिस्तान सिखों को पाकिस्तान लगातार भड़का रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कनाडा में रहकर पाकिस्तान के आईएसआई एजेंट लगातार खालिस्तानी चरमपंथियों को पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में ले जाकर आतंकी प्रशिक्षण दिलाते रहे हैं। हालांकि इस दौरान पाकिस्तान में आईएसआई के प्रशिक्षण में इन्हीं खालिस्तानी चरमपंथियों की ट्रेनिंग 'बाउंस बैक' भी कर चुकी है। करीब एक महीने पहले इन खालिस्तानी चरमपंथियों की ट्रेनिंग के दौरान एक समुदाय ने पाकिस्तान के ही अलग-अलग शहरों में खालिस्तान की मांग कर डाली थी। इसके लिए बाकायदा कराची लाहौर इस्लामाबाद और पेशावर के अलग-अलग इलाकों में खालिस्तान की मांग वाले पोस्टर बैनर और वॉल राइटिंग की गईं थी।

सूत्रों के मुताबिक रविवार को हुए कनाडा में जनमत संग्रह के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के महासचिव भूपिंदर सिंह होथी गुरुद्वारे के भीतर बनाए गए निज्झर केंद्र में बड़ी संगत को संबोधित भी किया। इस दौरान होथी ने मौजूद सिख युवाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच जाकर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो की ओर से दिए गए बयान को बढ़ाने के लिए भी कहा। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि खालिस्तानी चरमपंथियों की ओर से चलाए गए इस जनमत संग्रह को हर बार असफलता ही मिल रही है। इसीलिए बार-बार जनमत संग्रह कराने के लिए लोगों की भीड़ इकट्ठा किए जाने की अपील की जा रही है।

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