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खबरों के खिलाड़ी: संजय सिंह के बाहर आने से AAP को कितना फायदा, चुनाव के बीच पार्टी के लिए यह कितनी बड़ी राहत?
Sat, 06 Apr 2024 04:57 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 06 Apr 2024 04:57 PM IST
सार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के कुछ नेता अब भी जेल में हैं, जबकि राज्यसभा सदस्य संजय सिंह जमानत पर बाहर आ चुके हैं। इस घटनाक्रम का क्या सियासी असर पड़ सकता है, इसे विश्लेषकों से जानते हैं...
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खबरों के खिलाड़ी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पिछले दिनों जमानत पर जेल से बाहर आ गए। वे शराब घोटाला मामले में छह महीने से जेल में थे। जेल से बाहर आने के बाद संजय सिंह लगातार अपने विरोधियों पर हमलावर हैं। चुनाव के मौसम में परेशानियों में घिरी आम आदमी पार्टी के लिए यह राहत कितना फायदा पहुंचाएगी, इसी पर इस हफ्ते के 'खबरों के खिलाड़ी' में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर, अवधेश कुमार, अनुराग वर्मा और राकेश शुक्ला मौजूद रहे।
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समीर चौगांवकर: मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के बाद अरविंद केजरीवाल भी जेल चले गए तो आम आदमी पार्टी के मनोबल पर बड़ी चोट पहुंची थी। संजय सिंह हमेशा से आप का मुखर चेहरा रहे हैं। पार्टी में उनकी कितनी अहमियत है, यह इसी से पता चलता है कि जेल में होने के बाद भी उन्हें दूसरी बार राज्यसभा भेजा गया। संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद पार्टी संगठन को एकजुट करने में बड़ी मदद मिलेगी। यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत की खबर है। यह राहत संगठन और सरकार, दोनों के स्तर पर है।
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अनुराग वर्मा: आम आदमी पार्टी कोई बहुत पुराना राजनीतिक दल नहीं है। यह एक आंदोलन था। आंदोलन के बाद एक भ्रम से निकला राजनीतिक दल था। जब यह दल बना, तब इसके कई मालिक और कई नेता थे। अरविंद केजरीवाल उन नेताओं में शायद ज्यादा समझदार थे। उन्होंने उन सभी नेताओं को धीरे-धीरे बाहर कर दिया, जिन्होंने आंदोलन खड़ा किया था। अगर यह चुनाव बिना केजरीवाल होता है तो आप के लिए बहुत मुश्किल हो सकती है।
विनोद अग्निहोत्री: संजय सिंह आम आदमी पार्टी की स्थापना से पहले से अरविंद केजरीवाल के साथ रहे हैं। जब पार्टी बनी, तब इसके तीन बड़े चेहरे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह ही थे। संजय सिंह के जेल से बाहर आने के बाद से पार्टी को अपना चेहरा और मुखर नेता फिर से मिल गया। सिसोदिया और केजरीवाल जब तक जेल में रहेंगे, तब तक संजय सिंह पार्टी को संभाले रहेंगे। केजरीवाल और सिसोदिया की अनुपस्थिति में संजय सिंह पार्टी के एक मात्र नेता हैं, जो पार्टी के हर नेता को यह कह सकते हैं कि यह करें, यह नहीं करें।
विपक्षी गठबंधन के साथ आप को लाने में संजय सिंह की बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने विपक्ष को एकजुट करने में भी बड़ी भूमिका निभाई थी। चुनावी वक्त में संजय सिंह ही इस पार्टी का सबसे बड़ा चेहरा होंगे। संजय सिंह के बारे में कोई अगर यह अनुमान लगा रहा है कि वह पार्टी को तोड़ देंगे या हाईजैक कर लेंगे तो वह बिल्कुल गलत है।
अवधेश कुमार: जमानत हमारे देश में व्यक्ति का अधिकार है। संजय सिंह इस मामले के मुख्य आरोपी नहीं हैं। संजय सिंह सरकार का हिस्सा नहीं थे। इसलिए इनकी जमानत होनी थी। आम आदमी पार्टी में जो 'एक्टिविजम' का संस्कार है, संजय सिंह इससे थोड़ा अलग रहे हैं। उनकी समाजवादी पृष्ठभूमि रही है।
अरविंद केजरीवाल जो भी काम करते हैं, उसके पीछे एक रणनीति रही है। उसका एक लक्ष्य रहता है। आने वाले समय में मनीष सिसोदिया की पत्नी, अरविंद केजरीवाल की पत्नी और संजय सिंह पत्नी आम आदमी पार्टी के चेहरे के रूप में मुख्य भूमिका निभाएंगी।
राकेश शुक्ला: अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद आम आदमी पार्टी के ऊपर चेहरे का संकट था। आम आदमी पार्टी दूसरे दलों से भिन्न है। सत्ता में आने बाद से आप का फोकस कैडर बनाने की जगह लाभार्थी बनाने पर रहा है। जब तक कोई दल कैडर के आधार पर नहीं रहेगा तो उसके लिए लंबे समय तक संगठित रहना मुश्किल होता है।
अस्वीकरण: 'खबरों के खिलाड़ी' डिजिटल मीडिया के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक है। इसमें शामिल होने वाले अतिथि वक्ता विषय विशेषज्ञ या विश्लेषक के तौर पर अपनी राय रखते हैं। चर्चा के दौरान उनकी कही बातें उनके स्वतंत्र विचारों पर आधारित होती हैं। इन विचारों को या इनके किसी हिस्से को संदर्भ से काटकर प्रस्तुत करना उचित नहीं है।