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Khabaron Ke Khiladi: पहले अविश्वास प्रस्ताव, अब महाभियोग की तैयारी? विश्लेषकों ने बताई इसके पीछे की सियासत

Sat, 14 Mar 2026 09:10 PM IST
Kirtivardhan Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Kirtivardhan Mishra Updated Sat, 14 Mar 2026 09:10 PM IST
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Khabaron Ke Khiladi Congress Led Opposition No Confidence Motion and Impeachment motion tactic Om Birla Parlia
खबरों के खिलाड़ी। - फोटो : Amar Ujala

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हुआ। शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव से हुई। बहस भी हुई, विपक्ष और सत्ता पक्ष ने अपने-अपने सियासी समीकरण भी साधे। अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी भी विपक्ष कर रहा है। दूसरी तरफ ईरान और अमेरिका-इस्राइल युद्ध की वजह से देश में जारी एलपीजी के हाहाकार पर भी हंगामा हुआ। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इन्हीं सब मुद्दों पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, विनोद अग्निहोत्री, अवधेश कुमार, राकेश शुक्ल और अनुराग वर्मा मौजूद रहे।  

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रामकृपाल सिंह: मैं इस बात से आशवस्त हो चुका हूं कि कांग्रेस को पराजय से प्यार हो गया है। ओम बिरला जी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। बहस बिरला जी पर होनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा लगा जैसे बहस बिरला जी पर न होकर राहुल जी पर हो रही है। पूरी कार्यवाही देखें तो ज्यादातर वक्ताओं ने बिरला जी के प्रति स्नेह जताया।  ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि विपक्ष प्रस्ताव लाए और विपक्ष का नेता उस पर बोला ही नहीं। 
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अवधेश कुमार:अविश्वास प्रस्ताव लाना कोई अनहोनी नहीं है। लेकिन इस पूरे अविश्वास प्रस्ताव और अब जो सीईसी के ऊपर महाभियोग लाए जाने की तैयारी है वो हमारे लोकतंत्र के लिए डराने वाला है। जहां तक एलपीजी संकट की बात है तो ईरान युद्ध की वजह से ये संकट आया है इस पर हमारा नियंत्रण नहीं है। विपक्ष देश का मानस ऐसा बना रहा है कि सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है। दूसरा जमाखोरी की वजह से भी यह समस्या दिख रही है। 

राकेश शुक्ल: कांग्रेस के साथ समस्या ये आ गई कि या तो वो ममता बनर्जी के साथ महाभियोग के मामले में साथ जाए ये अलग हो। साथ में जाने और नहीं जाने दोनों स्थिति में कांग्रेस संकट की स्थिति है। कांग्रेस को बंगाल में अलग चुनाव लड़ना है। वहीं, संसद में ममता के प्रस्ताव का समर्थन करना है। ये महाभियोग एक तरह के टूल बन गया है। 

अनुराग वर्मा: राहुल गांधी और कांग्रेस इस तरह से सवाल पूछ रहे हैं जैसे लड़ाई पीएम मोदी ने, अमित शाह ने और सरकार ने शुरू कराई हो। इस पूरी स्थिति पर सरकार को कोई नियंत्रण नहीं है। भारत में सबसे बड़ी समस्या है भारतीयों का खुद का माइंड सेट है। ये हमने कोविड के दौरान भी देखा था। उस वक्त जिन लोगों को जरूरत नहीं थी उन्होंने भी ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन सिलिंडर अपने पास रख लिए थे। इस वजह से कई ऐसे लोगों ने ये नहीं मिल पाया जिन्हें इसकी जरूरत थी। एलपीजी की जो कमी है वो कृत्रिम तरीके से क्रिएट की गई है।

विनोद अग्निहोत्री: अविश्वास प्रस्ताव का मुद्दा जहां तक है ये सभी को पता है कि नंबर सत्ता पक्ष के साथ है। इस पर होना कुछ नहीं है। ये सभी को पता था, लेकिन ये सब साधन होते हैं विपक्ष के लिए अपनी बात रखने की। विपक्ष ने इसके जरिए अपने बात को रखा भी। जहां तक एलपीजी की बात है तो ये अंतरराष्ट्रीय वजह से है। इसके लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। समस्या क्या है कि हमारी संस्कृति में ही भविष्य को सुरक्षित करने की चिंता ज्यादा रही है। हरदीप पुरी जो संसद में कह रहे हैं उस पर भरोसा करना चाहिए, लेकिन जो लाइनें लग रही है वो भी सच है। इसी अंतर को सरकार को मिटाना होगा।
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