केरल: स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, 1850 मतदान केंद्र संवेदनशील
केरल में आज स्थानीय निकाय चुनाव के लिए पहले दौर का मतदान जारी है। केरल के पांच जिलों तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पतानामथित्ता, अलापुजा और इडुक्की के कुल 395 स्थानीय निकाय के 6910 वार्ड में मतदान हो रहा है। वहीं, भाजपा नेता कुम्मनम राजशेखरन ने तिरुवनंतपुरम में मतदान किया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने तिरुवनंतपुरम के वाझुथाकौद के एक मतदान केंद्र पर स्थानीय निकाय चुनावों के पहले चरण के लिए अपना वोट डाला।
मतदान सुबह 7 बजे से शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा। प्रदेश चुनाव आयोग के अनुसार इस चुनाव में पहले दौर में कुल 88,26,873 मतदाता वोट डालेंगे जिनमें से 41,58,395 पुरुष मतदाता जबकि 46,68,267 महिला मतदाता हैं। इनमें से 150 एनआरआई मतदाता भी हैं जबकि 42,530 मतदाता पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
Kerala: Congress leader Shashi Tharoor casts his vote for the first phase of local body polls, at a polling booth in Vazhuthacaud of Thiruvananthapuram.
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Polling being held in Thiruvananthapuram, Kollam, Pathanamthitta, Alappuzha and Idukki today. pic.twitter.com/e2hsqNDqP5— ANI (@ANI) December 8, 2020
केरल में स्थानीय निकाय चुनाव से कुछ ही दिन पहले राज्य चुनाव आयोग ने 1,850 मतदान केंद्रों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा था। साथ ही इन सभी मतदान केंद्रों की चुनावी प्रक्रिया पर निगरानी के लिए वेब प्रसारण करने का निर्णय लिया था।
आयोग की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राज्य के सभी 14 जिलों में स्थित इन मतदान केंद्रों को पुलिस प्रमुख लोकनाथ बहेरा की रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील के तौर पर चिन्हित किया गया है और राज्य चुनाव आयुक्त वी भास्करन ने चुनाव प्रक्रिया के वेबप्रसारण के निर्देश दिए गए।
राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच होने वाली झड़पों और राजनीतिक हत्याओं के गवाह रहे उत्तरी केरल के कन्नूर जिले में सबसे अधिक 785 मतदान केंद्रों को संवेदनशील माना गया है। वहीं, तिरुवनंतपुरम जिले में 180, मलप्पुरम में 100, कोझिकोड में 120, पल्लकड में 182, कासरगोड में 100 और वायनाड में 152 मतदान केंद्रों को संवेदनशील पाया गया है।
इस बीच, आयोग ने कहा कि संवेदनशल मतदान केंद्रों पर चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन मतदान केंद्रों पर वेबप्रसारण की व्यवस्था नहीं हो सकती, वहां वीडियोग्राफी कार्रवाई की जाएगी और इसका खर्च चुनाव आयोग वहन करेगा।