Kerala: केरल कोर्ट ने पीट-पीटकर आदिवासी की हत्या करने वाले 13 लोगों को दोषी माना, मां बोली- फैसले से खुश नहीं
एसपीपी राजेश एम मेनन ने कहा कि दोषियों को जेल की सजा बुधवार को सुनाई जाएगी। मेमन ने बताया कि 16 में से एक आरोपी को पहले ही 304 (2) के तहत पहले ही दोषी ठहराया गया था। बाकी 12 आरोपियों को अतिरिक्त रूप से धारा 326 और 367 के तहत दोषी ठहराया गया है।
विस्तार
आदिवासी व्यक्ति को पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में केरल की एक कोर्ट ने 13 लोगों को आरोपी ठहराया है। 22 मार्च 2018 को अट्टापडी के एक आदिवासी व्यक्ति मधु को चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने पकड़ा था। गांववालों ने उसे पहले तो बांधा फिर पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
मामले में करीब साढ़े पांच साल बाद, विशेष अदालत के जस्टिस केएम रतीश कुमार ने उन्हें धारा 304 भाग II के तहत गैर इरादतन हत्या के अपराध के लिए दोषी ठहराया है। जिसमें अधिकतम 10 साल के जेल की सजा है। एसपीपी राजेश एम मेनन ने कहा कि दोषियों को जेल की सजा बुधवार को सुनाई जाएगी। मेमन ने बताया कि 16 में से एक आरोपी को पहले ही 304 (2) के तहत पहले ही दोषी ठहराया गया था। बाकी 12 आरोपियों को अतिरिक्त रूप से धारा 326 और 367 के तहत दोषी ठहराया गया है। एसपीपी के अनुसार 12 दोषियों को एससी/एसटी एक्ट के धारा 3(1) (डी) के तहत भी दोषी ठहराया गया है। मामले के 16वें आरोपी को धारा 352 के तहत दोषी ठहराया गया था। एसपीपी ने कहा कि 16 व्यक्तियों में से दो आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था। अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी नहीं पाया और इसके कारण फैसले आने के बाद सामने आएगा।
मां ने कहा- संतुष्ट नहीं अपील करेंगे
मधु की मां ने कहा कि वह फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, खासकर दो आरोपियों के बरी होने और 16 में से किसी को भी हत्या के लिए दोषी नहीं ठहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं इस फैसले के खिलाफ अपील करूंगी। पीड़िता की बहन ने कहा कि वह 16 में से 14 आरोपियों को दोषी ठहराने के लिए अदालत की शुक्रगुजार हैं। बहन ने यह भी कहा कि वह परिणाम से खुश हैं क्योंकि किसी ने नहीं सोचा था कि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई को इतने लंबे समय तक ले जा सकेंगे। मां का कहना है कि हम हत्या के आरोपों और दोनों आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ अपील करेंगे। वहीं, बहन का कहना है कि मुझे विश्वास नहीं है कि मेरे भाई को न्याय मिला है। जब तक सभी (सभी 16 आरोपी) दोषी नहीं ठहराए जाते, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। विशेष अदालत ने 30 मार्च को इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
यह था चोरी का आरोप
पुलिस ने बताया कि मामले में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मधु के सिर पर चोट के निशान थे और पसलियां टूटने समेत पूरे शरीर पर चोट के निशान थे, साथ ही आंतरिक रक्तस्राव भी हुआ था। उसके परिवार ने कहा था कि मधु मानसिक रूप से अस्वस्थ है। वह पिछले कई महीनों से जंगल में एक गुफा में रह रहा था। उनकी मां और बहन ने बताया कि लगभग 10-15 लोगों का एक समूह जंगल में गया था और पलक्कड़ जिले के वन-किनारे अगाली शहर में कुछ दुकानों से खाद्य सामग्री चोरी करने के आरोप में उनकी पिटाई की थी।