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Kerala: आरएमपी नेता हरिहरन गिरफ्तार, सीपीएम नेता केके शैलजा-मंजू वारियर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप
Fri, 17 May 2024 06:47 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोझिकोट
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 17 May 2024 06:47 PM IST
सार
पुलिस ने 12 मई को हरिहरन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 509 और 153 के तहत मामला दर्ज किया। स्टेशन जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की।
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पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
केरल में रिवोल्यूशनरी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपी) नेता केएस हरिहरन को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनपर सीपीआई(एम) नेता केके शैलजा और मलयालम फिल्म अभिनेत्री मंजू वारियर के खिलाफ टिप्पणी करने का आरोप है। एक अधिकारी ने बताया कि वडकारा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी दर्ज की और फिर स्टेशन जमानत पर उन्हें रिहा कर दिया गया।
बता दें कि जब किसी आरोपी को गिरफ्तारी के बाद और अदालत में पेश करने से पहले थाने से जमानत दी जाती है, उसे स्टेशन जमानत कहते हैं। यह कम गंभीर अपराधों के मामलों में दिया जाता है। 11 मई को वडकारा में एक बैठक के दौरान हरिहरन ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। उनके खिलाफ अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) की शिकायत के आधार पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
12 मई को दर्ज किया गया था मामला
पुलिस ने 12 मई को हरिहरन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 509 और 153 के तहत मामला दर्ज किया। स्टेशन जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। हरिहरन ने कहा, "केरल में कई लोग अपनी भाषा में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता।" उन्होंने आगे कहा कि उनके बयान के बाद उन पर और उनकी पार्टी के नेता केके रेमा पर सोशल मीडिया पर हमला किया गया।
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हरिहरन ने आगे कहा कि उन्होंने जो भी कुछ कहा वह गलत था, इसके लिए उन्हें खेद है। उन्होंने बताया कि उनके आवास के बाहर बम फेंका गया, लेकिन किसी को भी इस मामले में नहीं पकड़ा गया। उनकी इस टिप्पणी से राजनीति में बड़ा तूफान फैल गया। उनकी पार्टी के आलाकमान और यूडीएफ ने भी इसकी आलोचना की।
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बता दें कि जब किसी आरोपी को गिरफ्तारी के बाद और अदालत में पेश करने से पहले थाने से जमानत दी जाती है, उसे स्टेशन जमानत कहते हैं। यह कम गंभीर अपराधों के मामलों में दिया जाता है। 11 मई को वडकारा में एक बैठक के दौरान हरिहरन ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी। उनके खिलाफ अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ (एआईडीडब्ल्यूए) की शिकायत के आधार पर ही उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
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12 मई को दर्ज किया गया था मामला
पुलिस ने 12 मई को हरिहरन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 509 और 153 के तहत मामला दर्ज किया। स्टेशन जमानत पर रिहा होने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। हरिहरन ने कहा, "केरल में कई लोग अपनी भाषा में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता।" उन्होंने आगे कहा कि उनके बयान के बाद उन पर और उनकी पार्टी के नेता केके रेमा पर सोशल मीडिया पर हमला किया गया।
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हरिहरन ने आगे कहा कि उन्होंने जो भी कुछ कहा वह गलत था, इसके लिए उन्हें खेद है। उन्होंने बताया कि उनके आवास के बाहर बम फेंका गया, लेकिन किसी को भी इस मामले में नहीं पकड़ा गया। उनकी इस टिप्पणी से राजनीति में बड़ा तूफान फैल गया। उनकी पार्टी के आलाकमान और यूडीएफ ने भी इसकी आलोचना की।