{"_id":"6a5ddb03cda6aff3d40c8917","slug":"kerala-man-sentenced-to-death-in-2025-nenmara-double-murder-case-2026-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल: पड़ोसी और उसकी मां की हत्या के मामले में व्यक्ति को मिली फांसी की सजा; क्या था नेनमारा डबल मर्डर केस?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरल: पड़ोसी और उसकी मां की हत्या के मामले में व्यक्ति को मिली फांसी की सजा; क्या था नेनमारा डबल मर्डर केस?
Mon, 20 Jul 2026 01:53 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, पलक्कड़ (केरल)
पीटीआई, पलक्कड़ (केरल)
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 20 Jul 2026 01:53 PM IST
सार
जमानत पर जेल से बाहर आने के कुछ ही दिनों बाद दो लोगों की हत्या करने वाले 61 वर्षीय व्यक्ति को अब अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। न्यायालय ने वारदात को बेहद जघन्य मानते हुए इसे 'दुर्लभतम' श्रेणी का अपराध बताया और 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
मृत्युदंड
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केरल की एक अदालत ने सोमवार को वर्ष 2025 के चर्चित नेनमारा दोहरे हत्याकांड में 61 वर्षीय व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई।
फांसी की सजा और 20 लाख का जुर्माना
पलक्कड़ के अतिरिक्त सत्र जज केनेथ जॉर्ज ने छेंटामारा को अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह घटना 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी में हुई थी।
कोर्ट ने क्यों माना 'दुर्लभतम' श्रेणी का मामला?
अदालत ने छेंटामारा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने का दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि यह मामला 'दुर्लभलतम' श्रेणी में आता है, क्योंकि दोषी ने एक ही परिवार के कई लोगों की हत्या की।
मामला क्या था?
छेंटामारा को इससे पहले वर्ष 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजीता की हत्या के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह अपने वैवाहिक जीवन की परेशानियों के लिए सजीता को जिम्मेदार मानता था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: सेवानिवृत्त जजों की सुविधाओं पर बनेंगे सामान नियम, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को क्या निर्देश दिए?
जनवरी 2025 में उस मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद उसने सुधाकरन और लक्ष्मी की हत्या कर दी। दोहरे हत्याकांड के कुछ ही समय बाद पुलिस ने बड़े तलाशी अभियान के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे मलमपुझा उप-जेल में रखा गया।
सजीता हत्या मामले में अदालत पहले ही छेंटामारा को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। दोहरे हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 81 गवाह पेश किए और 28 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।
विज्ञापन
फांसी की सजा और 20 लाख का जुर्माना
पलक्कड़ के अतिरिक्त सत्र जज केनेथ जॉर्ज ने छेंटामारा को अपने पड़ोसी सुधाकरन और उनकी मां लक्ष्मी की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह घटना 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी में हुई थी।
कोर्ट ने क्यों माना 'दुर्लभतम' श्रेणी का मामला?
अदालत ने छेंटामारा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या और धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने का दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि यह मामला 'दुर्लभलतम' श्रेणी में आता है, क्योंकि दोषी ने एक ही परिवार के कई लोगों की हत्या की।
विज्ञापन
मामला क्या था?
छेंटामारा को इससे पहले वर्ष 2019 में सुधाकरन की पत्नी सजीता की हत्या के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि वह अपने वैवाहिक जीवन की परेशानियों के लिए सजीता को जिम्मेदार मानता था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: सेवानिवृत्त जजों की सुविधाओं पर बनेंगे सामान नियम, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को क्या निर्देश दिए?
जनवरी 2025 में उस मामले में जमानत पर रिहा होने के बाद उसने सुधाकरन और लक्ष्मी की हत्या कर दी। दोहरे हत्याकांड के कुछ ही समय बाद पुलिस ने बड़े तलाशी अभियान के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे मलमपुझा उप-जेल में रखा गया।
सजीता हत्या मामले में अदालत पहले ही छेंटामारा को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। दोहरे हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 81 गवाह पेश किए और 28 भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए।