कौन हैं आईपीएस सचिन शर्मा?: जिनके खिलाफ दीपके ने खोला मोर्चा, दो लड़कियों की जिंदगी खराब करने का लगाया आरोप
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने आईपीएस अधिकारी सचिन शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने का आरोप हैं कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता को गंभीर चोट लगी। लेकिन प्रशासन की ओर से कई कार्रवाई नहीं की गई है। आईए जानतें हैं कि कौन हैं सचिन शर्मा।
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विस्तार
आईपीएस अधिकारी सचिन शर्मा इन दिनों फिर से चर्चा में है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। दीपके का दावा है कि दिल्ली पुलिस और शर्मा के व्यवहार से दो लड़कियों की जिंदगी प्रभावित हुई। तो आईए जानते है आखिर कौन हैं सचिन शर्मा और क्या है पूरा मामला?
अभिजीत दीपके ने क्या कहा?
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने डीसीपी सचिन शर्मा पर सीधा हमला बोला। दीपके ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, 'दिल्ली पुलिस और डीएसपी सचिन शर्मा को शर्म नहीं आती है। उन्होंने दो लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करके वर्दी को बदनाम किया है।'
Shame on @DelhiPolice and DCP Sachin Sharma.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 4, 2026
They have disgraced the uniform by ruining the lives of two young girls. pic.twitter.com/FkGfZhacKj
When Sachin Sharma has to act against Sanghi goons. pic.twitter.com/iEnhc9Dyid
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 4, 2026
कौन हैं सचिन शर्मा?
- सचिन शर्मा 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं और एजीएमयूटी कैडर से आते हैं।
- उनका गृह राज्य हरियाणा है और उन्होंने बीएससी (नॉटिकल साइंस) की पढ़ाई की है।
- वर्तमान में वह दिल्ली के आउटर जिले में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर तैनात हैं। वे 4 अक्टूबर 2024 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।
सीजेपी ने क्यों किया प्रदर्शन?
सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास ने समर्थकों के साथ शुक्रवार को फिर से प्रदर्शन किया। यह मामला जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनकी एक समर्थक निशु आजाद के पिता संजय को लगी चोटों से जुड़ा है। सीजेपी का आरोप है कि पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पूरा मामला स्वतंत्र भारद्वाज के एक इंटरव्यू की वायरल क्लिप के बाद सामने आया। वीडियो में भारद्वाज खुद को ‘कट्टर हिंदू’ बताते हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता की ‘खोपड़ी फोड़ने’ की बात करता नजर आता है। क्लिप में वह यह भी दावा करता है कि घटना में निशु के पिता को गंभीर चोटें आईं और उन्हें 60 टांके लगे।
भारद्वाज के मुताबिक, घायल व्यक्ति को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था। वहीं, उनकी बेटी निशु थाने के बाहर खड़ी होकर पिता को न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की बात कह रही थी। भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि इस मामले में उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और वह पूरी रात बाहर घूमता रहा।