Kerala High Court: सत्र अदालत के फैसले को हाईकोर्ट ने भी रखा बरकरार, दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को मृत्युदंड
मामले में विशेष जांच दल ने डीएनए और कॉल रिकॉर्ड विवरण का सत्यापन किया। आरोपी ने हत्या के तुरंत बाद पेरुंबवूर छोड़ दिया था। जांच दल ने आरोपी को 50 दिन बाद तमिलनाडु के कांचीपुरम से गिरफ्तार किया।
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दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को सत्र अदालत ने मौत की सुनाई थी, जिसे केरल उच्च न्यायालय ने भी बरकरार रखा। उच्च न्यायालय ने सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। दरअसल, दरअसल, 2016 में आरोपी अमीरुल इस्लाम ने 30 वर्षीय दलित युवती के साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी थी। इसी मामले में एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशन कोर्ट ने 2017 में अमीरुल को दोषी माना और मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस्लाम ने सत्र अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
इन मामलों में कोर्ट ने आरोपी को सुनाई सजा
जानकारी के अनुसार, इस्लाम असम का रहने वाला है और वह यहां मजदूरी करता है। सत्र अदालत ने इस्लाम को विभिन्न मामलों में आरोपी माना, जैसे- 449 (मौत की सजा वाले अपराध के लिए घर में अतिक्रमण), 342 (गलत कारावास की सजा), 302 (हत्या), 376 (बलात्कार) और 376 ( ए) (बलात्कार करते समय मौत का कारण बनना या महिला को लगातार निष्क्रिय अवस्था में रखना)।
कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ा गया
मामले में विशेष जांच दल ने डीएनए और कॉल रिकॉर्ड विवरण का सत्यापन किया। इस्लाम ने हत्या के तुरंत बाद पेरुंबवूर छोड़ दिया था। जांच दल ने आरोपी को 50 दिन बाद तमिलनाडु के कांचीपुरम से गिरफ्तार किया। मामले में 100 से अधिक पुलिस कर्मियों ने 1500 से अधिक लोगों से पूछताछ की। जांच दल ने पांच हजार से अधिक लोगों की उंगलियों के निशान की जांच की। उन्होंने इस्लाम का पता लगाने के लिए करीब 20 लाख से अधिक बार टेलीफोन पर बात की।
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महिला से दुष्कर्म मामले में पूर्व सरकारी वकील को केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में नियमित जमानत दे दी थी। पीजी मनु पर अपने कार्यालय और आवास पर एक महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है। आरोपी वकील पी जी मनु को राहत देते हुए न्यायाधीश सोफी थॉमस ने कहा कि इस तथ्य पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए कि वह हाईकोर्ट में एक वरिष्ठ सरकारी वकील थे और उन्होंने एक असहाय महिला के साथ दुष्कर्म किया है। जिसने एक मामले को निपटाने के लिए उनसे संपर्क किया था, जिसमें वह पीड़िता थी।