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Kerala High Court: 'अपील बहाल कराना हो तो 10 पेड़ लगाओ'; केरल हाईकोर्ट ने लगाया अनोखा जुर्माना

Tue, 13 Jun 2023 11:25 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 13 Jun 2023 11:25 PM IST
सार

पीठ ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को आगामी मानसून में 10 पेड़ लगाने होंगे। यह अपील को फाइल करने के लिए बहाल करने की लागत के रूप में होगा।

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Kerala High Court tells petitioner Plant 10 trees as cost of restoring plea
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

मुकदमे की सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने और फिर मामले में अपनी अपील बहाल करने की मांग करने वाले एक याचिकाकर्ता को केरल हाईकोर्ट ने अनोखी सजा दी है। केरल हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाते हुए कहा अगर याचिकाकर्ता ने इसके बदले में अपने खर्चे पर 10 पेड़ लगाए तो उसकी याचिका को बहाल कर दिया जाएगा।  

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हाई कोर्ट ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) अपीलीय न्यायाधिकरण के 2010 के फैसले को खारिज कर दिया। जब अस्पताल के वर्तमान मालिक ने दावा किया कि उन्हें उसके सामने पेश होने का मौका नहीं मिला। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा था कि अपील स्वीकार करने पर सुनवाई के लिए पक्षकारों को सुनवाई की तारीख अधिसूचित की गई थी। हालांकि, अपीलकर्ता की ओर से कोई पेश नहीं हुआ। इसके बाद यह देखते हुए कि अपीलकर्ता की अपील को आगे बढ़ाने में कोई दिलचस्पी नहीं है, अपील डिफ़ॉल्ट रूप से खारिज कर दी गई थी। 
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इसके बाद,अस्पताल के मालिक ने 2011 में न्यायाधिकरण के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख किया था। तब से यह मामला केरल हाई कोर्ट में लंबित था। बाद में जब अस्पताल के मालिक की मृत्यु हो गई तो उसकी जगह अस्पताल के मालिक की  पत्नी को याचिकाकर्ता के रूप में पेश किया गया था।
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10 तारीखों पर सुनवाई के हाई कोर्ट ने दो जून को ट्रिब्यूनल के फैसले को रद्द कर दिया और अस्पताल मालिक की अपील को बहाल कर दिया। पीठ ने आदेश दिया है कि याचिकाकर्ता को आगामी मानसून में 10 पेड़ लगाने होंगे। यह अपील को फाइल करने के लिए बहाल करने की लागत के रूप में होगा।


साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि अपीलीय न्यायाधिकरण, एर्नाकुलम खंडपीठ को इस फैसले की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से चार महीने की अवधि के भीतर कानून के अनुसार अपील पर जल्द से जल्द फैसला करने का निर्देश दिया जाता है। 

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