फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kerala High Court examines to ensure compensation for death or murder while in service

केरल हाईकोर्ट की पहल: नाइट वॉचमैन की व्यथा देखकर खुद लगाई याचिका, मौत या हत्या पर सुनिश्चित होगा मुआवजा

Wed, 15 Sep 2021 05:24 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, कोच्चि।
एजेंसी, कोच्चि। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 15 Sep 2021 05:24 AM IST
सार

कोर्ट ने कहा कि अधिनियम के तहत राज्यों में विभिन्न औद्योगिक न्यायाधिकरणों में नियुक्त आयुक्तों के पास इस तरह की आकस्मिक मौत की जानकारी मिलने या उस पर कार्यवाही करने के लिए प्रशासनिक इंतजाम तक नहीं हैं।

विज्ञापन
Kerala High Court examines to ensure compensation for death or murder while in service
केरल हाईकोर्ट - फोटो : social media

विस्तार

केरल हाईकोर्ट नौकरी करते वक्त आकस्मिक मौत या चोट या फिर हत्या के हरेक मामले को कर्मचारी मुआवजा अधिनियम के तहत आयुक्त और औद्योगिक न्यायाधिकरणों के संज्ञान में लाने की व्यवस्था की पड़ताल कर रहा है। ताकि वे अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पीड़ित परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान कर सकें।

विज्ञापन


जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस जियाद रहमान की पीठ ने रात में पहरा देने वालों (नाइट वॉचमैन) की हालत पर गौर करने के बाद इस मुद्दे पर खुद एक याचिका लगाई है। गौरतलब है कि नाइट वॉचमैन आमतौर पर बिना अच्छे बचाव उपकरण और कम वेतनमान के साथ काम करते हैं। अगर इस दौरान वे मारे जाते हैं तो गुनहगाहों के दोषी ठहराये जाने पर ही उन्हें थोड़ा-बहुत मुआवजा मिलता है।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा, ये ‘दुर्बल’ लोग रात में दुकानों और एटीएम मशीनों पर ‘अप्रभावी’ ढंग से तैनात रहते हैं जबकि इनके मालिक भव्य मकानों में सो रहे होते हैं। इस कमजोर हालत में नौकरी करते हुए जब कोई पहरेदार मारा जाए और आरोपी बरी हो जाता है तो पीड़ित परिवार न सिर्फ सड़क पर आ जाता है बल्कि उसके पास मुआवजा पाने के लिए कोई साफ जरिया नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीठ ने यह भी माना कि केवल सिक्योरिटी गार्ड ही नहीं बल्कि अन्य रोजगारों में भी आकस्मिक मौत या चोट का मामला संबंधित आयुक्तों के ध्यान में लाने को लेकर व्यवस्था नहीं है ताकि वे कानून के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकें।


हालांकि, उन्हें नौकरी के दौरान होने वाले ऐसे हादसों की सूचना की भी जरूरत पड़ती है, जो सिर्फ पुलिस द्वारा ही दी जा सकती है कि संबंधित हादसा आकस्मिक मौत है या हत्या।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed