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Kerala High Court: मुख्यमंत्री विजयन, बेटी वीणा और UDF नेताओं को नोटिस; आईटी फर्म के 'लेन-देन' का मामला
Fri, 08 Dec 2023 04:18 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 08 Dec 2023 04:18 PM IST
सार
केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन को हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा है। आईटी फर्म लेन-देन मामले में सीएम विजयन के अलावा उनकी बेटी वीणा और कई यूडीएफ नेताओं को भी नोटिस भेजा गया है।
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पिनारई विजयन
- फोटो : ANI
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विस्तार
केरल हाईकोर्ट ने आईटी फर्म लेन-देन मामले में मुख्यमंत्री पिनारई विजयन, उनकी बेटी वीणा और कई यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) नेताओं को नोटिस जारी किया है। अदालत ने निजी खनिज कंपनी और उसकी आईटी कंपनी के बीच कथित वित्तीय लेनदेन के मामले में इन लोगों से जवाब मांगा है। शुक्रवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति के बाबू की पीठ ने नोटिस जारी किया।
आईटी फर्म लेन-देन मामले में जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता- पी के कुन्हालीकुट्टी और वी के इब्राहिम कुंजू भी शामिल हैं। इनके साथ-साथ मुख्यमंत्री की बेटी- वीणा की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस समेत अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किया गया है।
पत्रकारों ने शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री विजयन से उच्च न्यायालय के नोटिस के बारे में पूछा तो विजयन ने इस सवाल को खारिज कर दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें इसके बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट ने नोटिस उन्हें जारी किया है। इसी बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके आरोपों पर गौर नहीं कर रहा है। उन्होंने वाम दल और सीएम विजयन पर साठगांठ के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इनका भाजपा के साथ 'सौदा' है।
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उच्च न्यायालय गिरीश की एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमें विशेष सतर्कता अदालत, मुवत्तुपुझा के आदेश को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीणा की फर्म के बीच लेनदेन की मांग खारिज कर दी थी। राजनीतिक लोगों की संदिग्ध भूमिका और कथित तौर पर अवैध वित्तीय लेनदेन के आरोप लगाते हुए याचिकाकर्ता ने जांच की अपील करते हुए याचिका दायर की लेकिन सबूत के अभाव में निचली अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी थी।
गौरतलब है कि याचिकाकर्ता केरल के कलामासेरी इलाके के निवासी- गिरीश हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश बाबू की ओर से बहस करने के लिए हाईकोर्ट ने एक वकील को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। हालांकि, लंबे समय तक मुकदमा लंबित रहने के दौरान उनका निधन हो गया। बता दें कि कुछ महीने पहले एक मलयालम अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद केरल में विवाद खड़ा हो गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सीएमआरएल ने 2017 और 2020 के बीच सीएम की बेटी को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
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आईटी फर्म लेन-देन मामले में जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता- पी के कुन्हालीकुट्टी और वी के इब्राहिम कुंजू भी शामिल हैं। इनके साथ-साथ मुख्यमंत्री की बेटी- वीणा की कंपनी एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस समेत अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किया गया है।
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पत्रकारों ने शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री विजयन से उच्च न्यायालय के नोटिस के बारे में पूछा तो विजयन ने इस सवाल को खारिज कर दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उन्हें इसके बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट ने नोटिस उन्हें जारी किया है। इसी बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) उनके आरोपों पर गौर नहीं कर रहा है। उन्होंने वाम दल और सीएम विजयन पर साठगांठ के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि इनका भाजपा के साथ 'सौदा' है।
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उच्च न्यायालय गिरीश की एक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमें विशेष सतर्कता अदालत, मुवत्तुपुझा के आदेश को चुनौती दी गई थी। निचली अदालत ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीणा की फर्म के बीच लेनदेन की मांग खारिज कर दी थी। राजनीतिक लोगों की संदिग्ध भूमिका और कथित तौर पर अवैध वित्तीय लेनदेन के आरोप लगाते हुए याचिकाकर्ता ने जांच की अपील करते हुए याचिका दायर की लेकिन सबूत के अभाव में निचली अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी थी।
गौरतलब है कि याचिकाकर्ता केरल के कलामासेरी इलाके के निवासी- गिरीश हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गिरीश बाबू की ओर से बहस करने के लिए हाईकोर्ट ने एक वकील को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। हालांकि, लंबे समय तक मुकदमा लंबित रहने के दौरान उनका निधन हो गया। बता दें कि कुछ महीने पहले एक मलयालम अखबार की रिपोर्ट सामने आने के बाद केरल में विवाद खड़ा हो गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सीएमआरएल ने 2017 और 2020 के बीच सीएम की बेटी को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।