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तलाक के मामले में केरल हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी, बहू से घर का काम कराना आम बात
Sun, 31 May 2020 05:51 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 31 May 2020 05:51 AM IST
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केरल उच्च न्यायालय
- फोटो : PTI
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तलाक के मामले में केरल हाईकोर्ट ने एक बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि बड़ों का छोटों को डांटना और कभी-कभार उनसे अपशब्द कहना आम बात है। बहू से घर के काम कराना भी सामान्य बात है। केरल उच्च न्यायालय ने ये टिप्पणी पिछले सप्ताह एक व्यक्ति की शादी निरस्त कराने की याचिका को स्वीकार करते हुए की।
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जिसमें उसने ये दलील दी थी कि उसकी पत्नी ने उसे मां से दूर रहने के लिए मजबूर किया और मानसिक यातना देने लगी थी। जस्टिस एएम शफीक के नेतृत्व वाली दो जजों की खंडपीठ ने व्यक्ति के शराबी बनने के लिए भी पत्नी की अलग रहना ही बताया गया है।
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अदालत ने कहा, ‘साक्ष्यों से यही संकेत मिलता है कि प्रतिवादी और याचिकाकर्ता की मां के बीच आपसी बनाव नहीं था और दोनों में अक्सर कहासुनी होती थी। ऐसी परिस्थिति में पत्नी के लिए भी यह स्वाभाविक है कि वह अपने पति को पारिवारिक जीवन से अलग रखने का निरंतर प्रयास करेगी, और ये बात नि:स्संदेह पति के लिए तनावपूर्ण रही होगी।
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अदालत ने आगे कहा, ‘इस मामले में याचिकाकर्ता के शराबी बनने को केवल प्रतिवादी द्वारा डाले गए दबाव का ही स्वाभाविक परिणाम माना जा सकता है, कि वह मां से दूर रहने के लिए अलग घर ले।