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Kerala: गुरुवायुर मंदिर में वीडियोग्राफी पर केरल हाईकोर्ट की सख्ती, रोक लगाकर कहा- ये केक काटने की जगह नहीं है
Wed, 18 Sep 2024 04:54 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 18 Sep 2024 04:54 PM IST
सार
केरल के गुरुवायुर में स्थित प्रसिद्ध भगवान कृष्ण के मन्दिर को लेकर केरल हाईकोर्ट ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। केरल हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध गुरुवायुर मंदिर के नादपंथल के अंदर व्लॉगिंग और अन्य प्रकार के फिल्मांकन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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केरल उच्च न्यायालय (फाइल)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
गुरुवायुर मंदिर से जुड़े केरल हाईकोर्ट के अहम फैसले के बाद नादपंथल क्षेत्र में विवाह समारोहों और विशिष्ट धार्मिक समारोहों को छोड़कर अब कोई भी वीडियो शूट नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन और न्यायमूर्ति पी जी अजितकुमार की पीठ ने दो श्रद्धालुओं द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम आदेश पारित किया। बता दें कि नादपंथल एक विशाल अस्थायी संरचना है। जिसे मंदिर के सामने भक्तों को गर्मी और बारिश के दौरान आश्रय प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
कोर्ट ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, बार में प्रस्तुत प्रारंभिक याचिकाओं पर विचार करने के बाद हम द्वितीय प्रतिवादी गुरुवायुर देवस्वोम प्रबंध समिति और अतिरिक्त पांचवें प्रतिवादी प्रशासक को यह निर्देश देना उचित समझते हैं कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं कि गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर के नादपंथल में विवाह समारोहों और अन्य धार्मिक समारोहों के अलावा वीडियोग्राफी की अनुमति न दी जाए।
'दीपस्तंभम' की वीडियोग्राफी पर भी बैन
पीठ ने कहा कि मंदिर के अंदरूनी हिस्सों, खासकर पूर्वी 'दीपस्तंभम' की वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने साफ तौर पर कहा कि, प्रबंध समिति को गुरुवायुर देवस्वोम की सुरक्षा शाखा के माध्यम से यह सुनिश्चित करना होगा कि गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर के नादपंथल में ऐसी कोई गतिविधि न हो जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो। इसमें कम उम्र के बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और विकलांग व्यक्ति शामिल हैं।
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पुलिस को मदद मांगने पर देनी होगी सुरक्षा
हाईकोर्ट ने याचिक पर सुनवाई के दौरान आगे कहा कि, यदि आवश्यक हो तो देवस्वोम प्रशासक स्टेशन हाउस अधिकारी पुलिस से मदद मांग सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। अदालत ने कहा कि गुरुवायुर देवस्वोम प्रबंध समिति गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में भक्तों द्वारा भगवान गुरुवायुरप्पन की उचित पूजा के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए बाध्य है।
कोर्ट बोला- मंदिर केक काटने की जगह नहीं
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि, हर भक्त को गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में पूजा करने का अधिकार है, जो कि उस मंदिर की प्रथा और परंपरा के अधीन है। किसी भी व्यक्ति को नादपंथल में भक्तों के साथ झगड़ा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाल ही में सामने आए वीडियो में देखा गया है। मंदिर का नादपंथल जन्मदिन का केक काटने की जगह नहीं है।
क्या है पूरा मामला, वीडियो वायरल होने के बाद आक्रोश
बता दें कि, एक महिला चित्रकार ने नादपंथल में केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया और इस घटना को फिल्माया। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला था। लोगों ने इस तरह की घटनाओं के मंदिर की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
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कोर्ट ने मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, बार में प्रस्तुत प्रारंभिक याचिकाओं पर विचार करने के बाद हम द्वितीय प्रतिवादी गुरुवायुर देवस्वोम प्रबंध समिति और अतिरिक्त पांचवें प्रतिवादी प्रशासक को यह निर्देश देना उचित समझते हैं कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं कि गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर के नादपंथल में विवाह समारोहों और अन्य धार्मिक समारोहों के अलावा वीडियोग्राफी की अनुमति न दी जाए।
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'दीपस्तंभम' की वीडियोग्राफी पर भी बैन
पीठ ने कहा कि मंदिर के अंदरूनी हिस्सों, खासकर पूर्वी 'दीपस्तंभम' की वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने साफ तौर पर कहा कि, प्रबंध समिति को गुरुवायुर देवस्वोम की सुरक्षा शाखा के माध्यम से यह सुनिश्चित करना होगा कि गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर के नादपंथल में ऐसी कोई गतिविधि न हो जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो। इसमें कम उम्र के बच्चे, वरिष्ठ नागरिक और विकलांग व्यक्ति शामिल हैं।
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पुलिस को मदद मांगने पर देनी होगी सुरक्षा
हाईकोर्ट ने याचिक पर सुनवाई के दौरान आगे कहा कि, यदि आवश्यक हो तो देवस्वोम प्रशासक स्टेशन हाउस अधिकारी पुलिस से मदद मांग सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। अदालत ने कहा कि गुरुवायुर देवस्वोम प्रबंध समिति गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में भक्तों द्वारा भगवान गुरुवायुरप्पन की उचित पूजा के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए बाध्य है।
कोर्ट बोला- मंदिर केक काटने की जगह नहीं
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि, हर भक्त को गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में पूजा करने का अधिकार है, जो कि उस मंदिर की प्रथा और परंपरा के अधीन है। किसी भी व्यक्ति को नादपंथल में भक्तों के साथ झगड़ा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। हाल ही में सामने आए वीडियो में देखा गया है। मंदिर का नादपंथल जन्मदिन का केक काटने की जगह नहीं है।
क्या है पूरा मामला, वीडियो वायरल होने के बाद आक्रोश
बता दें कि, एक महिला चित्रकार ने नादपंथल में केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया और इस घटना को फिल्माया। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला था। लोगों ने इस तरह की घटनाओं के मंदिर की मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।