फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kerala governor arif mohammed khan reaction on state government move to supreme court for not signing bill

Kerala: केरल सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने पर भड़के राज्यपाल, बोले- अगर किसी को संशय है तो...

Sun, 05 Nov 2023 02:06 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवअनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवअनंतपुरम Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 05 Nov 2023 02:06 PM IST
सार

सरकार का कहना है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के पास आठ विधेयक लंबित हैं जिन्हें विधानसभा ने मंजूरी दे दी है लेकिन राज्यपाल की तरफ से अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है। 

विज्ञापन
kerala governor arif mohammed khan reaction on state government move to supreme court for not signing bill
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : PTI

विस्तार

केरल सरकार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस पर राज्यपाल ने तंज कसा है। राज्यपाल ने तिरुवअनंतपुरम में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'अगर किसी को संशय है और वह सुप्रीम कोर्ट गए हैं तो इसका स्वागत होना चाहिए। संशय जल्द दूर हो जाएगा।'
विज्ञापन


केरल सरकार ने याचिका में कही है ये बात
बता दें कि केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की है, जिसमें केरल सरकार ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल कई विधेयकों को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। केरल सरकार का कहना है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के पास आठ विधेयक लंबित हैं जिन्हें विधानसभा ने मंजूरी दे दी है लेकिन राज्यपाल की तरफ से अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है। केरल सरकार की याचिका में आरोप है कि तीन विधेयक तो बीते दो साल से राज्यपाल के पास लंबित हैं। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल को मिली हैं शक्तियां
सुप्रीम कोर्ट में  दायर की गई केरल सरकार की याचिका में कहा गया है कि सभी विधेयकों को समय से मंजूर करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करने के लिए राज्यपाल बाधित हैं ताकि लोगों के कल्याण की योजनाएं समय से लागू हो सकें। याचिका में आरोप है कि राज्यपाल अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रहे हैं। बता दें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के पास यह शक्ति है कि वह किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए अपने पास रोके रख सकते हैं। हालांकि यह वित्त विधेयक नहीं होना चाहिए। राज्यपाल इन विधेयकों को फिर से विधानसभा के पास विचार करने के लिए भेज सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed