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Kerala: 'संविधान के खिलाफ नहीं करुंगा किसी विधेयक पर हस्ताक्षर, सरकार चाहे जो कर ले', आरिफ मोहम्मद खान का बयान

Tue, 23 Aug 2022 09:15 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 23 Aug 2022 09:15 PM IST
सार

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि वे (केरल सरकार) जो चाहें कर सकते हैं। राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद ही विधेयक एक कानून बन जाता है। मैं संविधान के खिलाफ कुछ भी हस्ताक्षर नहीं करूंगा।

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Kerala Governor Arif Mohammad Khan said he will not sign the bill if it goes against the Constitution
आरिफ मोहम्मद खान, राज्यपाल, केरल। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने मंगलवार को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे अगर वे विधेयक संविधान की भावना और उच्चतम न्यायालय के फैसलों के खिलाफ जाते हैं। उनका यह बयान तब आया है जब केरल विधानसभा में राज्यपाल की अनुमति के अभाव में अध्यादेशों के रद्द होने के बाद राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए लगभग 11 विधेयकों को पारित करने के लिए सत्र चलाया जा रहा है।

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विश्वविद्यालयों की शक्तियों में संशोधन के लिए विधेयक को लेकर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि "आपको लगता है कि मैं किसी भी ऐसे कानून पर हस्ताक्षर करूंगा जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले की भावना के खिलाफ है? निश्चित रूप से? नहीं।" 
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राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने आगे कहा कि वे (केरल सरकार) जो चाहें कर सकते हैं। राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के बाद ही विधेयक एक कानून बन जाता है। मैं संविधान के खिलाफ कुछ भी हस्ताक्षर नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि जो विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को खत्म करने का प्रयास करता हो या जो विश्वविद्यालय में सरकारी हस्तक्षेप का रास्ता खोलता है, मेरे लिए ऐसी किसी चीज पर हस्ताक्षर करना संभव नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने प्रत्येक विश्वविद्यालय और सभी राज्य सरकारों को यह स्पष्ट कर दिया है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। यूजीसी के दिशानिर्देशों में यह कहा गया है कि कोई व्यक्ति जो चयन समिति का सदस्य है, उसका उसके अधीन आने वाले विश्वविद्यालय या कॉलेज से कोई लेना-देना नहीं होगा।
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खान ने कहा कि वह राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्थिति को लेकर 'पूरी तरह चिंतित' हैं क्योंकि कन्नून विश्वविद्यालय में कथित तौर पर 'बहुत गंभीर अनियमितताएं' हुई हैं। उन्होंने कहा कि कन्नूर विश्वविद्यालय और राज्य में उच्च शिक्षा की हालत जर्जर है और जब तक वह वहां हैं, राज्य को व्यवस्थित करने की पूरी कोशिश करेंगे। गौरतलब है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य में विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री के निजी सचिव के के रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीस की कन्नूर विश्वविद्यालय में मलयालम एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। 

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