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केरल: जंजाल बन रहा जीका वायरस, पांच और मामले सामने आए, अब तक 28 में मिला रोग
Thu, 15 Jul 2021 11:26 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 15 Jul 2021 11:26 PM IST
सार
केरल में चार महिलाओं समेत पांच और लोग जीका वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। राज्य में अब तक कुल 28 लोग इस वायरस से संक्रमित मिले हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बृहस्पतिवार को कहा कि नए मामलों में से दो राजधानी तिरुवनंतपुरम के अनायरा इलाके से सामने आए हैं। जहां तीन किलोमीटर के दायरे में बीमारी से प्रभावित कई लोग मिले हैं। शेष मामले ईस्ट फोर्ट, कुन्नुकुझी और पट्टोम से आए हैं। सभी नमूनों को अलप्पुझा में राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में जांच के लिए भेज दिया गया है।
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वीना जॉर्ज ने बताया कि चार नमूनों यहां एक निजी अस्पताल से भेजे गए जबकि एक को स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी के तहत एकत्र किया था। साथ ही कहा कि 16 अन्य नमूनों की जांच में जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर राज्य में संक्रमण के मामले 28 हो गए हैं।
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आठ का चल रहा इलाज, इनमें तीन गर्भवती
स्वास्थ्य एवं स्थानीय स्वशासन विभागों की संयुक्त बैठक के बाद जॉर्ज ने कहा कि राज्य में वर्तमान में जीका के आठ उपचाराधीन मामले हैं, जिनमें से तीन गर्भवती महिलाएं हैं। उन्होंने बैठक के बाद कहा कि वायरस के प्रकोप का बस तिरुवनंतपुरम में पता चला है और अब तक किसी अन्य जिले में नहीं। हमने राज्य भर में जांच बढ़ाने का फैसला किया है। मंत्री ने यह भी कहा कि गर्भवती महिला को बुखार या शरीर पर किसी तरह के चकत्ते होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। सू्क्ष्म योजना तैयार कर रोकथाम गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी।
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बैठक में यह भी तय किया गया कि जीका के प्रसार को रोकने के लिए दोनों विभागों की गतिविधियों का समन्वय किया जाएगा। इसमें स्थानीय स्वशासन विभाग के मंत्री एम गोविंदन मास्टर भी शामिल हुए थे। जॉर्ज और गोविंदन दोनों ने संबंधित अधिकारियों को न सिर्फ राजधानी जिले में बल्कि पूरे राज्य में निगरानी रखने का निर्देश दिया है।