{"_id":"6521a05d7975546b5009d068","slug":"kerala-finance-minister-says-reduction-in-annual-borrowing-limits-leads-stress-in-state-2023-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: वित्त मंत्री ने कहा- वार्षिक उधार सीमा में कमी के कारण राज्य की तरलता स्थिति तनाव ग्रस्त, यह बताई वजह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: वित्त मंत्री ने कहा- वार्षिक उधार सीमा में कमी के कारण राज्य की तरलता स्थिति तनाव ग्रस्त, यह बताई वजह
Sat, 07 Oct 2023 11:45 PM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: जलज मिश्रा
Updated Sat, 07 Oct 2023 11:45 PM IST
सार
बाल गोपाल ने बताया कि केरल का कर राजस्व 2021-22 में 22.4 प्रतिशत था तो वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 23.4 प्रतिशत हो गया है।
विज्ञापन
केएन बालगोपाल
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वार्षिक उधार सीमा में कमी के कारण केरल की तरलता स्थिति तनावग्रस्त है। केरल के वित्त मंत्री ने इस मुद्दे में केंद्रीय वित्त मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। केरली वित्त मंत्री का कहना है कि उधार सीमा में कटौती के कारण तनाव बढ़ा है। उन्होंने केंद्र सरकार को इस बारे में पत्र भी लिखा है।
केरल राजस्व स्रोतों पर निर्भर रहा है
केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने शनिवार को कहा कि विशेष रूप से वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए वार्षिक उधार सीमा में कटौती के कारण परेशानी आई है। अन्य राज्यों की तुलना में केरल हाल के वर्षों के दौरान खर्चों को पूरा करने के लिए अपने राजस्व स्रोतों पर निर्भर रहा है। बाल गोपाल ने कहा कि केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेंस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) जैसे संस्थानों की उधारी को शामिल करने और वार्षिक उधार सीमा को कम करने जैसे अन्य केंद्र सरकार के फैसले के कारण केरल के लिए गंभीर तरलता तनाव पैदा हुआ है।
केरल राजस्व वृद्धि की राह पर है
केंद्र को लिखे पत्र में बाल गोपाल ने कहा कि वार्षिक उधार सीमा (आठ हजार करोड़) में कमी, जीएसटी मुआवजे की समाप्ति (10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान) के कारण केरल में तनाव आ गया है। इस मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए मैं यह पत्र लिख रहा हूं। उनका कहना है कि केरल राज्सव में वृद्धि की राह पर है। केरल खर्चों को व्यवस्थित कर राजकोष सुदृढ़ीकरण की राह पर है। बाल गोपाल ने बताया कि केरल का कर राजस्व 2021-22 में 22.4 प्रतिशत था तो वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 23.4 प्रतिशत हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केरल राजस्व स्रोतों पर निर्भर रहा है
केरल के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने शनिवार को कहा कि विशेष रूप से वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 के लिए वार्षिक उधार सीमा में कटौती के कारण परेशानी आई है। अन्य राज्यों की तुलना में केरल हाल के वर्षों के दौरान खर्चों को पूरा करने के लिए अपने राजस्व स्रोतों पर निर्भर रहा है। बाल गोपाल ने कहा कि केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेंस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) जैसे संस्थानों की उधारी को शामिल करने और वार्षिक उधार सीमा को कम करने जैसे अन्य केंद्र सरकार के फैसले के कारण केरल के लिए गंभीर तरलता तनाव पैदा हुआ है।
विज्ञापन
केरल राजस्व वृद्धि की राह पर है
केंद्र को लिखे पत्र में बाल गोपाल ने कहा कि वार्षिक उधार सीमा (आठ हजार करोड़) में कमी, जीएसटी मुआवजे की समाप्ति (10,000 से 12,000 करोड़ रुपये का नुकसान) के कारण केरल में तनाव आ गया है। इस मुद्दे पर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए मैं यह पत्र लिख रहा हूं। उनका कहना है कि केरल राज्सव में वृद्धि की राह पर है। केरल खर्चों को व्यवस्थित कर राजकोष सुदृढ़ीकरण की राह पर है। बाल गोपाल ने बताया कि केरल का कर राजस्व 2021-22 में 22.4 प्रतिशत था तो वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 23.4 प्रतिशत हो गया है।
विज्ञापन