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तमिलनाडु से दक्षिण भारत में आगे का रास्ता खोलेगी भाजपा
विनोद अग्निहोत्री/अमर उजाला, चेन्नई
Updated Tue, 10 May 2016 06:00 AM IST
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तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि कर्नाटक के बाद दक्षिण भारत में आगे का अपना रास्ता खोलने केलिए चुनाव लड़ रही है। हालांकि तमिल राजनीति के दो ध्रुवों एआईडीएमके और डीएमके के मुकाबले अभी भाजपा बहुत पीछे है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इन चुनावों में पार्टी के प्रचार-प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
मोदी की चार चुनावी रैलियों के साथ-साथ अमित शाह, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल समेत कई राष्ट्रीय नेताओं की धुआंधार जनसभाएं, भाजपा उम्मीदवारों के रोड शो और मीडिया में विज्ञापन देखकर ऐसा लगता है कि जैसे भाजपा तमिलनाडु की जनता को एक नया विकल्प देना चाहती है।
राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में भाजपा 189 सीटों पर मैदान में है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चार तमिल पार्टियों के साथ मिलकर इंद्रधनुषी गठबंधन तैयार किया था और उसे 5.5 फीसदी वोट और लोकसभा की एक कन्याकुमारी सीट पर जीत मिली।
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हालांकि विधानसभा चुनावों में भाजपा अपना इंद्रधनुषी गठबंधन बरकरार नहीं रख सकी और उसे कुछ छोटी पार्टियों के साथ मिलकर मैदान में उतरना पड़ा है। पार्टी नेता चेन्नई और कोयंबटूर में बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रहे हैं।
उनका यह दावा इलाकों में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और कन्याकुमारी की लोकसभा सीट पर अपने प्रभाव के सहारे है, लेकिन भाजपा की नजर राज्य की भावी राजनीति पर है। नब्बे साल से ऊपर हो चुके तमिल राजनीति के दिग्गज एम. करुणानिधि और सेहत की चिंताओं से जूझ रही मुख्यमंत्री और एआईडीएमके प्रमुख जे. जयललिता की राजनीति से ऊब चुके मतदाताओं को एक नया विकल्प देने की बात भाजपा ने इसी चुनाव से शुरू कर दी है।
पार्टी रणनीतिकारों की मानें तो राज्य में युवा और पहली बार मतदाता बने लोगों में पीएम मोदी की खासी लोकप्रियता है। इसके साथ ही भाजपा हिंदुत्व के एजेंडे के तहत उन सामाजिक वर्गों पर फोकस कर रही है, जिन्हें डीएमके और एआईडीएमके ने उपेक्षित कर रखा है। कन्याकुमारी इलाके में पिछड़े वर्गों में शामिल एक जाति कुलवेल्लार का समर्थन जुटाने का दावा भाजपा नेता करते हैं। इसी तरह भाजपा ने यादवों में प्रभाव वाले टीएमकेपी के साथ गठबंधन भी किया है।
इन चुनावों में भाजपा की रणनीति उन सीटों पर ही ध्यान केंद्रित करने की है, जिन्हें जीता जा सकता है या कम से कम पार्टी दूसरे नंबर पर आ सकती है। इस श्रेणी में टी नगर, वीरूगनपक्कम, कोडात्तूर, वैद्यारण्यम आदि विधानसभा सीटें हैं। टी नगर से भाजपा ने अपने राष्ट्रीय सचिव एच. राजा को उतारा है, जबकि वीरूगनपक्कम सीट से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. तमिल इसाइ मैदान में हैं।
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मोदी की चार चुनावी रैलियों के साथ-साथ अमित शाह, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल समेत कई राष्ट्रीय नेताओं की धुआंधार जनसभाएं, भाजपा उम्मीदवारों के रोड शो और मीडिया में विज्ञापन देखकर ऐसा लगता है कि जैसे भाजपा तमिलनाडु की जनता को एक नया विकल्प देना चाहती है।
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राज्य की कुल 234 विधानसभा सीटों में भाजपा 189 सीटों पर मैदान में है। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने चार तमिल पार्टियों के साथ मिलकर इंद्रधनुषी गठबंधन तैयार किया था और उसे 5.5 फीसदी वोट और लोकसभा की एक कन्याकुमारी सीट पर जीत मिली।
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हालांकि विधानसभा चुनावों में भाजपा अपना इंद्रधनुषी गठबंधन बरकरार नहीं रख सकी और उसे कुछ छोटी पार्टियों के साथ मिलकर मैदान में उतरना पड़ा है। पार्टी नेता चेन्नई और कोयंबटूर में बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रहे हैं।
उनका यह दावा इलाकों में नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और कन्याकुमारी की लोकसभा सीट पर अपने प्रभाव के सहारे है, लेकिन भाजपा की नजर राज्य की भावी राजनीति पर है। नब्बे साल से ऊपर हो चुके तमिल राजनीति के दिग्गज एम. करुणानिधि और सेहत की चिंताओं से जूझ रही मुख्यमंत्री और एआईडीएमके प्रमुख जे. जयललिता की राजनीति से ऊब चुके मतदाताओं को एक नया विकल्प देने की बात भाजपा ने इसी चुनाव से शुरू कर दी है।
पार्टी रणनीतिकारों की मानें तो राज्य में युवा और पहली बार मतदाता बने लोगों में पीएम मोदी की खासी लोकप्रियता है। इसके साथ ही भाजपा हिंदुत्व के एजेंडे के तहत उन सामाजिक वर्गों पर फोकस कर रही है, जिन्हें डीएमके और एआईडीएमके ने उपेक्षित कर रखा है। कन्याकुमारी इलाके में पिछड़े वर्गों में शामिल एक जाति कुलवेल्लार का समर्थन जुटाने का दावा भाजपा नेता करते हैं। इसी तरह भाजपा ने यादवों में प्रभाव वाले टीएमकेपी के साथ गठबंधन भी किया है।
इन चुनावों में भाजपा की रणनीति उन सीटों पर ही ध्यान केंद्रित करने की है, जिन्हें जीता जा सकता है या कम से कम पार्टी दूसरे नंबर पर आ सकती है। इस श्रेणी में टी नगर, वीरूगनपक्कम, कोडात्तूर, वैद्यारण्यम आदि विधानसभा सीटें हैं। टी नगर से भाजपा ने अपने राष्ट्रीय सचिव एच. राजा को उतारा है, जबकि वीरूगनपक्कम सीट से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. तमिल इसाइ मैदान में हैं।