फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   kerala election bjp leader rajgopal

दक्षिणी छोर पर दस्तक देती भाजपा को राजगोपाल से उम्मीद

Wed, 11 May 2016 09:51 AM IST
सुदीप ठाकुर/ तिरुवनंतपुरम
सुदीप ठाकुर/ तिरुवनंतपुरम Updated Wed, 11 May 2016 09:51 AM IST
विज्ञापन
kerala election bjp leader rajgopal

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के दक्षिणी हिस्से में स्थित उपनगर नेमम ऐसा अकेला विधानसभा क्षेत्र है, जहां से भारतीय जनता पार्टी ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और माकपा के कार्यकर्ताओं को भी लगता है कि इस बार भाजपा यहां से जीत सकती है।

विज्ञापन


यहां छयासी बरस के हो चुके भाजपा के बुजुर्ग नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ राजगोपाल चुनाव लड़ रहे हैं। छह दशक से भी लंबे समय से केरल में पहले जनसंघ और उसके बाद भाजपा की जमीन तैयार करते राजगोपाल का यह 18 वां चुनाव है!
विज्ञापन


वह विधानसभा के ग्यारह और लोकसभा के छह चुनाव लड़ चुके हैं और हर बार नाकाम रहे। कन्याकुमारी सलेम नेशनल हाईवे पर स्थित अपने केंद्रीय चुनाव कार्यालय से प्रचार के अगले दौर पर निकलने से पहले उन्होंने कहा, 'मैं गिनती करना (चुनाव की) भूल चुका हूं।'
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्हें देखकर सही में उनकी उम्र का एहसास नहीं होता। चुनाव पर भाजपा की संभावनाओं पर बात करते हुए वह उस दौर में ले जाते हैं, जब उन्होंने पहली बार जनसंघ का झंडा उठाया था। हालांकि कांग्रेस की अगुआई वाले यूडीएफ और सीपीएम की अगुआई वाले एलडीएफ के बीच पांच दशकों से चल रही लड़ाई के बीच भाजपा अब तक सेंध लगाने में नाकाम रही है।

राजगोपाल ने अब तक भले ही कोई चुनाव न जीता हो, लेकिन वह यहां खासे लोकप्रिय हैं। नेमम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करमना चौक पर ही आपको ऐसे ऑटो वाले मिल जाएंगे जो कहते हैं कि इस बार राजगोपाल जीतेंगे। जबकि यह इलाका माकपा उम्मीदवार और ट्रेड यूनियन नेता शिवनकुट्टी का गढ़ है। कुट्टी यहां से मौजूदा विधायक हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव में राजगोपाल कुट्टी से करीब छह हजार वोटों से पीछे रह गए थे। यहां यूडीएफ ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा किया है, मगर उसे कमजोर माना जा रहा है। असल में यूडीएफ उम्मीदवार सुरेंद्रन पिल्लई ने ऐन चुनाव से पहले पाला बदलकर जनता दल (यू) के कोटे से यूडीएफ के उम्मीदवार बने हैं।

नेमम उन आधा दर्जन सीटों में शामिल है, जहां भाजपा भी मानती है कि वह यूडीएफ या एलएडीएफ के साथ सीधी टक्कर की स्थिति में है। केरल कांग्रेस के इंदिरा भवन स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठे कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं, एनडीए (भाजपा-बीडीजेएस) को तीन सीटें भी मिल जाती हैं, तो यह बड़ी बात होगी।


हालांकि खुद तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी यह मानते हैं कि 86 वर्ष के राजगोपाल के प्रति नेमम के लोगों में सहानुभूति हो सकती है, क्योंकि संभवतः यह उनका आखिरी चुनाव भी हो। ध्यान रहे, मई 2014 के लोकसभा चुनाव में तिरुवनंतपुरम का नेमम विधानसभा क्षेत्र ही ऐसा था, जहां राजगोपाल को थरूर से बढ़त मिली थी।

पर राजगोपाल को सिर्फ नेमम से मतलब नहीं है। उनकी कोशिश यूडीएफ और एनडीएफ के बीच भाजपा को तीसरी ताकत के रूप में खड़ा करने की है। उनकी उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। वह कहते हैं कि युवाओं में मोदी का बहुत क्रेज है। इसके साथ ही वह एक दिलचस्प आकलन पेश करते हैं।

उनके मुताबिक कांग्रेस सीनियर सिटीजन की पार्टी है। माकपा पचास साल से साठ साल वालों की और भाजपा युवाओं की। वह कांग्रेस और माकपा को 'ओरेथूवल पक्षीकल' (समान पंखों वाला पक्षियों का जोड़ा) तक करार देते हैं।


भाजपा समर्थक एक लोकप्रिय स्थानीय टीवी के एक ताजा सर्वे का हवाला देते हैं, जिसके मुताबिक भाजपा यहां खाता खोल सकती है।  राजगोपाल ने 1965 में पालघाट से अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। तब माकपा ने वहां से जीत दर्ज की थी। भाकपा और कांग्रेस के बाद वह चौथे नंबर पर थे। तब उन्हें सिर्फ 2879 वोट मिले थे। पचास साल बाद वह दक्षिणी छोर पर दस्तक देती भाजपा की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed