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केरल: पॉक्सो कोर्ट ने सबूत के अभाव में तीन आरोपियो को किया बरी, एनसीएससी करेगा तलब

Wed, 30 Oct 2019 01:18 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पलक्कड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पलक्कड़ Published by: अनवर अंसारी Updated Wed, 30 Oct 2019 01:18 PM IST
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Kerala Dr L. Murugan National Commission for Scheduled Castes summons to Chief Secy and DGP
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग - फोटो : ANI

केरल के पलक्कड़ के दो नाबालिगों की कथित आत्महत्या मामले के तीन आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में 28 अक्तूबर को बरी कर दिया था। दरअसल, ये सभी जनवरी 2017 में हुई एक 13 वर्षीय नाबालिग और उसकी नौ साल की बहन के यौन शोषण के आरोपी थे। वहीं, इस मामले में आरोपियों के बरी किए जाना को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने विरोध जताया है। 

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आयोग के उपाध्यक्ष डॉ एल मुरुगन वालयार में स्थित उन दोनों नाबालिग लड़कियों के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि एनसीएससी इस मामले को अपने अधीन लेगा और इसकी प्राथमिक जांच करेगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि मैं समन जारी कर मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को एनसीएससी के सामने उपस्थित होने के लिए कहूंगा। 
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बता दें कि केरल की पॉक्सो अदालत ने पलक्कड़ के दो नाबालिगों की कथित आत्महत्या मामले के तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। जनवरी 2017 में 13 साल की नाबालिग अपने घर के अंदर लटकते हुए मिली थी। 

इसके दो महीने बाद उसकी नौ साल की बहन ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले दोनों बहनों का यौन शोषण हुआ था। बड़ी बहन ने जनवरी में जबकि छोटी बहन ने मार्च 2017 में आत्महत्या की थी। 

मौत के बाद दोनों बहनों का पोस्टमार्टम किया गया था जिसमें इस बात की पुष्टि हुई थी कि उनका यौन शोषण हुआ है। अभियोजन पक्ष ने मामले में आरोपी के रूप में एक नाबालिग सहित पांच लोगों को सूचीबद्ध किया था। चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के अलावा दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप भी लगाए गए थे। 


इससे पहले अदालत ने एक आरोपी को रिहा कर दिया था। नाबालिग आरोपी का मुकदमा किशोर अदालत में चल रहा है। आरोपियों की रिहाई के विरोध में परिवार ने विरोध प्रदर्शन किया। पीड़ित लड़कियों की मां ने कहा, 'मेरी बेटियों को न्याय नहीं मिला। जिन लोगों ने उनकी हत्या की वह खुले में घूम रहे हैं। मैंने अदालत को विस्तार से बताया कि मेरी बेटियों के साथ क्या हुआ था।'

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