Kerala: मुख्यमंत्री पी विजयन के खिलाफ आपदा राहत कोष मामला, केरल लोकायुक्त की बड़ी पीठ करेगी सुनवाई
मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष का मामला सुनवाई के लिए लोकायुक्त की बड़ी पीठ के पास भेज दिया गया है। इस मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
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केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष मामला लोकायुक्त की बड़ी पीठ के पास भेजा गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में कथित हेराफेरी के आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री पिनारई विजयन और कई मंत्रियों पर आरोप है कि मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष का दुरुपयोग किया गया। इस मामले की जांच के लिए केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को भ्रष्टाचार पर रोक के लिए गठित लोकायुक्त के पास जाने का निर्देश दिया। इसके बाद लोकायुक्त ने मामले की जांच शुरू की।
सहायता देने में पक्षपात करने के आरोप
आरोप है कि मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष को पक्षपातपूर्ण तरीके से बांटा गया। लाभार्थियों में सीपीआई (एम) के विधायक के परिवार के लोग शामिल हैं। साथ ही केरल पुलिस के एक अफसर के परिजनों को भी लाभ दिया गया। दोनों का निधन हो चुका है और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष से वित्तीय सहायता दी गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन किया गया। साल 2019 में मुख्यमंत्री पिनारई विजयन को लोकायुक्त ने इस मामले में नोटिस भी जारी किया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कई बार सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी के दौरान मौत हुई लेकिन मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के तहत उनके परिवारों को वित्तीय सहायता नहीं दी गई। साथ ही नियमों के मुताबिक जिन लोगों की वार्षिक आय एक लाख रुपए से अधिक है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष के तहत वित्तीय सहायता नहीं मिल सकती लेकिन मंत्रीपरिषद ने दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया गया।
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लोकायुक्त की ताकत कम कर रही केरल सरकार
खास बात ये है कि लोकायुक्त मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के खिलाफ ऐसे समय सुनवाई कर रहा है, जब राज्य सरकार एक विधेयक के जरिए लोकायुक्त की ताकत को कम करने की कोशिश कर रही है। केरल सरकार का यह विधेयक मंजूरी के लिए फिलहाल राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के पास लंबित है। अप्रैल 2021 में भी लोकायुक्त ने राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील के खिलाफ ताकत के दुरुपयोग के मामले में मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद केटी जलील को पद छोड़ना पड़ा था।