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Kerala: CM विजयन ने PM मोदी को लिखा पत्र, विझिनजाम पोर्ट VGF पर केंद्र के फैसले को वापस लेने का किया अनुरोध

Sat, 14 Dec 2024 04:45 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Sat, 14 Dec 2024 04:45 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने केरल सरकार की यह अपील खारिज कर दी कि विझिनजाम बंदरगाह परियोजना के लिए दी गई व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ)की राशि राज्य को किश्तों में चुकाने की शर्त पर पुनर्विचार किया जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि यह राशि राज्य से वापस लिए बिना दी जाए।

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Kerala CM writes to PM Modi requesting withdrawal of Centre’s decision on Vizhinjam port VGF
सीएम विजयन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र सरकार की तरफ से केरल सरकार की उस याचिका को खारिज करने के बाद जिसमें उसने राज्य को विझिनजाम बंदरगाह परियोजना के लिए व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) किस्तों में चुकाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की थी, इस मामले में सीएम पिनाराई विजयन ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा कि राज्य की तरफ से पुनर्भुगतान पर जोर दिए बिना यह निधि दी जानी चाहिए।
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सीएम विजयन ने केंद्र पर लगाया आरोप
अपने खुले पत्र में, सीएम ने आरोप लगाया कि विझिनजाम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह परियोजना देश में एकमात्र ऐसा मामला होगा, जहां भारत सरकार ने व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) सहायता के पुनर्भुगतान की मांग की है। विझिनजाम बंदरगाह परियोजना को आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए), केंद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के लिए वित्तीय सहायता योजना के तहत व्यवहार्यता अंतर निधि (वीजीएफ) का लाभ उठाने के लिए संरचित किया गया है। मंत्रालय ने परियोजना के लिए वीजीएफ के रूप में 817.80 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी है।
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'केरल के साथ भेदभावपूर्ण रवैया'
सीएम ने केंद्र पर आरोप लगाया कि केरल के साथ लगातार भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोच्चि मेट्रो के लिए दी गई वीजीएफ राशि पर भी कोई चुकौती की शर्त नहीं लगाई गई थी। लेकिन केरल के लिए नई शर्तें लगाना वीजीएफ के मानकों का उल्लंघन है। मुख्यमंत्री ने तूतुकुडी बंदरगाह परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी तरह की संरचना में वित्त मंत्रालय ने वीजीएफ स्वीकृत किया है, लेकिन वहां वीजीएफ की वसूली की कोई शर्त नहीं लगाई गई। उन्होंने कहा कि विझिनजाम बंदरगाह परियोजना का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान होगा और यह केंद्र सरकार के राजस्व को भी बढ़ाएगी। इसलिए इस परियोजना को भी समान रूप से न्यायसंगत व्यवहार मिलना चाहिए।  
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मुख्यमंत्री विजयन का पक्ष
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि अगर वीजीएफ को वापस चुकाने की शर्त लगाई जाती है, तो यह अनुदान नहीं बल्कि एक कर्ज बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वीजीएफ योजना के दिशा-निर्देशों में इसे अनुदान के रूप में देना तय किया गया है, न कि कर्ज के रूप में। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वीजीएफ राशि के एनपीवी के आधार पर भुगतान से राज्य को वास्तविक रूप से 10,000-12,000 करोड़ रुपये चुकाने पड़ सकते हैं।  


क्या है वीजीएफ?
विझिनजाम बंदरगाह परियोजना को वित्तीय सहयोग के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) योजना के तहत व्यवहार्यता अंतर निधि का लाभ लेने के लिए डिजाइन किया गया है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने इस परियोजना के लिए 817.80 करोड़ रुपये की वीजीएफ राशि स्वीकृत की थी। लेकिन, वीजीएफ का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार ने यह शर्त लगाई कि दी गई राशि को शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) के आधार पर प्रीमियम (राजस्व) शेयरिंग के रूप में केरल सरकार को चुकाना होगा।  
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