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Kerala: केरल भाजपा उपाध्यक्ष बोले- जीत सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों से लाए गए मतदाता; खड़ा हुआ विवाद

Fri, 22 Aug 2025 10:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 22 Aug 2025 10:27 PM IST
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Kerala BJP leader says voters moved to Thrissur to ensure win, sparks controversy
बी गोपालकृष्णन - फोटो : फेसबुक/बी गोपालकृष्णन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के उपाध्यक्ष बी. गोपालकृष्णन ने शुक्रवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि पिछले साल के लोकसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों से मतदाताओं को त्रिशूर लाया गया था। पत्रकारों से बात करते हुए गोपालकृष्णन ने कहा, जिन सीटों पर हमें जीतना है, वहां जरूरत पड़ी तो हम जम्मू-कश्मीर से भी लोगों को लाएंगे। उन्हें एक साल तक वहां बसाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वे मतदान करें। इसमें कोई संदेह नहीं है। हम आगे भी ऐसा करेंगे। 
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जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि कुछ मकान मालिकों का कहना है कि उन्हें अपने घरों में रहने वाले ऐसे लोगों की जानकारी ही नहीं थी, तो गोपालकृष्णन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए कहा, ये केवल कुछ गलतफहमी के अलग-थलग मामले हैं। इसके अलावा कोई बड़ी समस्या नहीं है। 
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जब पत्रकारों ने बताया कि कुछ मकान मालिकों का कहना था कि उन्हें अपने मकानों में ऐसे लोगों के रहने की जानकारी नहीं थी, तो गोपालकृष्णन ने इसे अनावश्यक बात बताया और कहा, ये सिर्फ कुछ गलतफहमियां हैं। इससे बड़ा कोई मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार, त्रिशूर में कोई फर्जी मतदान नहीं हुआ। उन्होंने कहा, फर्जी मतदान का मतलब होता है मृत व्यक्ति के नाम पर वोट डालना या एक व्यक्ति का दो बार वोट डालना।


गोपालकृष्णन ने आगे आरोप लगाया कि यूडीएफ और एलडीएफ ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में मिलकर भाजपा को हराने की साजिश की। उन्होंने कहा, अगर उनके काम में कोई नैतिक समस्या नहीं है, तो हमारे तरीके में भी कोई नैतिक समस्या नहीं होनी चाहिए। त्रिशूर में भाजपा प्रत्याशी सुरेश गोपी ने 74,682 वोटों से जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस के वोट 2019 के 4.16 लाख से घटकर 2024 में 3.27 लाख रह गए। गोपालकृष्णन ने सवाल किया, बाकी के 90,000 वोट कहां गए?

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त्रिशूर में मतदान को लेकर विवाद पर भाजपा के राज्य सचिव एम टी रमेश ने कहा कि कानून के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक जो किसी जगह पर छह महीने से अधिक रहता है, वहां मतदाता सूची में नाम दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग द्वारा मान्यता प्राप्त छह पहचान पत्रों में से किसी एक, छह महीने तक वहां रहने का प्रमाण और पड़ोसियों से सत्यापन के आधार पर कोई भी व्यक्ति भारत में कहीं भी वोट कर सकता है, इसमें कश्मीर भी शामिल है। त्रिशूर में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने वाले लोग वहीं के निवासी थे। फर्जी वोट तो कांग्रेस और माकपा ने जोड़े थे, भाजपा ने नहीं। 

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