केरल में बारिश से तबाही के बाद जिंदगी को पटरी पर लाने की कवायद तेज
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केरल में बारिश के बंद होने और बाढ़ प्रभावित कुछ इलाकों में पानी घटने के बाद अब लोग अपने घरों का रुख करने लगे हैं। राज्य सरकार ने केंद्र से 2600 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज की मांग की है। मुख्यमंत्री पी. विजयन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक में विशेष पैकेज की मांग संबंधी निर्णय लिया गया।
इधर केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने 10 लाख से अधिक विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए तैयार भोजन और इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, प्लंबर जैसे कुशल कर्मचारियों को भेजने की अपील की है। केरल में 8 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से करीब 223 लोग जान गंवा चुके हैं।
कई दशकों में आई यह सबसे भयंकर बाढ़ है जिसके कारण 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि 2.12 लाख महिलाओं, 12 वर्ष से कम उम्र के एक लाख बच्चों समेत करीब 10.78 लाख लोगों को करीब 5000 राहत शिविरों में शरण दी गई है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश स्थानों पर रेल एवं सड़क यातायात बहाल हो गया है। राहत पहुंचाने वाली एजेंसियां, कई राज्यों की सरकारें और देशभर के लोग राहत आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे में केरल में बाढ़ से प्रभावित कई लोग अपने घरों को लौटने लगे हैं।
इस बीच भारत के विभिन्न हिस्सों से कोचीन पोत पर राहत सामग्री पहुंचनी शुरू हो गई है। बाढ़ के कारण कोच्चि एयरपोर्ट को 220 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि राज्य में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण 30 मई से अब तक 373 लोगों की मौत हो चुकी है।
बाढ़ से ओणम, बकरीद की खुशियां बेरंग
विषम परिस्थितियों से गुजर रहे केरल में ओणम और बकरीद पर्व को लेकर उत्साह नजर नहीं आ रहा है। ओणम 25 अगस्त को है और दक्षिणी राज्य में बकरीद का पर्व बुधवार को मनाया जाएगा। बाढ़ के कारण राज्य सरकार ने ओणम के आयोजन रद्द कर दिए हैं। राज्य के कई मुसलमानों ने बाढ़ की वजह से बकरीद बेहद सादगी से मनाने का फैसला किया है। खाड़ी के एक अखबार से जुड़े सी रहीम ने बताया कि बाढ़ से सभी परेशान हैं। जो लोग हज पर गए हैं वह भी यहां रह रहे अपने परिजनों के लिए चिंतित हैं।
एनएचएआई ने शुल्क वसूलना रोका
केरल में अप्रत्याशित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राज्य के तीन प्रमुख टॉल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों से शुल्क वसूली को निलंबित किया है। सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हैम रेडियो कर रहे लोगों की मदद
राज्य में ‘एमेच्योर या हैम’ रेडियो के संचालक विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहे लोगों के लिए जारी बचाव अभियान में उल्लेखनीय भूमिका निभा रहे हैं। वे फंसे हुए लोगों का उनके मोबाइल फोन के आखिरी लोकेशन के जरिये पता लगा रहे हैं। ये लोग संबंधित सूचना अधिकारियों तक पहुंचा रहे हैं।
हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एमेच्योर रेडियो के निदेशक राम मोहन सूरी ने बताया कि केरल में 300 से अधिक ‘हैम’ संचालक 24 घंटे काम कर रहे हैं। सूरी ने बताया कि 16 से 19 अगस्त के बीच ‘हैम’ रेडियो के तिरुवनंतपुरम केंद्र से प्राप्त मदद के आधार पर 1,650 लोगों को बचाया गया है।
कंपनियों, राज्यों की तरफ से बाढ़ प्रभावितों की मदद जारी
आईटीसी, कोका कोला, पेप्सी और हिंदुस्तान यूनिलीवर समेत एक दर्जन से अधिक रोजमर्रा उपयोग की चीजें तैयार करने वाली (एफएमसीजी) कंपनियां अगले दो दिन तक केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी की बोतल, खाद्य पदार्थ और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करेगी। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दुपहिया वाहन बनाने वाली कंपनी बजाज आटो ने बाढ़ प्रभावित राज्य केरल को 2 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया और उसके कर्मचारियों ने केरल बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए 3.5 करोड़ रुपये का योगदान किया है।
जम्मू-कश्मीर बैंक के स्टाफ ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 11 करोड़ रुपये दान करेंगे। त्रिपुरा सरकार ने भी राहत कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की आॢथक मदद की घोषणा की है। मध्य रेलवे ने अपने कर्मचारियों से राज्य राहत कोष में एक दिन का वेतन दान देने को कहा है।
वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी राज्यों की महिला आयोग से केरल में राहत कार्य में अपना योगदान देने को कहा है। तेलंगाना के आईएएस अधिकारियों ने भी अपना एक दिन का वेतन केरल में राहत कार्य के लिए दान करने का फैसला किया है। उल्लेखनीय है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी केरल बाढ़ पीड़ितों के लिए 700 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की पेशकश की है।