{"_id":"5c498e38bdec220c0c32100e","slug":"kerala-97-year-old-woman-karthiyani-amma-passed-class-fourth-exam-secured-98-out-of-100","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल : 97 साल की उम्र में महिला ने पास की चौथी की परीक्षा, 100 में 98 अंक मिले","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
केरल : 97 साल की उम्र में महिला ने पास की चौथी की परीक्षा, 100 में 98 अंक मिले
Thu, 24 Jan 2019 03:36 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरूवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरूवनंतपुरम
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 24 Jan 2019 03:36 PM IST
विज्ञापन
कार्तियानी अम्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केरल की कार्तियानी अम्मा ने 97 साल की उम्र में चौथी कक्षा की परीक्षा पास कर साबित कर दियाया है कि पढ़ने-लिखने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने परीक्षा में 100 में से 98 अंक हासिल किए। परीक्षा के नतीजे आने के बाद कार्तियानी अम्मा ने अपने टीचर से पूछा, "उसे 100 में से 100 मिलने की उम्मीद थी, दो नंबर कहां कम हो गए?"
दिलचस्प बात यह है कि कनाडा की एक संस्था 'कॉमनवेल्थ लर्निंग' ने कार्तियानी अम्मा को अपना गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया। परीक्षा का आयोजन केरल स्टेट लिटरेसी मिशन अथॉरिटी ने अपने 'अक्षरलक्षम' प्रोग्राम के तहत पिछले साल नवंबर में किया था।
इसके तहत राज्य को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य है। इस परीक्षा में 47,000 वृद्ध शामिल हुए थे। बुधवार को इसका रिजल्ट घोषित किया गया। 'अक्षरलक्षम' कार्यक्रम की शुरुआत केरल सरकार ने 26 जनवरी 2018 को की थी।
विज्ञापन
रातों रात मशहूर हुईं थी अम्मा
कार्तियानी ने पिछले साल 5 अगस्त को आयोजित साक्षरता परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें नागरिकों की साक्षरता की जांच की जाती है। जिसके बाद वह केरल राज्य में सबसे ज्यादा उम्र की परीक्षा देने वाली महिला का गौरव हासिल किया था।
उन्होंने छह महीने पहले राज्य साक्षरता मिशन के एक कार्यक्रम में नामांकन कराया था। इस परीक्षा को उन्होंने पास कर लिया और उन्हें योग्यता मुताबिक चौथी कक्षा में पढ़ने के लिए भेजा गया। अम्मा की पढ़ने लिखने में बहुत रुची है। परीक्षा में भाग लेने के बाद से ही वह रातों रात सोशल मीडिया पर मशहूर हो गईं।
60 साल की बेटी से ली प्रेरणा
कार्तियानी अम्मा कहती हैं कि उन्हें उनकी बेटी ने प्रेरित किया था। उनकी बेटी ने 60 साल की उम्र में साल 2016 में दसवीं की परीक्षा पास की थी। जिससे उन्हें प्रेरणा मिली और वह इस अभियान से जुड़ीं।
अम्मा बताती हैं, "पैसों की तंगी के कारण मैं स्कूल नहीं जा पाई थी। मैंने अपने बच्चों की देखभाल की। जब मेरी बेटी ने दसवीं की परीक्षा पास की, मैंने भी वैसा ही करने का सोचा। मैं 100 साल की उम्र में दसवीं की परीक्षा पास कर लूंगी।"
विज्ञापन
दिलचस्प बात यह है कि कनाडा की एक संस्था 'कॉमनवेल्थ लर्निंग' ने कार्तियानी अम्मा को अपना गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया। परीक्षा का आयोजन केरल स्टेट लिटरेसी मिशन अथॉरिटी ने अपने 'अक्षरलक्षम' प्रोग्राम के तहत पिछले साल नवंबर में किया था।
विज्ञापन
इसके तहत राज्य को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य है। इस परीक्षा में 47,000 वृद्ध शामिल हुए थे। बुधवार को इसका रिजल्ट घोषित किया गया। 'अक्षरलक्षम' कार्यक्रम की शुरुआत केरल सरकार ने 26 जनवरी 2018 को की थी।
विज्ञापन
रातों रात मशहूर हुईं थी अम्मा
कार्तियानी ने पिछले साल 5 अगस्त को आयोजित साक्षरता परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें नागरिकों की साक्षरता की जांच की जाती है। जिसके बाद वह केरल राज्य में सबसे ज्यादा उम्र की परीक्षा देने वाली महिला का गौरव हासिल किया था।
उन्होंने छह महीने पहले राज्य साक्षरता मिशन के एक कार्यक्रम में नामांकन कराया था। इस परीक्षा को उन्होंने पास कर लिया और उन्हें योग्यता मुताबिक चौथी कक्षा में पढ़ने के लिए भेजा गया। अम्मा की पढ़ने लिखने में बहुत रुची है। परीक्षा में भाग लेने के बाद से ही वह रातों रात सोशल मीडिया पर मशहूर हो गईं।
60 साल की बेटी से ली प्रेरणा
कार्तियानी अम्मा कहती हैं कि उन्हें उनकी बेटी ने प्रेरित किया था। उनकी बेटी ने 60 साल की उम्र में साल 2016 में दसवीं की परीक्षा पास की थी। जिससे उन्हें प्रेरणा मिली और वह इस अभियान से जुड़ीं।
अम्मा बताती हैं, "पैसों की तंगी के कारण मैं स्कूल नहीं जा पाई थी। मैंने अपने बच्चों की देखभाल की। जब मेरी बेटी ने दसवीं की परीक्षा पास की, मैंने भी वैसा ही करने का सोचा। मैं 100 साल की उम्र में दसवीं की परीक्षा पास कर लूंगी।"