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Kenya: हिंद प्रशांत महासागर में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और केन्या, दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कही ये बातें
Tue, 05 Dec 2023 02:57 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 05 Dec 2023 02:57 PM IST
सार
केन्याई राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी अपेक्षा है कि हमें केन्या और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने की जरूरत है। हम देख रहे हैं कि हम ग्रामीण विकास और खासकर कृषि के क्षेत्र में साझेदारी कर सकते हैं।
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केन्याई राष्ट्रपति का स्वागत करतीं राष्ट्रपति मुर्मू और साथ में पीएम मोदी
- फोटो : ANI
विस्तार
केन्याई राष्ट्रपति विलियम रुतो ने नई दिल्ली में हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी किया। बैठक के बाद पीएम मोदी ने कहा कि भारत और केन्या ने साथ मिलकर बीती सदी में औपनिवेशी ताकतों का मुकाबला किया। दोनों देशों का साझा इतिहास और भविष्य है। प्रोग्रेसिव भविष्य की नींव रखते हुए हमने अपने सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। हमने कई नई पहल की हैं, जिनसे दोनों देशों में व्यापार और निवेश बढ़ेगा। भारत, केन्या को भरोसेमंद और समर्पित साझेदार देश मानता है।
पीएम मोदी बोले- कृषि क्षेत्र में करेंगे केन्या का सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मेरीटाइम सहयोग पर बात हुई है। दोनों देश हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में सहयोग करेंगे। साथ ही आतंकवाद से निपटने के लिए भी दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और हम केन्या को कृषि क्षेत्र में सहयोग देने और अपने अनुभव का लाभ देने के लिए तैयार हैं। हम केन्या को 250 मिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देंगे। साथ ही हम तकनीकी क्षेत्र में भी सहयोग बढाएंगे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों देश सहयोग बढाएंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि केन्या ने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस में शामिल होने का फैसला किया है। केन्या के बिग कैट अलायंस में शामिल होने से हम दुनिया में बिग कैट्स को बचा सकेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि केन्या को अपना दूसरा घर मानने वाले करीब 80 हजार भारतीय मूल के लोग हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी देख-रेख के लिए केन्या से मिल रहे सहयोग के लिए मैं राष्ट्रपति रुतो का व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त करता हूं।
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क्या बोले केन्याई राष्ट्रपति
केन्या के राष्ट्रपति रुतो ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारा शानदार स्वागत हुआ। हमारे बीच आपसी मुद्दों पर अहम और विस्तृत बातचीत हुई। जी20 के सफल आयोजन और उसमें अफ्रीकन यूनियन को शामिल कराने के लिए मैं पीएम मोदी को बधाई देता हूं। ग्लोबल साउथ के देशों का नेतृत्व करने के लिए भी मैं उन्हें बधाई देता हूं। हमारी साझी विरासत और इतिहास है। साल 1911 में पहली बार कोई भारतीय केन्या पहुंचा था। कई केन्याई लोग भी इलाज के लिए भारत आते हैं।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रुतो ने कहा, 'हमारे बीच सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है और आज की यात्रा में हमने उस रिश्ते को मजबूत किया है और हमारी सरकारों के बीच जुड़ाव का दायरा बढ़ाया है। हमने चर्चा की कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण बैंक किसानों को ऋण प्रदान करने में हमारे कृषि वित्त निगम के साथ कैसे काम करेगा। ताकि हम खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों से निपट सकें।'
राष्ट्रपति भवन में हुआ स्वागत
इससे पहले सोमवार को भारत दौरे पर पहुंचे केन्याई राष्ट्रपति विलियम सामोई रुतो का आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे। बता दें कि केन्याई राष्ट्रपति तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं। केन्या के किसी राष्ट्रपति की बीते छह सालों में यह पहली भारत यात्रा है। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करना है।
'भारत-केन्या अच्छे दोस्त'
इस दौरान केन्या के राष्ट्रपति ने कहा कि 'भारत और केन्या बहुत अच्छे दोस्त हैं। केन्या की आजादी से पहले से हमारे बीच विभिन्न स्तरों पर राजनयिक संबंध थे। मैं राष्ट्रपति महोदया और अपने अच्छे मित्र प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर भारत आया हूं। मेरी अपेक्षा है कि हमें केन्या और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने की जरूरत है। हम देख रहे हैं कि हम ग्रामीण विकास और खासकर कृषि के क्षेत्र में साझेदारी कर सकते हैं। कई अन्य चीजों पर भी हम चर्चा करेंगे।'
करीब तीन महीने पहले भारत में हुए सम्मेलन के दौरान अफ्रीकन यूनियन को जी20 में शामिल किया गया था। ऐसे में केन्याई राष्ट्रपति के इस भारत दौरे की काफी रणनीतिक अहमियत है। केन्याई राष्ट्रपति मंगलवार को बिजनेस जगत के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि केन्याई राष्ट्रपति के भारत दौरे से पहले बीते महीने ही भारत के विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने 30 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ केन्या का दौरा किया था। इससे पहले केन्या के रक्षा मंत्रालय के कैबिनेट सचिव एडेन बारे दुआले ने भी अगस्त में भारत का दौरा किया था।
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पीएम मोदी बोले- कृषि क्षेत्र में करेंगे केन्या का सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मेरीटाइम सहयोग पर बात हुई है। दोनों देश हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में सहयोग करेंगे। साथ ही आतंकवाद से निपटने के लिए भी दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश कृषि आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और हम केन्या को कृषि क्षेत्र में सहयोग देने और अपने अनुभव का लाभ देने के लिए तैयार हैं। हम केन्या को 250 मिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देंगे। साथ ही हम तकनीकी क्षेत्र में भी सहयोग बढाएंगे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी दोनों देश सहयोग बढाएंगे।
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पीएम मोदी ने कहा कि केन्या ने ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस और इंटरनेशनल सोलर अलायंस में शामिल होने का फैसला किया है। केन्या के बिग कैट अलायंस में शामिल होने से हम दुनिया में बिग कैट्स को बचा सकेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि केन्या को अपना दूसरा घर मानने वाले करीब 80 हजार भारतीय मूल के लोग हमारे संबंधों की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी देख-रेख के लिए केन्या से मिल रहे सहयोग के लिए मैं राष्ट्रपति रुतो का व्यक्तिगत रूप से आभार व्यक्त करता हूं।
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क्या बोले केन्याई राष्ट्रपति
केन्या के राष्ट्रपति रुतो ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारा शानदार स्वागत हुआ। हमारे बीच आपसी मुद्दों पर अहम और विस्तृत बातचीत हुई। जी20 के सफल आयोजन और उसमें अफ्रीकन यूनियन को शामिल कराने के लिए मैं पीएम मोदी को बधाई देता हूं। ग्लोबल साउथ के देशों का नेतृत्व करने के लिए भी मैं उन्हें बधाई देता हूं। हमारी साझी विरासत और इतिहास है। साल 1911 में पहली बार कोई भारतीय केन्या पहुंचा था। कई केन्याई लोग भी इलाज के लिए भारत आते हैं।
केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रुतो ने कहा, 'हमारे बीच सहयोग का एक लंबा इतिहास रहा है और आज की यात्रा में हमने उस रिश्ते को मजबूत किया है और हमारी सरकारों के बीच जुड़ाव का दायरा बढ़ाया है। हमने चर्चा की कि भारतीय राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण बैंक किसानों को ऋण प्रदान करने में हमारे कृषि वित्त निगम के साथ कैसे काम करेगा। ताकि हम खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों से निपट सकें।'
राष्ट्रपति भवन में हुआ स्वागत
इससे पहले सोमवार को भारत दौरे पर पहुंचे केन्याई राष्ट्रपति विलियम सामोई रुतो का आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहे। बता दें कि केन्याई राष्ट्रपति तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं। केन्या के किसी राष्ट्रपति की बीते छह सालों में यह पहली भारत यात्रा है। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करना है।
'भारत-केन्या अच्छे दोस्त'
इस दौरान केन्या के राष्ट्रपति ने कहा कि 'भारत और केन्या बहुत अच्छे दोस्त हैं। केन्या की आजादी से पहले से हमारे बीच विभिन्न स्तरों पर राजनयिक संबंध थे। मैं राष्ट्रपति महोदया और अपने अच्छे मित्र प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर भारत आया हूं। मेरी अपेक्षा है कि हमें केन्या और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने की जरूरत है। हम देख रहे हैं कि हम ग्रामीण विकास और खासकर कृषि के क्षेत्र में साझेदारी कर सकते हैं। कई अन्य चीजों पर भी हम चर्चा करेंगे।'
#WATCH दिल्ली: राष्ट्रपति भवन में केन्या के राष्ट्रपति विलियम सामोई रुतो का औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहें। pic.twitter.com/opXCbZ5NNw
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 5, 2023
करीब तीन महीने पहले भारत में हुए सम्मेलन के दौरान अफ्रीकन यूनियन को जी20 में शामिल किया गया था। ऐसे में केन्याई राष्ट्रपति के इस भारत दौरे की काफी रणनीतिक अहमियत है। केन्याई राष्ट्रपति मंगलवार को बिजनेस जगत के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। बता दें कि केन्याई राष्ट्रपति के भारत दौरे से पहले बीते महीने ही भारत के विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने 30 सदस्यों वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ केन्या का दौरा किया था। इससे पहले केन्या के रक्षा मंत्रालय के कैबिनेट सचिव एडेन बारे दुआले ने भी अगस्त में भारत का दौरा किया था।