फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Kathua Gangrape: victim father approaches Supreme Court for transferring case outside J&K

कठुआ गैंगरेप: जम्मू-कश्मीर से बाहर हो केस की सुनवाई, पिता की अर्जी पर SC ने भेजा सरकार को नोटिस

Mon, 16 Apr 2018 04:21 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 16 Apr 2018 04:21 PM IST
विज्ञापन
Kathua Gangrape: victim father approaches Supreme Court for transferring case outside J&K
Supreme Court of India

सुप्रीम कोर्ट ने कठुआ रेप कांड पीड़ित के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया है। पीड़िता के पिता का पक्ष रख रहीं वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने कहा कि राज्य का माहौल ऐसा नहीं है जिसमें कि ठीक तरह से ट्रायल हो सके। वहां का वातावरण बहुत ज्यादा धुव्रीकरण वाला है।

विज्ञापन


राज्य सरकार के काम की तारीफ करते हुए जयसिंह ने कहा- राज्य सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है और उन्होंने ना केवल सभी आरोपियों को सबूतों के आधार पर बल्कि साइंटिफिक आधार पर भी गिरफ्तार किया है।
विज्ञापन


सुपीम कोर्ट ने जम्मू और कश्मीर सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह पीड़िता के परिवार और उनकी वकील को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।

पीड़ित परिवार की वकील दीपिका सिंह रजावत ने कहा कि 'सुप्रीम कोर्ट ने हमें सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। सभी अथॉरिटी को (पीड़ित परिवार और उनके वकील) के यह निर्देश जारी किए गए हैं।' 
विज्ञापन
विज्ञापन






बता दें कि इस मामले में अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन

वहीं कोर्ट परिसर के बाहर वकीलों ने जम्मू और कश्मीर के वकीलों पर गैंगरेप को लेकर हुई कार्यवाही के खिलाफ प्रदर्शन किया। जम्मू और कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची को बंधक बनाकर उसके साथ एक हफ्ते तक बलात्कार करने और फिर उसकी निर्ममता से हत्या करने के मामले ने देश को हिलाकर रख दिया है। पीड़ित परिवार की तरफ से कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें इस केस की सुनवाई को जम्मू-कश्मीर से बाहर करवाने की गुहार लगाई गई थी। 

कोर्ट में याचिका बच्ची के पिता ने दायर की थी। उन्होंने सुरक्षा, सलामती का हवाला देते हुए केस को जम्मू और कश्मीर से बाहर ट्रांसफर करने की अपील की है। याचिका में कहा गया है कि केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर कर दिया जाए क्योंकि जम्मू में इसका ठीक तरह से ट्रायल नहीं हो पाएगा। इसके साथ ही जब तक केस दूसरे राज्य में ट्रांसफर ना हो जाए तब तक इसकी जांच को आगे ना बढ़ाया जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि नेताओं को नाबालिग आरोपी से मिलने से रोका जाए और जांच की प्रगति रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाए।

आरोपियों को मिल रहे समर्थन से पीड़ित परिवार भयभीत है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया का कहना है कि यदि जांच में वकील दोषी साबित होते हैं तो उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। जांच के लिए बार काउंसिल ने 5 सदस्यीय टीम का गठन किया है। साथ ही वकीलों से अपनी हड़ताल खत्म करने को कहा गया है। इसी बीच पीड़िता की वकील दीपिका सिंह राजावत ने अपने साथ रेप या हत्या कराए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने भी जम्मू-कश्मीर से बाहर केस ट्रांसफर करने की मांग की है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed