एक दूसरे पर जलती हुई मशाल फेंकते हैं इस जगह के लोग, ये रही वजह
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कर्नाटक का अग्नि खेली त्योहार इन दिनों चर्चा में है। इस त्योहार में दो गांव के लोग एक-दूसरे के ऊपर जलती हुई मशाल फेंकते हैं। यहां के लोग आठ दिन तक अग्नि खेली त्योहार मनाते हैं। कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ जिले के श्री दुर्गापरमेश्वरी मंदिर में रविवार देर रात 'अग्नि खेली' त्योहार मनाया गया। फेस्टिवल के तहत दो गांव आतुर और कलत्तुर के लोगों ने एक-दूसरे के ऊपर जलती हुई मशाल फेंकी।
अग्नि खेली त्योहार को लेकर वहां के लोगों की मान्यता है कि इस से उनके उनके दुख दूर होते हैं। त्योहार के अनुसार पहले दोनों गांव के लोग देवी की शोभा यात्रा निकालते हैं। उसके बाद वो तालाब में डुबकी लगाते हैं। फिर अलग-अलग दल बनाकर नारियल की छाल से बनी मशाल को जलाकर एक-दूसरे के ऊपर फेंकते हैं। यह खेल करीब 15 मिनट तक चलता है। इस खेल में एक व्यक्ति सिर्फ पांच बार ही जलती मशाल फेंक सकता है। उसके बाद मशाल को बुझाकर वहां से हट जाता है।
अग्नि खेली त्योहार 8 दिन तक चलता है। त्योहार के दौरान दोनों गांव के लोग मांस और शराब का सेवन नहीं करते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस खेल में आर्थिक या फिर शारीरिक रूप से परेशान व्यक्ति शामिल होते हैं। मान्यता है कि एसा करने पर मां भवानी सारे कष्ट दूर कर देती हैं। इसमें सिर्फ पुरुष ही शामिल होते हैं।
#WATCH Visuals of the ‘Agni Kheli’ or Thoothedhara ritual from Sri Durgaparameshwari temple in Kateel, Karnataka. pic.twitter.com/xCqF6lrBGQ
— ANI (@ANI) April 22, 2019