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Kashmiri Pundit Exodus: राष्ट्रवाद में भाजपा से आगे निकलना चाहते हैं केजरीवाल! बीजेपी से पूछा- क्या है पंडितों को बचाने का प्लान?

Sun, 05 Jun 2022 09:41 PM IST
amit sharma अमित शर्मा
Updated Sun, 05 Jun 2022 09:41 PM IST
सार

केजरीवाल ने कश्मीर समस्या पर भाजपा को लगभग उसी अंदाज में घेरने की कोशिश की है, जिस अंदाज में खुद भाजपा कभी कांग्रेस सरकारों को घेरा करती थी।

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Kashmiri Pundit Exodus: Kejriwal wants to overtake BJP in nationalism Asked BJP What is the plan to save Pandits Anurag Thakur Reply 
arvind kejriwal - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जानते हैं कि ‘राष्ट्रवाद’ और ‘हिंदुत्व’ भाजपा की सबसे बड़ी ताकत हैं। अपनी इसी ताकत के बल पर भाजपा ने पूरे विपक्ष को पंगु कर दिया है। कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को भाजपा की इस राजनीति की काट नहीं मिल रही है, लेकिन केजरीवाल ने इन मुद्दों पर लगातार ज्यादा प्रखरता के साथ बोलकर खुद को भाजपा से ज्यादा बड़ा राष्ट्रवादी और हिंदूवादी साबित करने की कोशिश की है। उनकी इसी रणनीति का असर है कि वे अब तक भाजपा के खिलाफ राजनीतिक युद्ध में मजबूती के साथ टिके हुए हैं। इसी रणनीति के बल पर उन्होंने न केवल अपना किला बचाया है, बल्कि दूसरे किले जीतने में सफलता भी हासिल की है।

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अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक बार फिर जंतर-मंतर की राह पकड़ी और अपने उसी पुराने रूप में दिखाई पड़े, जिसने उन्हें एक आंदोलनकारी की पहचान दी थी और जिसके सहारे वे दिल्ली की सत्ता तक जा पहुंचे थे। कश्मीरी पंडितों के समर्थन में आयोजित ‘आक्रोश रैली’ को संबोधित करते हुए उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की कश्मीर नीति पूरी तरह असफल साबित हुई है। केंद्र ने कहा था कि अनुच्छेद 370 और 35A के विवादित प्रावधानों की समाप्ति के बाद कश्मीर में शांति आ जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। केंद्र की कश्मीर नीति पर यह बड़ा हमला है।
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कश्मीर मुद्दे पर अगुवाई
ध्यान देने की बात है कि कश्मीर मामलों पर अन्य विपक्षी दल केवल ट्वीट और मीडिया में कुछ  बयानबाजी करने तक सीमित रह गए। अब तक किसी दल ने सड़कों की राह पकड़कर इस मुद्दे पर केंद्र को कटघरे में खडा करने का काम नहीं किया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने इस मामले में पहल करते हुए सड़कों पर उतरकर पंडितों के पलायन पर केंद्र से सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि उसके पास कश्मीर समस्या को सुलझाने और कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा देने का क्या प्लान है?
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पार्टी नेता संजय सिंह ने भी आरोप लगाया है कि कश्मीर से पंडितों का पलायन केवल उसी समय में हुआ जब भाजपा सत्ता में थी या सत्ता की भागीदार थी। 1989-90 में भाजपा केंद्र में वीपी सिंह सरकार का समर्थन कर रही थी, जब कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ। अब दूसरी बार तब पलायन हो रहा है जब केंद्र में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार है। उन्होंने भाजपा पर कश्मीरी पंडितों की समस्या पर केवल राजनीति करने और कोई ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया।

मीटिंग नहीं, एक्शन चाहिए
केजरीवाल ने कश्मीर समस्या पर भाजपा को लगभग उसी अंदाज में घेरने की कोशिश की है, जिस अंदाज में खुद भाजपा कभी कांग्रेस सरकारों को घेरा करती थी। अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कश्मीर में कश्मीरी पंडित और निरपराध लोग मारे जा रहे हैं, लेकिन अमित शाह केवल लंबी-लंबी बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अब मीटिंग करते हुए नहीं देखना चाहता है, लोग कार्रवाई होते हुए देखना चाहते हैं। केंद्र को बताना चाहिए कि वह कश्मीर समस्या पर क्या एक्शन लेने जा रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह सभी जानते हैं कि कोई सरकार अपना एक्शन प्लान इस तरह सार्वजनिक नहीं करती। आतंकियों से निबटने के लिए केंद्र जो भी प्लान बनाएगा, उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन उसका सार्वजनिक मंच पर खुलासा नहीं किया जाएगा। लेकिन इस तरह की अपील जनता को खूब पसंद आती है और इससे लोग इस मुद्दे से ज्यादा संवेदनशीलता के साथ जुड़ते हैं। लेकिन विपक्षी दल इसी तरह के हमलों से सरकारों पर दबाव बनाते आए हैं।

पाकिस्तान को भी ललकारा
पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान पूर्व आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर खालिस्तान समर्थक होने का आरोप लगाया था। इसके पहले भी भाजपा नेताओं ने उन पर अराजक होने का आरोप लगाया था। केजरीवाल ने जंतर-मंतर के मंच से पाकिस्तान पर हमला बोलकर इन्हीं आरोपों का जवाब देने की कोशिश की।

उन्होंने पाकिस्तान को ललकारते हुए कहा कि उसे (कश्मीर में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की) छिछोरी हरकतों से बाज आना चाहिए। जिस दिन भारत अपनी पर आ  जाएगा, पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जाएगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का था, है और भारत का ही रहेगा। पाकिस्तान को घाटी में आतंक फैलाने की कोशिशों से बाज आना चाहिए।

केंद्र बताए कश्मीर प्लान
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से कश्मीर पर चार सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि उसके पास कश्मीर की समस्या से निबटने का क्या प्लान है? उन्होंने केंद्र को उस बॉंड को समाप्त कर देने की अपील भी की जिसके अंतर्गत 90 के दशक के पीड़ित परिवारों को कश्मीर में  केवल इस शर्त पर नौकरी दी गई है कि उन्हें कश्मीर घाटी में ही काम होगा। उन्होंने कहा कि इससे कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों को प्रदर्शन करने पर रोक लगा रही है। तीसरी मांग के रूप में उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों की मांगें केंद्र सरकार को मान लेनी चाहिए। चौथी मांग के रूप में उन्होंने कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की। केजरीवाल ने कहा कि वे कश्मीरी पंडितों के साथ खड़े हैं।


भाजपा ने किया पलटवार
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कश्मीरी पंडितों के लिए किया क्या है? अरविंद केजरीवाल तो सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर भी सवाल उठाते रहे। कश्मीरी पंडितों पर हुए नरसंहार को तो वो मानते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वो तो ऐसे हैं जो खालिस्तानियों के समर्थन से पंजाब में सरकार बनाने का प्रयास करते हैं। मैं बताना चाहता हूं कि जनसंघ से लेकर भाजपा के समय तक कश्मीर के लिए भाजपा ने आवाज उठाई। 370, 35-ए और आतंकवादियों से मुक्ति मोदी सरकार ने दिलाई, जम्मू कश्मीर का विकास मोदी सरकार ने किया।

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