कश्मीर हिंसाः श्रद्धालुओं ने फोन पर बताया, भीड़ के हमले में कैसे महफूज रही जिंदगी
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कश्मीर घाटी में हिजबुल कमांडर आतंकी बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के विरोध के बीच शनिवार सुबह श्रीनगर के पंथ चौक पर बल्वाइयों ने अमरनाथ यात्रियों पर हमला बोल दिया। इन तीर्थ यात्रियों में डेढ़ सौ अलीगढ़ के हैं।
सेना ने बलवाइयों से मोर्चा लेते हुए अमरनाथ यात्रियों को अपने सुरक्षा घेरे में तो ले लिया, मगर वह सभी फंस गए हैं। इन तीर्थ यात्रियों के चारों ओर बल्वाई लगातार पथराव, फायरिंग व बमबारी कर रहे हैं। कई वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं।
इस खबर के मिलने के बाद उनके परिवारों में बेहद बेचैनी का आलम है। परिजन बराबर उनसे संपर्क में हैं। घरों में सकुशल वापसी के लिए पूजा-अर्चना की जा रही है।
मामू भांजा निवासी चंद्रपाल कश्यप पिछले 22 साल से श्री अमरनाथ बाबा सेवा समिति के तहत छड़ी यात्रा लेकर अमरनाथ दर्शन को जाते हैं। इस बार भी वह करीब 90 तीर्थ यात्रियों को दो बसों में लेकर गए हैं।
श्रीनगर के पंत चौक पर फंसे अलीगढ़ के अमरनाथ यात्रियों पर हमला
इनका जत्था 28 जून को यहां से रवाना हुआ था और अमरनाथ दर्शन के बाद वापसी में शुक्रवार शाम श्रीनगर रेलवे स्टेशन के पास पंथ चौक पहुंच गया था। यहां रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह वापसी की तैयारी थी। मगर शुक्रवार को दस लाख के इनामी आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी के साथ-साथ श्रीनगर में भी कर्फ्यू लगा दिया गया।
रात को इन सभी यात्रियों के फोन भी बंद करा दिए गए थे। चंद्रपाल कश्यप ने बताया कि शनिवार सुबह अचानक उपद्रवी भड़क गए और उन्होंने सेना से मोर्चा लेना शुरू कर दिया। पंथ चौक पर रुके तीन हजार के करीब अमरनाथ तीर्थ यात्रियों की ओर पथराव शुरू कर दिया। उनके वाहनों में तोड़फोड़ कर दी।
मामू भांजा से गए जत्थे के दिल्ली निवासी बस चालक सरदार को घेरकर जमकर पीटा गया। उसकी बस के सभी शीशे आदि तोड़ दिए गए। बस चालक को सेना के जवानों ने जैसे-तैसे बचाया और इलाज के लिए अस्पताल में भरती कराया।
इसके अलावा कुछ अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना के बाद से सभी तीर्थ यात्रियों को सेना ने पंथ चौक पर ही एक खुले मैदान में सुरक्षा घेरे में ले रखा है। मगर बल्वाइयों की ओर से पथराव, फायरिंग व बमबारी जारी है। पंथ चौक पर अलीगढ़ के 150 श्रद्धालु फंसे हैं।
( फोटो में चंद्रपाल कश्यप का परिवार )
बालटाल के भंडारों में फंसे श्रद्धालु, अमरनाथ यात्रा रोकी
इस बवाल चलते जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा रोक दी है। बालटाल स्थित भंडारों में अलीगढ़-हाथरस के करीब 150 से अधिक श्रद्धालु फंस गए हैं। हालांकि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। मगर वहां से न वापस लौटने दिया जा रहा है और न आगे जाने दिया जा रहा है।
श्री अमरनाथ शिव शक्ति सेवा मंडल के प्रधान अजय जलेसरिया ने बताया कि बालटाल स्थित धूमेल पर उनका भंडारा है। शनिवार सुबह से ही प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को रोक दिया।
एनाउंस के बाद श्रद्धालुओं को सुरक्षा की दृष्टि से भंडारों में रोक लिया है। उनके भंडारे में अलीगढ़ और हाथरस के करीब 150 श्रद्धालु रुके हुए हैं। यात्रा शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं को जाने दिया जाएगा।
श्री अमरनाथ सेवा मंडल के प्रधान सेवादार पंकज वार्ष्णेय निवासी अशोक नगर ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण करनाल के भंडारे में उनके साथ गणेश वार्ष्णेय निवासी अशोक नगर, संजीव वार्ष्णेय निवासी नौरंगाबाद, नीरज निवासी बारहद्वारी सहित 60 श्रद्धालु रुके हुए हैं।
उधर, आरपीएफ के उपनिरीक्षक चौ. राम बाबू ने बताया कि वह दादरी के लोगों के साथ बाबा के दर्शन करने गए थे। देर शाम प्रदर्शनकारियों ने उनकी बस पर पथराव कर दिया, जिससे बस के शीशे टूट गए।
अलीगढ़ की कार पर भी हुआ पथराव
सासनीगेट इलाके के श्रद्धालुओं की कार पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। उन्होंने बताया कि कार में सवार सासनीगेट निवासी मयंक बजाज, कुश गुप्ता निवासी मानिक चौक सहित पांच लोग बैठे हुए रास्ते में प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को घेर कर पथराव कर दिया। चालक की सूझबूझ से किसी भी श्रद्धालु को चोट नहीं आई।
Published By Rahul Sankrityayan