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रोज 5000 श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब जाने की मिले अनुमति : भारत
Fri, 15 Mar 2019 02:47 AM IST
अजय सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, अटारी बॉर्डर
अमर उजाला ब्यूरो, अटारी बॉर्डर
Published by: अजय सिंह
Updated Fri, 15 Mar 2019 02:47 AM IST
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Kartarpur sahib
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पुलवामा आतंकी हमले के एक महीने बाद करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर भारत-पाकिस्तान के बीच वीरवार को अधिकारी स्तर की बैठक हुई। दोनों देशों इस बात पर सहमत हुए कि श्रद्धालुओं की एंट्री के लिए पासपोर्ट अनिवार्य होगा। भारतीय अधिकारियों ने प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालुओं को करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए भेजे जाने पर जोर दिया। इसके अलावा यह प्रस्ताव भी दिया कि गुरु पर्वों और अन्य ऐतिहासिक दिवसों पर अलग से दस हजार श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति और इस कॉरिडोर को पूरा साल खुला रखा जाए।
बैठक में यह भी बात हुई कि भारत सरकार करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को देगी। पाकिस्तान सरकार एक-दो दिन में उस पर अपनी अनुमति दे देगी। कोशिश रहेगी कि करतारपुर साहिब की यात्रा केवल पासपोर्ट से हो जाए। वीजा और अन्य दस्तावेजों आदि की जरूरत न पड़े। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।
2 अप्रैल को फिर होगी बैठक :
अब 19 मार्च को दोनों देशों के तकनीक विशेषज्ञ डेरा बाबा नानक इंटरनेशनल बॉर्डर की जीरो रेखा पर करतारपुर साहिब के लिए बनाए जा रहे टर्मिनलों और अन्य निर्माण कार्यों की जांच करेंगे। दोनों कॉरिडोर एक-दूसरे कैसे मिलेंगे, इस पर भी चर्चा होगी। दो अप्रैल को एक बार फिर दोनों देशों के अधिकारी पाकिस्तान वाघा बॉर्डर पर एक बैठक करेंगे। इस बैठक में केवल पासपोर्ट के साथ यात्रा की अनुमति देने पर बातचीत होगी।
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बैठक में यह भी बात हुई कि भारत सरकार करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाने वाले जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को देगी। पाकिस्तान सरकार एक-दो दिन में उस पर अपनी अनुमति दे देगी। कोशिश रहेगी कि करतारपुर साहिब की यात्रा केवल पासपोर्ट से हो जाए। वीजा और अन्य दस्तावेजों आदि की जरूरत न पड़े। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।
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2 अप्रैल को फिर होगी बैठक :
अब 19 मार्च को दोनों देशों के तकनीक विशेषज्ञ डेरा बाबा नानक इंटरनेशनल बॉर्डर की जीरो रेखा पर करतारपुर साहिब के लिए बनाए जा रहे टर्मिनलों और अन्य निर्माण कार्यों की जांच करेंगे। दोनों कॉरिडोर एक-दूसरे कैसे मिलेंगे, इस पर भी चर्चा होगी। दो अप्रैल को एक बार फिर दोनों देशों के अधिकारी पाकिस्तान वाघा बॉर्डर पर एक बैठक करेंगे। इस बैठक में केवल पासपोर्ट के साथ यात्रा की अनुमति देने पर बातचीत होगी।
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हाथ तक नहीं मिलाए गए :
इस दौरान पाकिस्तानी शिष्टमंडल के मुखिया डॉ. मोहम्मद फैजल ने विश्वास दिलाया कि आतंकवादियों को श्री करतारपुर साहिब की पावन धरती का प्रयोग नहीं करने दिया जाएगा। भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यह बैठक करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को लेकर थी। इस बैठक को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत न समझा जाए। यह बैठक दिल्ली में नहीं, दोनों देशों को बांटने वली सीमा अटारी में हुई है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए आने वाले शिष्टमंडल को न कोई रेड कारपेट स्वागत दिया गया और न ही उनके साथ हाथ मिलाया गया। दोनों पक्षों के बीच पांच घंटे तक लगातार बातचीत हुई।
इमरान खान और चावला की बैठक का मुद्दा भी उठाया :
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भारतीय शिष्टमंडल के मुखिया गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने बताया कि इस बैठक में पाकिस्तानी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और आतंकी सरगना हाफिज सईद के साथी गोपाल चावला की बैठक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गुरुद्वारे साहिब के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं की पवित्रता के साथ कोई भी समझौता नहीं होगा। जिस श्रद्धा के साथ श्रद्धालु करतारपुर जाएंगे, उनकी आस्था को कोई भी चोट न पहुंचे।
कड़ी सुरक्षा में कांफ्रेंस हाल में लाया गया :
सुबह पाकिस्तान से 20 सदस्यीय शिष्टमंडल अटारी सीमा के रास्ते पहुंचा। इस शिष्टमंडल में तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं। कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तानी अधिकारियों को अटारी सीमा से आईसीपी स्थित कांफ्रेंस हाल में ले जाया गया।
इमरान खान और चावला की बैठक का मुद्दा भी उठाया :
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में भारतीय शिष्टमंडल के मुखिया गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने बताया कि इस बैठक में पाकिस्तानी अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है। भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और आतंकी सरगना हाफिज सईद के साथी गोपाल चावला की बैठक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गुरुद्वारे साहिब के दर्शनों को जाने वाले श्रद्धालुओं की पवित्रता के साथ कोई भी समझौता नहीं होगा। जिस श्रद्धा के साथ श्रद्धालु करतारपुर जाएंगे, उनकी आस्था को कोई भी चोट न पहुंचे।
कड़ी सुरक्षा में कांफ्रेंस हाल में लाया गया :
सुबह पाकिस्तान से 20 सदस्यीय शिष्टमंडल अटारी सीमा के रास्ते पहुंचा। इस शिष्टमंडल में तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं। कड़ी सुरक्षा के बीच पाकिस्तानी अधिकारियों को अटारी सीमा से आईसीपी स्थित कांफ्रेंस हाल में ले जाया गया।