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कर्नाटक: उपराष्ट्रपति नायडू ने कहा- लोकगीत हमारी विरासत के अहम हिस्से, ये विविधता और बहुसंस्कृतिवाद के प्रतीक
Mon, 23 Aug 2021 03:53 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 23 Aug 2021 03:53 PM IST
सार
बंगलूरू के राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने वर्चुअल तरीके से अपने विचार रखे। इसमें उन्होंने लोकगीतों व लोककथाओं के महत्व को रेखांकित किया।
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उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू
विस्तार
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बेंगलूरू के राजभवन में समाज में लोककथाओं के महत्व पर एक कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'लोकगीत हमारी विरासत के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक हैं। ये सही मायने में लोक साहित्य है।'
नायडू ने कहा कि भारत का महान इतिहास है। यह लोक और समग्र परंपराओं की समृद्ध विविधता है। देश के प्रत्येक भाग में लोक परंपराओं के अपने समृद्ध हस्ताक्षर हैं। लोकगीत भारत में विविधता और बहुसंस्कृतिवाद की सच्ची भावना के प्रतीक हैं।
सामाजिक परिवर्तन में हो इस्तेमाल
नायडू ने कहा कि लोककथा परंपराओं को पुनर्जीवित करके उनका उपयोग सामाजिक परिवर्तन के लिए किया जाना चाहिए। लोककथा लोक साहित्य है, इसे ग्रामीण भारत से अलग नहीं किया जा सकता। स्कूलों और कॉलेजों के वार्षिक आयोजनों में स्थानीय तथा लोक कला रूप पर बल दिया जाना चाहिए।
उन्होंने विभिन्न परंपरागत लोकविधाओं की लोकप्रियता में धीरे-धीरे हो रही गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोक कला के विभिन्न रूपों का उपयोग करने वाले समुदाय विलुप्त हो रहे हैं। उन्होंने ऐसे समुदायों से आने वाले युवाओं को कौशल और प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया ताकि लोक कलाओं को पुनर्जीवित किया जा सके। उन्होंने युवाओं से हिमायत और सामाजिक परिवर्तन के साधनों के रूप में लोक मीडिया का उपयोग करने को कहा।
उप राष्ट्रपति ने अपने देश की लोककथाओं की परंपराओं का समृद्ध डाटाबेस विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑडियो-विजुअल मीडिया का उपयोग करके व्यापक प्रलेखन किया जाना चाहिए और इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि आधुनिक रूप देने के लिए अनुवाद की प्रक्रिया में उनका सार-तत्व नष्ट नहीं हो।
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नायडू ने कहा कि भारत का महान इतिहास है। यह लोक और समग्र परंपराओं की समृद्ध विविधता है। देश के प्रत्येक भाग में लोक परंपराओं के अपने समृद्ध हस्ताक्षर हैं। लोकगीत भारत में विविधता और बहुसंस्कृतिवाद की सच्ची भावना के प्रतीक हैं।
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Karnataka | Vice President M Venkaiah Naidu virtually addresses an event on importance of folklore in society in Bengaluru's Raj Bhavan
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"Folklore is one of the most important parts of our heritage. It is, in its true sense, the people's literature," he says pic.twitter.com/R34daNxTVA — ANI (@ANI) August 23, 2021
सामाजिक परिवर्तन में हो इस्तेमाल
नायडू ने कहा कि लोककथा परंपराओं को पुनर्जीवित करके उनका उपयोग सामाजिक परिवर्तन के लिए किया जाना चाहिए। लोककथा लोक साहित्य है, इसे ग्रामीण भारत से अलग नहीं किया जा सकता। स्कूलों और कॉलेजों के वार्षिक आयोजनों में स्थानीय तथा लोक कला रूप पर बल दिया जाना चाहिए।
उन्होंने विभिन्न परंपरागत लोकविधाओं की लोकप्रियता में धीरे-धीरे हो रही गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोक कला के विभिन्न रूपों का उपयोग करने वाले समुदाय विलुप्त हो रहे हैं। उन्होंने ऐसे समुदायों से आने वाले युवाओं को कौशल और प्रशिक्षण देने का सुझाव दिया ताकि लोक कलाओं को पुनर्जीवित किया जा सके। उन्होंने युवाओं से हिमायत और सामाजिक परिवर्तन के साधनों के रूप में लोक मीडिया का उपयोग करने को कहा।
उप राष्ट्रपति ने अपने देश की लोककथाओं की परंपराओं का समृद्ध डाटाबेस विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि ऑडियो-विजुअल मीडिया का उपयोग करके व्यापक प्रलेखन किया जाना चाहिए और इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि आधुनिक रूप देने के लिए अनुवाद की प्रक्रिया में उनका सार-तत्व नष्ट नहीं हो।