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Karnataka: छात्र ने आत्महत्या से पहले लिखा- मैं टूट चुका हूं; तीन सहपाठियों पर खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप
Wed, 23 Jul 2025 03:39 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Wed, 23 Jul 2025 03:39 PM IST
सार
बंगलूरू में एक 22 वर्षीय कॉलेज छात्र ने आत्महत्या कर ली। शुरुआत में यह सामान्य मौत मानी गई, लेकिन अब परिजनों की शिकायत के बाद तीन सहपाठियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि छात्र को व्हाट्सऐप ग्रुप में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बंगलूरू से एक दुखद खबर सामने आई है। एक 22 वर्षीय कॉलेज छात्र ने आत्महत्या कर ली। प्रारंभ में इसे सामान्य मौत माना गया लेकिन अब मामला गंभीर हो गया है। छात्र के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को लंबे समय से तीन सहपाठी मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इन आरोपों के बाद तीन छात्रों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना 11 जुलाई को हुई थी। मृतक छात्र की पहचान अरुण सी के रूप में हुई है, जो कर्नाटक के हासन जिले का रहने वाला था। वह बंगलूरू के एक निजी कॉलेज में आर्किटेक्चर (वास्तुकला) का छात्र था। आठवें सेमेस्टर की परीक्षा के बाद वह छुट्टियों में घर लौटा था। उसी दौरान उसके घर में एक लोहे की रॉड से साड़ी के सहारे लटका शव मिला। जब घटना हुई, तब उसके माता-पिता मजदूरी करने बाहर गए हुए थे।
सुसाइड नोट में किसी को नहीं ठहराया जिम्मेदार
मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन उसमें अरुण ने किसी को अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया था। इस वजह से पुलिस ने शुरुआत में इसे ‘अप्राकृतिक मौत’ मानते हुए सामान्य केस दर्ज किया था। मगर बाद में मामला तब पलटा, जब अरुण के माता-पिता ने बेटे की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए और नया बयान दर्ज कराया।
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माता-पिता का दावा
अरुण के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दी कि कॉलेज के तीन सहपाठी उनके बेटे को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्हें उनके दो दोस्तों ने बताया कि एक साल से ज्यादा समय से व्हाट्सऐप ग्रुप में अरुण को नीचा दिखाने वाले और अपमानजनक मैसेज भेजे जा रहे थे। इससे वह काफी परेशान रहता था और मानसिक रूप से टूट गया था।
ये भी पढ़ें- शहरों की बाढ़ पूरी तरह रोकना संभव नहीं, इन उपायों से मिलेगी राहत
मौत से पहले वीडियो बनाकर ग्रुप में डाला
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मरने से पहले अरुण ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपना दर्द बयान किया और इसे क्लास के व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा किया था। परिवार को इस वीडियो की जानकारी उसकी मौत के बाद मिली। इससे साफ होता है कि अरुण अपने सहपाठियों की हरकतों से बेहद आहत था।
तीन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मदनायकनहल्ली पुलिस ने अब तीन छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) (साझा मंशा) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- मिंत्रा के खिलाफ 1654 करोड़ के उल्लंघन की शिकायत, 'कैश एंड कैरी' की आड़ में किया मल्टी ब्रांड रिटेल ट्रेड
रूममेट्स और कॉलेज स्टाफ से भी होगी पूछताछ
पुलिस अब अरुण के रूममेट्स, दोस्तों, सहपाठियों और कॉलेज के अधिकारियों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अरुण किन हालातों से गुजर रहा था और कॉलेज स्तर पर किसी ने उसकी मदद करने की कोशिश की या नहीं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूत और चैट मैसेज भी जांच का हिस्सा होंगे।
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यह घटना 11 जुलाई को हुई थी। मृतक छात्र की पहचान अरुण सी के रूप में हुई है, जो कर्नाटक के हासन जिले का रहने वाला था। वह बंगलूरू के एक निजी कॉलेज में आर्किटेक्चर (वास्तुकला) का छात्र था। आठवें सेमेस्टर की परीक्षा के बाद वह छुट्टियों में घर लौटा था। उसी दौरान उसके घर में एक लोहे की रॉड से साड़ी के सहारे लटका शव मिला। जब घटना हुई, तब उसके माता-पिता मजदूरी करने बाहर गए हुए थे।
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सुसाइड नोट में किसी को नहीं ठहराया जिम्मेदार
मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला, लेकिन उसमें अरुण ने किसी को अपनी मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया था। इस वजह से पुलिस ने शुरुआत में इसे ‘अप्राकृतिक मौत’ मानते हुए सामान्य केस दर्ज किया था। मगर बाद में मामला तब पलटा, जब अरुण के माता-पिता ने बेटे की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए और नया बयान दर्ज कराया।
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माता-पिता का दावा
अरुण के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दी कि कॉलेज के तीन सहपाठी उनके बेटे को लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्हें उनके दो दोस्तों ने बताया कि एक साल से ज्यादा समय से व्हाट्सऐप ग्रुप में अरुण को नीचा दिखाने वाले और अपमानजनक मैसेज भेजे जा रहे थे। इससे वह काफी परेशान रहता था और मानसिक रूप से टूट गया था।
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मौत से पहले वीडियो बनाकर ग्रुप में डाला
शिकायत में यह भी कहा गया है कि मरने से पहले अरुण ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने अपना दर्द बयान किया और इसे क्लास के व्हाट्सऐप ग्रुप में साझा किया था। परिवार को इस वीडियो की जानकारी उसकी मौत के बाद मिली। इससे साफ होता है कि अरुण अपने सहपाठियों की हरकतों से बेहद आहत था।
तीन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मदनायकनहल्ली पुलिस ने अब तीन छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 3(5) (साझा मंशा) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अगर आरोप सही पाए गए तो आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रूममेट्स और कॉलेज स्टाफ से भी होगी पूछताछ
पुलिस अब अरुण के रूममेट्स, दोस्तों, सहपाठियों और कॉलेज के अधिकारियों से भी पूछताछ करने की योजना बना रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि अरुण किन हालातों से गुजर रहा था और कॉलेज स्तर पर किसी ने उसकी मदद करने की कोशिश की या नहीं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल सबूत और चैट मैसेज भी जांच का हिस्सा होंगे।