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Karnataka: 'कांग्रेस मेरे लिए मंदिर है...जल्द दिल्ली जाएंगे', नेतृत्व विवाद पर डीके शिवकुमार ने तोड़ी चुप्पी
Fri, 28 Nov 2025 04:15 PM IST
हिमांशु चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 28 Nov 2025 04:15 PM IST
सार
Karnataka Political Crisis: कर्नाटक में नेतृत्व विवाद तेज है, जहां डीके शिवकुमार ने दिल्ली जाने और हाईकमान के निर्देश मानने की बात कही। उन्होंने कांग्रेस को अपना मंदिर बताया। ईश्वर खंड्रे और केएच मुनियप्पा ने विवाद पर बोलने से बचने और समाधान के लिए शीर्ष नेतृत्व की भूमिका का सुझाव दिया।
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डीके शिवकुमार, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए प्रदेश में अंदर ही अंदर खींचतान मची है। दरअसल, कर्नाटक में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तो अंदरखाने से ये बात सामने आ रही थी कि पांच साल के कार्यकाल में ढाई साल सिद्धारमैया और बाकी ढाई साल डीके शिवकुमार सत्ता संभालेंगे। हालांकि इसका आधिकारिक एलान नहीं हुआ था। फिर भी डीके शिवकुमार गुट के कई विधायक इस बात को मान रहे थे। अब सिद्धारमैया के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। ऐसे में खींचतान मचना तो लाजमी है।
कुछ दिन पहले ही शिवकुमार गुट के कई विधायकों ने दिल्ली के आलाकमान से मिलने भी गए। इस दौरान उन्हें चेतावनी दी गई कि वो मीडिया के सामने कोई भी बेमतलब का बयान नहीं देंगे। इसके बाद कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी में कोई अन बन नहीं है। सब ठीक चल रहा है। उस समय डीके शिवकुमार भी कुछ नहीं बोल रहे थे। वो चुप्पी साधे हुए थे। हालांकि अब उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
क्या बोले डीके शिवकुमार?
अंदरूनी खींचतान के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने साफ कहा है कि वे जल्द दिल्ली जाएंगे और पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने कांग्रेस को अपना मंदिर बताते हुए कहा कि पार्टी का लंबा इतिहास है और दिल्ली हमेशा मार्गदर्शन करती रही है। शिवकुमार ने कहा कि जब भी आलाकमान बुलाएगा, वे और मुख्यमंत्री दोनों वहां मौजूद रहेंगे।
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ये भी पढ़ें- पंचायत चुनाव होंगे योगी आदित्यनाथ की बड़ी परीक्षा, सेमीफाइनल के लिए भाजपा तैयार
शिवकुमार ने समुदाय आधारित राजनीति से दूरी दिखाते हुए कहा कि वे सभी तबकों के लिए काम करते हैं। उनका कहना था कि वे किसी पद की मांग नहीं कर रहे, बल्कि पार्टी जो फैसला करेगी, वही मान्य होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी निष्ठा पूरी तरह कांग्रेस के साथ है और वे संगठन की एकता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिवकुमार ध्यान देने वाली बात ये है कि उन्होंने कहीं भी ये बात नहीं कही कि सिद्धारमैया पूरे पांच साल सीएम रहेंगे। ऐसे में और कयास लग रहे हैं कि पार्टी के भीतर कुछ तो हलचल चल रही है।
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कुछ दिन पहले ही शिवकुमार गुट के कई विधायकों ने दिल्ली के आलाकमान से मिलने भी गए। इस दौरान उन्हें चेतावनी दी गई कि वो मीडिया के सामने कोई भी बेमतलब का बयान नहीं देंगे। इसके बाद कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी में कोई अन बन नहीं है। सब ठीक चल रहा है। उस समय डीके शिवकुमार भी कुछ नहीं बोल रहे थे। वो चुप्पी साधे हुए थे। हालांकि अब उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
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क्या बोले डीके शिवकुमार?
अंदरूनी खींचतान के बीच उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने साफ कहा है कि वे जल्द दिल्ली जाएंगे और पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे। उन्होंने कांग्रेस को अपना मंदिर बताते हुए कहा कि पार्टी का लंबा इतिहास है और दिल्ली हमेशा मार्गदर्शन करती रही है। शिवकुमार ने कहा कि जब भी आलाकमान बुलाएगा, वे और मुख्यमंत्री दोनों वहां मौजूद रहेंगे।
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शिवकुमार ने समुदाय आधारित राजनीति से दूरी दिखाते हुए कहा कि वे सभी तबकों के लिए काम करते हैं। उनका कहना था कि वे किसी पद की मांग नहीं कर रहे, बल्कि पार्टी जो फैसला करेगी, वही मान्य होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी निष्ठा पूरी तरह कांग्रेस के साथ है और वे संगठन की एकता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिवकुमार ध्यान देने वाली बात ये है कि उन्होंने कहीं भी ये बात नहीं कही कि सिद्धारमैया पूरे पांच साल सीएम रहेंगे। ऐसे में और कयास लग रहे हैं कि पार्टी के भीतर कुछ तो हलचल चल रही है।
#WATCH | Bengaluru | Amid leadership row in the state, Karnataka Deputy CM DK Shivakumar says, "I will definitely go to Delhi. It is our temple. Congress has a long history, and Delhi will always guide us. When they call me, party leaders and CM, we will go there...My community… pic.twitter.com/NuTBc45V6l
— ANI (@ANI) November 28, 2025
मंत्री ईश्वर खंड्रे का बयान
कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मंत्री ईश्वर खंड्रे ने कहा कि हाईकमान ने निर्देश दिए हैं कि इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर कुछ न कहा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार अच्छा प्रशासन दे रही है और यही काम आगे भी जारी रहेगा।पार्टी अनुशासन सबसे ऊपर है और नेतृत्व को लेकर कोई बयानबाजी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार स्थिर है और जनता के हित में काम जारी रखेगी।
मंत्री केएच मुनियप्पा का नेतृत्व विवाद पर सुझाव
मामले में मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि स्थिति को सुलझाने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी को मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम को बुलाना चाहिए ताकि सरकार सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को साथ बैठकर जल्द फैसला करना चाहिए। मुनियप्पा के अनुसार, समय पर समाधान से सरकार की कार्यकुशलता और स्थिरता बनी रहेगी।
विवाद पर कांग्रेस की सफाई
इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में चुनी हुई सरकार काम कर रही है और अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी।श्रीनेत के मुताबिक राज्य सरकार बेहद लोकप्रिय है और जनता का भरोसा उसके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने आंतरिक मामलों को खुद सुलझा लेगी और विपक्ष का शोर इसकी स्थिरता पर असर नहीं डालता।
अन्य वीडियो-
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मंत्री केएच मुनियप्पा का नेतृत्व विवाद पर सुझाव
मामले में मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि स्थिति को सुलझाने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सोनिया गांधी को मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम को बुलाना चाहिए ताकि सरकार सुचारू रूप से चल सके। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं को साथ बैठकर जल्द फैसला करना चाहिए। मुनियप्पा के अनुसार, समय पर समाधान से सरकार की कार्यकुशलता और स्थिरता बनी रहेगी।
विवाद पर कांग्रेस की सफाई
इसी बीच कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में चुनी हुई सरकार काम कर रही है और अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी।श्रीनेत के मुताबिक राज्य सरकार बेहद लोकप्रिय है और जनता का भरोसा उसके साथ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने आंतरिक मामलों को खुद सुलझा लेगी और विपक्ष का शोर इसकी स्थिरता पर असर नहीं डालता।
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