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Karnataka: वोटर डाटा चोरी मामले मुख्य आरोपी गिरफ्तार, ट्रस्ट और कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज
Mon, 21 Nov 2022 05:52 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 21 Nov 2022 05:52 PM IST
सार
विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने कई निजी लोगों को काम पर रखा था, जिन्हें फर्जी पहचान पत्र दिए गए थे, जिनमें उन्हें शहर निकाय के बूथ स्तर के अधिकारी के रूप में दिखाया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कर्नाटक के कथित मतदाता डाटा चोरी मामले की जांच कर रही बेंगलुरु शहर की पुलिस ने सोमवार को कहा कि उन्होंने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, चिलूम एजुकेशनल कल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (चिलूम ट्रस्ट) के सह-संस्थापक कृष्णप्पा रविकुमार मुख्य आरोपी है। पुलिस ने कहा कि उन्होंने ट्रस्ट और उसके एक कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ट्रस्ट में तीन निदेशक हैं।
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मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से मिलने का समय मांगा
कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि सरकार संस्थापकों और निदेशकों को गिरफ्तार करे और सच्चाई सामने लाने के लिए पहले उनसे पूछताछ की जाए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को घोटाले के बारे में जानकारी देने के लिए मिलने का समय मांगा है। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि उनकी पार्टी जांच के तरीके की निगरानी कर रही है।
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विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने कई निजी लोगों को काम पर रखा था, जिन्हें फर्जी पहचान पत्र दिए गए थे, जिनमें उन्हें शहर निकाय के बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) के रूप में दिखाया गया था। पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाताओं के बीच जागरूकता फैलाने के लिए बेंगलुरु नागरिक एजेंसी द्वारा नियुक्त निजी ट्रस्ट ने मतदाताओं का नाम, मातृभाषा, लिंग, धर्म, जाति, मतदाता पहचान संख्या और आधार संख्या जैसे विवरण एकत्र किए।
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इसने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि वह अवैध सर्वेक्षण के लिए जिम्मेदार थे क्योंकि वह बेंगलुरु शहर के विकास के प्रभारी हैं। बोम्मई ने आरोप से इनकार करते हुए कहा कि इस तरह के सर्वेक्षण तब हुए जब कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।