कर्नाटक: संघ नेताओं से मिले येदियुरप्पा, बोले- अब दिल्ली के निर्देश का इंतजार
करीब एक महीने से चल रहे कर्नाटक के नाटक का मंगलवार देर शाम आखिर पटाक्षेप हो गया। कांग्रेस और जेडीएस विधायकों के इस्तीफे से लड़खड़ाई 14 महीने पुरानी एचडी कुमारस्वामी सरकार बहुमत परीक्षण में फेल होने के बाद सत्ता से बाहर हो गई। जिसके बाद भाजपा में सरकार बनाए जाने को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। आज कर्नाटक में भाजपा विधायक दल की बैठक भी हो रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
येदियुरप्पा ने कहा- दिल्ली के निर्देश का इंतजार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि मैं संघ परिवार के वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लेने के लिए यहां आया था। मैं दिल्ली से निर्देश का इंतजार कर रहा हूं, किसी भी समय हम विधानमंडल दल का सत्र बुला सकते हैं और फिर राजभवन जाएंगे।
BS Yeddyurappa, BJP at RSS office in Chamrajpet, Bengaluru: I came here to take blessings of senior leaders of the Sangh Parivar. I'm waiting for instructions from Delhi, at any point of time we will call for Legislature Party and then head to the Raj Bhavan. #Karnataka pic.twitter.com/uur15ku3Ya
— ANI (@ANI) July 24, 2019विज्ञापन
दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक दल की बैठक जारी है। जहां हार के कारणों पर मंथन किया जा रहा है।
Karnataka Congress leaders meeting underway in Bengaluru following the defeat of Congress-JD(S) government during the trust vote in Assembly, yesterday. pic.twitter.com/xiZykRDO4s
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 24, 2019
मायावती ने साधा भाजपा पर निशाना
कर्नाटक में बीजेपी ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक़ पर रखने के साथ-साथ जिस प्रकार से सत्ता व धनबल का इस्तेमाल करके विपक्ष की सरकार को गिराने का काम किया है वह भी लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।
कर्नाटक में बीजेपी ने संवैधानिक मर्यादाओं को ताक़ पर रखने के साथ-साथ जिस प्रकार से सत्ता व धनबल का इस्तेमाल करके विपक्ष की सरकार को गिराने का काम किया है वह भी लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज रहेगा। इसकी जितनी भी निन्दा की जाए वह कम है।
— Mayawati (@Mayawati) July 24, 2019
पार्टी से निकाले जाने पर बसपा विधायक करेंगे प्रेस कांफ्रेंस
बसपा ने अपने विधायक एन महेश को कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में मतदान न करने पर पार्टी से निकाल दिया है। जिसे लेकर वह दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि पार्टी ने बाहर क्यों निकाला है।
कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के समर्थन में वोट देने के पार्टी हाईकमान के निर्देश का उल्लंघन करके बीएसपी विधायक एन महेश आज विश्वास मत में अनुपस्थित रहे जो अनुशासनहीनता है जिसे पार्टी ने अति गंभीरता से लिया है और इसलिए श्री महेश को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।
— Mayawati (@Mayawati) July 23, 2019
संघ मुख्यालय पहुंचे येदियुरप्पा
मुख्यमंत्र पद की शपथ लेने के पूर्व बीएस येदियुरप्पा बुधवार सुबह बंगलूरू स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने संघ के वरिष्ठ नेताओं को राज्य में हो रहे सियासी हलचल की जानकारी दी।
भाजपा विधायक दल की बैठक जारी
कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार को गिराने के बाद आज भाजपा विधायक दल की बैठक हो रही है जहां येदियुरप्पा को विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद येदियुरप्पा सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत करेंगे।
भाजपा बोली- सीएम येदियुरप्पा होंगे
इस बीच, केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सदानंद गौड़ा ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ही होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व पहले ही इस बारे में अपना मत स्पष्ट कर चुका है। वहीं, भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि हमारे साथ 105 विधायक हैं। सदन में हमारा बहुमत है। सरकार बनाएंगे। बागी विधायकों के इस्तीफे स्पीकर ने अभी स्वीकार नहीं किए हैं। अग देखना है वे भाजपा के साथ आना चाहते हैं या नहीं।
प्रियंका बोलीं-एक दिन भाजपा को पता चल जाएगा कि सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता
महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भाजपा पर संस्थाओं और लोकतंत्र को व्यवस्थित ढंग से कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'एक दिन भाजपा को यह पता चलेगा कि सब कुछ नहीं खरीदा जा सकता, हर किसी के पीछे नहीं पड़ा जा सकता और हर झूठ आखिरकार बेनकाब होता है।'
राहुल ने कहा-लालच की आज जीत हो गई
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'अपने पहले दिन से ही कांग्रेस-जद(एस) सरकार भीतर और बाहर के उन निहित स्वार्थ वाले लोगों के निशाने पर आ गई थी जिन्होंने इस गठबंधन को सत्ता के अपने रास्ते के लिए खतरा और रुकावट के तौर पर देखा।' उन्होंने दावा किया, 'उनके लालच की आज जीत हो गई। लोकतंत्र, ईमानदारी और कर्नाटक की जनता हार गई।'