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Karnataka: 'पार्टी हाईकमान मेरे साथ', मुडा मामले में राज्यपाल द्वारा मुकदमे की मंजूरी पर जानिए क्या बोले सीएम
Sat, 17 Aug 2024 02:44 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 17 Aug 2024 02:44 PM IST
सार
गृह मंत्री ने कहा कि 'हम शुरू से ही कह रहे हैं कि राज्यपाल कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और अब ये बात साबित हो गई है।' परमेश्वर ने कहा कि सिद्धारमैया अपनी कानूनी सलाहकार टीम से चर्चा करेंगे और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे।
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कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और सीएम सिद्धारमैया
- फोटो : पीटीआई/एएनआई
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विस्तार
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। जी परमेश्वर का यह बयान राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा मुडा मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के बाद सामने आया है। गृह मंत्री जी परमेश्वर ने दावा किया कि सीएम के खिलाफ मुकदमे को मंजूरी देने के लिए राज्यपाल गहलोत पर 'ऊपर' से दबाव था। राज्यपाल के निर्णय के बाद शनिवार शाम पांच बजे राज्य मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलाई गई है।
गृह मंत्री ने कहा- 'ऊपर से था दबाव'
मीडिया से बात करते हुए गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि 'यह साफ है कि ऊपर से दबाव था। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मुख्यमंत्री ने कोई निर्देश या मौखिक तौर पर भी कोई निर्देश दिया हो। इसके बावजूद मुख्यमंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।' जी परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री कानूनी तौर पर इस लड़ाई को लड़ेंगे। उन्होंने आरोपल लगाया कि 'हमने राज्यपाल के कारण बताओ नोटिस पर हर छोटी से छोटी बात को विस्तार से समझाया था। अगर इसके बाद भी राज्यपाल ने मुकदमे की मंजूरी दी तो इससे साफ है कि उन पर ऊपर से दबाव था।'
गृह मंत्री ने कहा कि 'हम शुरू से ही कह रहे हैं कि राज्यपाल कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और अब ये बात साबित हो गई है।' परमेश्वर ने कहा कि सिद्धारमैया अपनी कानूनी सलाहकार टीम से चर्चा करेंगे और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे।
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सीएम सिद्धारमैया बोले- पार्टी हाईकमान मेरे साथ
राज्यपाल द्वारा मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'पूरा मंत्रिमंडल, पार्टी हाईकमान, सभी विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सांसद मेरे साथ हैं। वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, '1 अगस्त को हमने कैबिनेट की बैठक की और राज्यपाल से निर्णय वापस लेने की मांग की। हमने उनसे यह भी कहा कि शिकायत में कोई दम नहीं है और शिकायत को खारिज करके लोकतंत्र को बचाया जाना चाहिए।' शिवकुमार ने कहा कि पूरी सरकार और कैबिनेट सिद्धारमैया के साथ है।
राजनीतिक बयानबाजी शुरू
कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा कथित MUDA घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही संवैधानिक पदों का राजनीतिकरण हो रहा है। हर चीज पर संदेह और प्रश्नचिह्न है। जब भी राज्यपाल कुछ करते हैं, तो उस पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है। मुझे यकीन है कि इसमें कुछ भी नहीं है। अनावश्यक चीजों का राजनीतिकरण करना गलत है।'
कांग्रेस विधायक अजय धरम ने कहा कि 'हमें पहले से ही इसकी आशंका थी। हम जानते थे कि केंद्र सरकार हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की लोकप्रियता को पचा नहीं पा रही है। इसलिए अब वे अलग रास्ते पर चल रहे हैं, लेकिन इसमें कुछ नहीं होने वाला। इसमें कुछ नहीं निकलेगा। हम अदालत जाएंगे। हम सीएम के साथ खड़े हैं।'
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि 'राज्यपाल द्वारा मुडा मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे की मंजूरी देने की साजिश केंद्र सरकार द्वारा रची गई है। जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को कमजोर करने के लिए राजभवन का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य के संवैधानिक प्रमुख द्वारा अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए संविधान संकट पैदा करने की कोशिश की जा रही है। केंद्र सरकार यहां पूरा जोर लगा सकती है, लेकिन हम मजबूती से खड़े हैं और हमारे पक्ष में देश का संविधान है।'
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गृह मंत्री ने कहा- 'ऊपर से था दबाव'
मीडिया से बात करते हुए गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि 'यह साफ है कि ऊपर से दबाव था। ऐसा कोई सबूत नहीं है कि मुख्यमंत्री ने कोई निर्देश या मौखिक तौर पर भी कोई निर्देश दिया हो। इसके बावजूद मुख्यमंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।' जी परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री कानूनी तौर पर इस लड़ाई को लड़ेंगे। उन्होंने आरोपल लगाया कि 'हमने राज्यपाल के कारण बताओ नोटिस पर हर छोटी से छोटी बात को विस्तार से समझाया था। अगर इसके बाद भी राज्यपाल ने मुकदमे की मंजूरी दी तो इससे साफ है कि उन पर ऊपर से दबाव था।'
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गृह मंत्री ने कहा कि 'हम शुरू से ही कह रहे हैं कि राज्यपाल कार्यालय का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है और अब ये बात साबित हो गई है।' परमेश्वर ने कहा कि सिद्धारमैया अपनी कानूनी सलाहकार टीम से चर्चा करेंगे और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे।
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#WATCH कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा कथित MUDA घोटाले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "पूरा मंत्रिमंडल, पार्टी हाईकमान, सभी विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सांसद मेरे साथ हैं..." pic.twitter.com/W6JC36CzMk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 17, 2024
सीएम सिद्धारमैया बोले- पार्टी हाईकमान मेरे साथ
राज्यपाल द्वारा मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'पूरा मंत्रिमंडल, पार्टी हाईकमान, सभी विधायक, एमएलसी, लोकसभा और राज्यसभा सांसद मेरे साथ हैं। वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, '1 अगस्त को हमने कैबिनेट की बैठक की और राज्यपाल से निर्णय वापस लेने की मांग की। हमने उनसे यह भी कहा कि शिकायत में कोई दम नहीं है और शिकायत को खारिज करके लोकतंत्र को बचाया जाना चाहिए।' शिवकुमार ने कहा कि पूरी सरकार और कैबिनेट सिद्धारमैया के साथ है।
राजनीतिक बयानबाजी शुरू
कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा कथित MUDA घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'भाजपा के सत्ता में आने के बाद से ही संवैधानिक पदों का राजनीतिकरण हो रहा है। हर चीज पर संदेह और प्रश्नचिह्न है। जब भी राज्यपाल कुछ करते हैं, तो उस पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग जाता है। मुझे यकीन है कि इसमें कुछ भी नहीं है। अनावश्यक चीजों का राजनीतिकरण करना गलत है।'
कांग्रेस विधायक अजय धरम ने कहा कि 'हमें पहले से ही इसकी आशंका थी। हम जानते थे कि केंद्र सरकार हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की लोकप्रियता को पचा नहीं पा रही है। इसलिए अब वे अलग रास्ते पर चल रहे हैं, लेकिन इसमें कुछ नहीं होने वाला। इसमें कुछ नहीं निकलेगा। हम अदालत जाएंगे। हम सीएम के साथ खड़े हैं।'
कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि 'राज्यपाल द्वारा मुडा मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमे की मंजूरी देने की साजिश केंद्र सरकार द्वारा रची गई है। जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को कमजोर करने के लिए राजभवन का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य के संवैधानिक प्रमुख द्वारा अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए संविधान संकट पैदा करने की कोशिश की जा रही है। केंद्र सरकार यहां पूरा जोर लगा सकती है, लेकिन हम मजबूती से खड़े हैं और हमारे पक्ष में देश का संविधान है।'