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Hijab Row: सरकारी स्कूलों में हिजाब पहनकर परीक्षा देने की इजाजत मांगी, सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला
Thu, 23 Feb 2023 12:18 AM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 23 Feb 2023 12:18 AM IST
सार
कर्नाटक की राज्य सरकार ने पांच फरवरी 2022 को हिजाब पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया था। इसे मुस्लिम लड़कियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद शीर्ष अदालत में कई अपील दायर की गई थी।
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Karnataka Hijab Row
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कर्नाटक में हिजाब से जुड़ा मामला फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस बार छात्राओं ने हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में लड़कियों को हिजाब पहनकर परीक्षा में बैठने की अनुमति देने संबंधी याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ को बताया गया कि हिजाब पर प्रतिबंध के मुद्दे पर शीर्ष अदालत के खंडित फैसले के बाद लड़कियों को हिजाब पहनकर नौ मार्च से शुरू होने वाली परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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वकील शादान फरासत ने कहा कि वे हिजाब पहनती हैं। यदि वे हिजाब पहने होती हैं, तो उन्हें परीक्षा हॉल के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। केवल उस सीमित पहलू पर कोर्ट इसे सोमवार या शुक्रवार को सूचीबद्ध करने पर विचार कर सकती है। फरासत ने बताया कि हिजाब पहनने पर प्रतिबंध के कारण कुछ लड़कियां निजी संस्थानों में चली गई हैं, लेकिन उन्हें सरकारी संस्थानों में अपनी परीक्षा देनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर अनुमति नहीं दी गई तो उनका एक और साल खराब हो सकता है। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि हम मामले का संज्ञान लेंगे।
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सुप्रीम कोर्ट की पीठ के दोनों जजों की थी अलग राय
जस्टिस हेमंत गुप्ता (अब सेवानिवृत्त) और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ के खंडित फैसले की वजह से हाईकोर्ट का फैसला अब भी प्रभावी है। पिछले साल 13 अक्तूबर को खंडित फैसले के चलते हिजाब विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो पाया था। दोनों न्यायाधीशों ने मामले को एक वृहद पीठ के समक्ष रखने का सुझाव दिया था। कोर्ट ने पिछले महीने कहा था कि वह कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध से संबंधित मामले में फैसला सुनाने के लिए तीन न्यायाधीशों की पीठ गठित करने पर विचार करेगा।
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कर्नाटक सरकार ने जारी किया था आदेश
कर्नाटक की राज्य सरकार ने पांच फरवरी 2022 को हिजाब पर प्रतिबंध संबंधी आदेश जारी किया था। इसे मुस्लिम लड़कियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद शीर्ष अदालत में कई अपील दायर की गई थी।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रतिबंध जारी रखा था
इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने 15 मार्च, 2022 को फैसला सुनाते हुए हिजाब पर प्रतिबंध जारी रखा था। इसके खिलाफ कई याचिकाएं शीर्ष कोर्ट में दाखिल की गई थीं। कोर्ट के एक जज जस्टिस गुप्ता ने हाईकोर्ट को चुनौती देने वाली अपीलें खारिज कर दी थी। वहीं, दूसरे जज न्यायमूर्ति धूलिया ने कहा था कि स्कूलों और कॉलेजों में कहीं भी हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।