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Karnataka High Court: ऑनलाइन सट्टेबाजी पर रोक वाले कानून को चुनौती, कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
Sun, 31 Aug 2025 07:12 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, बंगलूरू
एजेंसी, बंगलूरू
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 31 Aug 2025 07:12 AM IST
सार
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कानून लागू होते ही हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा और उद्योग बर्बाद हो जाएगा। इस कानून के चलते रातोंरात हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी। याचिकाकर्ताओं ने कानून को असांविधानिक बताते हुए कहा कि यह अचानक और बिना परामर्श के लाया गया है।
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कर्नाटक उच्च न्यायालय
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए पर रोक लगाने वाले ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन अधिनियम, 2025 को अदालत में चुनौती दी गई है। इस कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है।
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याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कानून लागू होते ही हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा और उद्योग बर्बाद हो जाएगा। इस कानून के चलते रातोंरात हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी। याचिकाकर्ताओं ने कानून को असांविधानिक बताते हुए कहा कि यह अचानक और बिना परामर्श के लाया गया है। इससे दो लाख से ज्यादा कर्मचारियों की नौकरी और हजारों करोड़ के निवेश पर संकट मंडरा रहा है। याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कौशल आधारित गेम को वैध व्यवसाय माना है, ऐसे में अचानक प्रतिबंध न तो उचित है और न ही सांविधानिक। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस बीएम श्याम प्रसाद की पीठ ने केंद्र को जवाब दाखिल करने का समय दिया।
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