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Karnataka: अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, पीड़िताओं के नाम लेने से किया मना

Thu, 19 Sep 2024 03:38 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 19 Sep 2024 03:38 PM IST
सार

अदालत ने फॉरेंसिक रिपोर्टों के निष्कर्षों पर सवाल उठाया। विशेष लोक अभियोजक प्रोफेसर रविवर्मा कुमार ने बताया कि याचिकाकर्ता की धमकियों और पीड़ितों को चुप कराने के प्रयासों के कारण शिकायत दर्ज कराने में देरी उचित थी। 
 

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Karnataka High Court reserves verdict on Prajwal Revanna bail plea in sexual assault case news in hindi
प्रज्वल रेवन्ना - फोटो : Instagram/iprajwalrevanna

विस्तार

कर्नाटक हाई कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल (एस) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका पर गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। जस्टिस एम नागाप्रसन्ना की एकल-न्यायाधीश पीठ ने पहले मामले में रेवन्ना के आवेदन पर और शिकायतों से संबंधित दो अग्रिम जमानत पर दलीलें सुनीं। सुनवाई के दौरान अदालत ने वकीलों से पीड़िताओं के नाम का जिक्र करने से मना किया। रेवन्ना की ओर से वरिष्ठ वकील प्रभुलिंग के नवदगी पेश हुए। वकील नवदगी ने कहा कि आरोप मुख्य रूप से रेवन्ना के पिता पर लगे हैं। इसके साथ उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता ने परिवार के लिए चार वर्षों तक काम किया। उन्होंने चार वर्षों तक मामला दर्ज दर्ज न करने पर चिंता जताई। 
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वकील नवदगी ने कहा कि महिला ने दावा किया कि जब उसके पति ने उसे एक वीडियो के बारे में बताया, तब उसे आवाज उठाने की हिम्मत मिली। उसने पहले आईपीसी की धारा 376 के तहत दुष्कर्म का आरोप नहीं लगाया। उन्होंने आगे कहा, "फॉरेसिक रिपोर्ट ने भी वीडियो को रेवन्ना से नहीं जोड़ा।" उन्होंने इस बात से इनकार किया कि रेवन्ना के फोन पर कोई आपत्तिजनक वीडियो पाया गया था। 
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अदालत ने फॉरेंसिक रिपोर्टों के निष्कर्षों पर सवाल उठाया। विशेष लोक अभियोजक प्रोफेसर रविवर्मा कुमार ने बताया कि याचिकाकर्ता की धमकियों और पीड़ितों को चुप कराने के प्रयासों के कारण शिकायत दर्ज कराने में देरी उचित थी। 
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क्या था मामला?
बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री  एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं। उन पर  कई महिलाओं से यौन शोषण का आरोप है। प्रज्ज्वल हासन लोकसभा सीट के सांसद थे। उन्होंने इस साल हासन से एनडीए उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 26 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले सोशल मीडिया पर कई अश्लील वीडियो वायरल हुए थे। हासन में मतदान के ठीक एक दिन बाद, 27 अप्रैल को प्रप्रज्वल जर्मनी चले गए थे। सीबीआई ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। एजेंसी के द्वारा प्रज्वल के ठिकानों का पता लगाया जा रहा है। यौन शोषण और दुष्कर्म के मामले में विशेष अदालत ने हासन सांसद के खिलाफ 18 मई को गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था। 31 मई को जैसे ही प्रज्वल बंगलूरू के कैंपेगौड़ा एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो एसआईटी ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। 


उनके खिलाफ पहली शिकायत उनके घर पर काम करने वाली घरेलू सहायिका के आरोप के आधार पर दर्ज की गई थी। पीड़िता विधायक की पत्नी भवानी की रिश्तेदार भी थी। उसने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार यौन उत्पीड़न किया गया।
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