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Karnataka: सिद्धारमैया सरकार और राजभवन के बीच गतिरोध, राज्यपाल ने मांगी CM के मौखिक निर्देश पर काम की रिपोर्ट

Thu, 19 Sep 2024 05:52 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 19 Sep 2024 05:52 PM IST
सार

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य की कांग्रेस के सरकार से एक विशेष रिपोर्ट मांगी है, इसके अनुसार राज्य में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कहने पर किए गए कामों की रिपोर्ट राज्यपाल को उपलब्ध कराई जाए।

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Karnataka Guv seeks report from govt on works undertaken purportedly on CM's verbal instruction
सिद्धारमैया सरकार और राजभवन के बीच गतिरोध - फोटो : ANI

विस्तार

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण की तरफ से मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के वरुणा निर्वाचन क्षेत्र और श्रीरंगपट्टनम में कथित तौर पर मौखिक निर्देश पर नियमों का उल्लंघन कर 387 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाने के संबंध में सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामले में राज्यपाल गहलोत ने मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को पत्र लिखकर इस संबंध में प्रस्तुत विस्तृत प्रतिवेदन का हवाला दिया है तथा आरोप को गंभीर प्रकृति का बताया है।
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राज्यपाल ने सीएम के खिलाफ दी है जांच की अनुमति
यह पत्र ऐसे समय में आया है जब राज्यपाल ने 16 अगस्त को सिद्धरमैया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत जांच की अनुमति दी थी। जांच की यह इजाजत एमयूडीए भूखंड आवंटन मामले के संबंध में प्रदीप कुमार एसपी, टीजे अब्राहम और स्नेहमयी कृष्ण की याचिकाओं में उल्लिखित कथित अपराधों के लिए दी गयी थी।
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मैसूर के शख्स ने राज्यपाल से की थी शिकायत
राज्यपाल ने पत्र में कहा कि मैसूर के पीएस नटराज नाम के शख्स ने 27 अगस्त को उन्हें एक शिकायत सौंपा है, जिसमें उसने बताया है कि एमयूडीए ने मुख्यमंत्री के मौखिक निर्देश पर वरुणा और श्रीरंगपट्टनम निर्वाचन क्षेत्र में कर्नाटक शहरी विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 15 और 25 का उल्लंघन करते हुए 387 करोड़ रुपये के कार्य किए हैं।
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मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग
 वहीं याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि प्राधिकरण में धनराशि उपलब्ध न होने के बावजूद मौखिक निर्देश पर निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, इसके अलावा, आरोप लगाया कि ऐसा करके प्राधिकरण ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है और उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने का अनुरोध किया। इस पर राज्यपाल ने कहा, चूंकि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए मामले की जांच करने और दस्तावेज के साथ विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाता है।


मुडा मामले में कर्नाटक HC ने सुरक्षित रखा फैसला
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 12 सितंबर को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की उस याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी जिसमें मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) मामले में उनके खिलाफ अभियोग चलाने के लिए राज्यपाल गहलोत की तरफ से दी गई मंजूरी की वैधता को चुनौती दी गई थी। अदालत ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया। वहीं मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने 19 अगस्त को राज्यपाल के आदेश की वैधता को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

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