फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Karnataka Guv Gehlot reserves temple bill for Presidential assent

कर्नाटक: राज्यपाल ने मंदिर बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए रखा सुरक्षित; जानें इसमें क्या हैं प्रावधान

Sat, 24 May 2025 07:36 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलूरू Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 24 May 2025 07:36 PM IST
सार

मंदिर बिल के नए प्रावधानों के तहत, 10 लाख तक आय वाले मंदिरों को अब परिषद को धन नहीं देना होगा। 10 लाख से एक करोड़ तक आय वाले मंदिरों से 5 प्रतिशत और एक करोड़ से अधिक आय वाले मंदिरों से 10 प्रतिशत धनराशि ली जाएगी।

विज्ञापन
Karnataka Guv Gehlot reserves temple bill for Presidential assent
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान एवं धर्मार्थ निधि (संशोधन) बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए सुरक्षित रखा है। यह बिल कम आय वाले मंदिरों में सेवारत पुजारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस विधेयक को कर्नाटक विधानसभा ने 6 मार्च, 2024 को पारित किया था और 16 मई, 2025 को राज्यपाल के पास फिर से प्रस्तुत किया गया। धार्मिक निधि विभाग के एक सूत्र ने बताया कि इसका उद्देश्य अधिक आय वाले मंदिरों से धन एकत्र करके कम आय वाले मंदिरों के पुजारियों के जीवनस्तर को सुधारना है।

विज्ञापन


धार्मिक एंडोमेंट मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि राज्य में 3,000 सी-ग्रेड मंदिर हैं, जहां से धार्मिक परिषद को कोई धन नहीं मिलता। बी-ग्रेड मंदिरों (5 लाख से 25 लाख आय) से 5 प्रतिशत और 25 लाख से अधिक आय वाले मंदिरों से 10 प्रतिशत धनराशि परिषद को दी जाती है। 
विज्ञापन


नए प्रावधानों के तहत, 10 लाख तक आय वाले मंदिरों को अब परिषद को धन नहीं देना होगा। 10 लाख से एक करोड़ तक आय वाले मंदिरों से 5 प्रतिशत और एक करोड़ से अधिक आय वाले मंदिरों से 10 प्रतिशत धनराशि ली जाएगी। यह राशि धार्मिक परिषद को दी जाएगी, जिससे राज्य के 40,000 से 50,000 पुजारियों को सहायता प्रदान की जाएगी। अब बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे छोटे मंदिरों के पुजारियों को बेहतर वित्तीय सहायता मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed