{"_id":"66b9ea06c5d1f29a950dab24","slug":"karnataka-govt-to-form-expert-panel-to-assess-condition-of-all-dams-in-state-2024-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka: 'बांधों की स्थिति का आकलन करेगी विशेष समिति', तुंगभद्रा जलाशय का गेट टूटने के बाद बोले शिवकुमार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka: 'बांधों की स्थिति का आकलन करेगी विशेष समिति', तुंगभद्रा जलाशय का गेट टूटने के बाद बोले शिवकुमार
Mon, 12 Aug 2024 04:25 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 12 Aug 2024 04:25 PM IST
सार
Karnataka: शिवकुमार ने कहा कि कल उन्होंने तुंगभद्रा बांध का दौरा किया और तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने कहा, मैंने ठेकेदारों से बात की है और हमने डिजाइन भेज दिए हैं। चार से पांच दिनों में हम इसे दुरुस्त करने की कोशिश करेंगे।
विज्ञापन
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सोमवार कहा कि सरकार राज्य के सभी बांधों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर रही है। उनकी यह टिप्पणी तुंगभद्रा बांध के एक गेट के बह जाने की पृष्ठभूमि में आई है। शिवकुमार राज्य के जल संसाधन मंत्री भी हैं।
विज्ञापन
शुक्रवार की रात टूटा तुंगभद्रा बांध का 19वां गेट
उन्होंने कहा कि तुंगभद्रा बांध के क्रेस्ट गेट को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। इस मुद्दे पर किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। तुंगभद्रा बांध का कोप्पल जिला मुख्यालय शहर के पास एक गेट (19वां गेट) शुक्रवार की रात को टूट जाने के कारण बह गया था। जिसके बाद भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया था और निचले इलाकों को अलर्ट पर रखा गया था।
विज्ञापन
चार से पांच दिनों में दुरुस्त करेंगे
शिवकुमार ने कहा, "कल मैंने तुंगभद्रा बांध का दौरा किया और तत्काल कार्रवाई की। मैंने ठेकेदारों से बात की है और हमने डिजाइन भेज दिए हैं। चार से पांच दिनों में हम इसे दुरुस्त करने की कोशिश करेंगे। हम अपने किसानों के लिए कम से कम एक फसल को बचाना चाहते हैं। हम इसके लिए सभी जरूरी उपाय कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भी कल वहां का दौरा कर रहे हैं। मैंने एक तकनीकी टीम के साथ भी चर्चा की है।"
विज्ञापन
'विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा'
पत्रकारों के साथ बातचीत में उप मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा हूं कि यह खतरा नहीं था। सत्तर वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है। लेकिन किसानों सहित किसी को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, हम सभी बांधों की सुरक्षा के लिए एक समिति बनाएंगे और उन्हें सभी बांधों में भेजेंगे। कुछ दिनों में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। उसे सभी बांधों का दौरा करने और आकलन के बाद रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा जाएगा।"
'19वें गेट से बह रहा 35 हजार क्यूसेक पानी'
रविवार को बांध का दौरा करने के बाद शिवकुमार ने कहा था कि बांध के ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए वे सभी गेट खोल दिए गए हैं, जहां से 38 हजार क्यूसेक पानी पड़ोसी आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए छोड़ा जा रहा है, जबकि पानी 28 हजार क्यूसेक है। उन्होंने यह भी कहा था कि छोड़े जा रहे 38 हजार क्यूसेक पानी में से 35 हजार क्यूसेक पानी 19वें गेट से ही बह रहा है।