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Karnataka: पूर्व सीएम येदियुरप्पा की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक, 17 जून को CID के सामने पेश होने के निर्देश
Fri, 14 Jun 2024 05:11 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 14 Jun 2024 05:11 PM IST
सार
Karnataka: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को पॉक्सो मामले में गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। वहीं हाईकोर्ट ने येदियुरप्पा को निर्देश देते हुए कहा कि मामले में 17 जून को CID के समक्ष पेश हों।
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदिरुप्पा।
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को राहत देते हुए पॉस्को केस में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेता को हाईकोर्ट ने 17 जून को सीआईडी के सामने पेश होने का आदेश दिया है। बता दें कि मंगलवार को बंगलूरु की एक अदालत ने पॉस्को केस में पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। दरअसल इसी साल 14 मार्च को येदियुरप्पा के खिलाफ पॉस्को एक्ट का केस दर्ज हुआ था। मामले में सीआईडी की विशेष जांच दल ने गिरफ्तारी के वारंट के लिए पहले फास्ट ट्रैक कोर्ट का रुख किया था क्योंकि वो बुधवार को पूछताछ के लिए नहीं उपस्थित हुए थे। जानकारी के मुताबिक येदियुरप्पा ने जांच में शामिल होने के लिए समय मांगा था।
मामले में येदियुरप्पा ने हाईकोर्ट में की थी अपील
पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हाई कोर्ट में अपील की कि इस मामले को रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध के साबित करने के लिए कुछ नहीं है। बता दें कि एक महिला ने बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के पूर्व सीएम ने उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
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पीड़िता के भाई ने की थी कार्रवाई की मांग
इस मामले में पीड़िता के भाई ने इस सप्ताह की शुरुआत में अदालत में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हालांकि मामला 14 मार्च को दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है। याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की कि येदियुरप्पा को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। मार्च में सदाशिवनगर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद, कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक आलोक मोहन ने इसे आगे की जांच के लिए सीआईडी को सौंपने का आदेश जारी किया था। अप्रैल में सीआईडी ने येदियुरप्पा को कार्यालय में बुलाकर उनकी आवाज का नमूना एकत्र किया था।
जाने क्या है पूरा मामला
पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना दो फरवरी को एक बैठक के दौरान हुई। येदियुरप्पा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके घर आई थी। वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। पूर्व सीएम ने आगे कहा, मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया। कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने को कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी। मैंने यह मामला पुलिस कमिश्नर के ध्यान में लाया है। येदियुरप्पा ने कहा वह यह नहीं कहेंगे कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।
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#WATCH | Sandeep C Patil, advocate appearing for former Karnataka CM and senior BJP leader BS Yediyurappa says, "We had approached the High Court. We had brought the petition challenging the malafide action on the part of the investigating agencies. The court was today of the… pic.twitter.com/AbrxnV22Gp
— ANI (@ANI) June 14, 2024विज्ञापन
मामले में येदियुरप्पा ने हाईकोर्ट में की थी अपील
पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हाई कोर्ट में अपील की कि इस मामले को रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि उनके खिलाफ अपराध के साबित करने के लिए कुछ नहीं है। बता दें कि एक महिला ने बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कर्नाटक के पूर्व सीएम ने उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने येदियुरप्पा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
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पीड़िता के भाई ने की थी कार्रवाई की मांग
इस मामले में पीड़िता के भाई ने इस सप्ताह की शुरुआत में अदालत में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हालांकि मामला 14 मार्च को दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है। याचिकाकर्ता ने प्रार्थना की कि येदियुरप्पा को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए। मार्च में सदाशिवनगर पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद, कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक आलोक मोहन ने इसे आगे की जांच के लिए सीआईडी को सौंपने का आदेश जारी किया था। अप्रैल में सीआईडी ने येदियुरप्पा को कार्यालय में बुलाकर उनकी आवाज का नमूना एकत्र किया था।
जाने क्या है पूरा मामला
पीड़िता की मां ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना दो फरवरी को एक बैठक के दौरान हुई। येदियुरप्पा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके घर आई थी। वह रोते हुए कह रही थी कि कुछ समस्या है। पूर्व सीएम ने आगे कहा, मैंने उससे पूछा कि मामला क्या है और मैंने खुद पुलिस को फोन किया। कमिश्नर को मामले की जानकारी दी और उनसे उसकी मदद करने को कहा। बाद में महिला मेरे खिलाफ बोलने लगी। मैंने यह मामला पुलिस कमिश्नर के ध्यान में लाया है। येदियुरप्पा ने कहा वह यह नहीं कहेंगे कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद है।