Karnataka: सिद्धारमैया बोले- जाति से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं मुद्दे, पार्टी आलाकमान तय करेगा कौन बनेगा सीएम
पूर्व सीएम ने भाजपा पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक की जनता भाजपा सरकार को अब रास्ता दिखाना चाहती है। भाजपा अब पिछले पांच सालों की तरह जनता को गुमराह नहीं कर सकती। 2013 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला
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कर्नाटक में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी बढ़ता जा रहा है। सोमवार को कांग्रेस नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि 2018 विधानसभा चुनावों के दौरान फर्जी प्रोपेगैंडा चलाया गया था कि वह हिंदू विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा पेश किया कि मैं हिंदुओं के विश्वास के खिलाफ हूं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
स्वस्थ कंपटीशन ठीक है
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी इच्छा जताई है, इसमें कुछ गलत नहीं है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ठीक है। अगर मैं सीएम पद के लिए आस रखता हूं, इसमें भी कुछ गलत नहीं है। हेल्दी कंपटीशन सही है। आखिरकार, मुख्यमंत्री पद का फैसला पार्टी आलाकमान और विधायक ही करेंगे।
भाजपा के झूठे प्रचार पर अब जनता का भरोसा नहीं
पूर्व सीएम ने भाजपा पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि कर्नाटक की जनता भाजपा सरकार को अब रास्ता दिखाना चाहती है। भाजपा अब पिछले पांच सालों की तरह जनता को गुमराह नहीं कर सकती। 2013 विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को स्पष्ट जनादेश मिला। मैं मुख्यमंत्री बना, मेरी सरकार ने 2013 से 2018 तक पांच सालों में बेहतर काम किया। लेकिन भाजपा के फर्जी प्रोपेगैंडा चलाया। उन्होंने मुझे हिंदू विरोधी और बहुसंख्यक के खिलाफ बताया। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। लेकिन जनता इस बार उनके प्रोपेगैंडा पर विश्वास नहीं करेगी, क्योंकि वह जानते हैं कि भाजपा के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। भाजपा ने 2018 चुनावों में राज्य के जनादेश को झूठे प्रचार से प्राप्त कर लिया था, लेकिन इस बार ऐसा करना मुश्किल होगा।
स्थानीय मुद्दों पर होंगे चुनाव
सिद्धारमैया का कहना है कि राज्य की जनता जाति से ज्यादा मुद्दों पर तवज्जो देती है। आज हमारे पास कई मुद्दे हैं, शिक्षा, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, जो जाति से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि यह मेरे और पीएम मोदी के बीच चुनाव नहीं है। यह स्थानीय मुद्दों का चुनाव है, विधानसभा का चुनाव है, संसदीय चुनाव नहीं है। स्थानीय लोग मुद्दों पर चर्चा करेंगे।